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कैसा रहा 'पिंक' से 'अस्सी' तक का सफर? आजतक के मंच पर तापसी पन्नू ने किया शेयर
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00:00सब सफर की बात करते हैं जब भी कोई सफल हो जाता है
00:04लेकिन मुझे लगता है कि तापसी की सफलता से ज्यादा बड़ी यह चीज है
00:08कहां से आकर कहां तक पहुँची में फिल्म कितना महत्वपूर्ण है
00:13और ये बात कितना महत्वपूर्ण है कि वो हक और हिम्मत की आवाज भी बनी
00:18तो इसलिए मुझे लगता है कि एक अभिनेत्री का स्वागत आप नहीं कर रहे हैं
00:23एक आवाज का इस्तक्बाल कर रहे हैं आज लखनव में
00:29तो तालियों में उस अभिवादन उस अभिनंदन को शामिल करिए
00:35ये भी एक तरह का सफर था शायद सफर करने का सफर था यहां तक पहुँचने का
00:43अभिशा तापसी एक चीज कही जाती है ने फिल्में एंटर्टेन्मेंट या मेसेज और मुझे लगता है कि बिना एंटर्टेन्मेंट के मेसेज भी नहीं पहुँच सकता है
00:52तो दोनों एक दूसरे के साथ रहते हैं आपको पता होना जी कितनी मातरा में क्या चीज मिलाना है
00:58जी बिल्कुल क्योंकि माने या ना माने अगर कोई इंसान दो घंटा एक टिकेट लेके थीटर में अपने परिवार दोस्तों सही होगी के साथ बैठा है कोई देख रहा है
01:11तो सिरफ ग्यान लेने के लिए तो नहीं आये हैं तो उसको कहानी में कैसे पिरोग के उसको कैसे हम प्रेजेंट करते हैं एक एंटरेटेनिंग थरीके से
01:21अब एंटरेटेनिंट की डेफिनेशन सिरफ गाने और नाचने तक सीमित नहीं है मेरे हिसाब से
01:27जो भी आपको एंगेज करके रखता है जो भी आपको पकड़के रखता है आपको महसूस कराता है कि आप इस कहानी का हिस्सा हो गए हैं और चलते चले जाते हैं आप उसकी कहानी के साथ दो ड़ाई गंटे तक तो आइफिल यह भी एक एंटरेटेनिंग तरीका है कोई बात
01:57बांद कर रख सके आपको उठने नदेल क्योंकि बिल्कुल यह अगर आप अपनी फिल्म के बारे में बता सकें सबने ट्रेलर देखकर बहुत कुछ पता चलता है कई इंटिव्यूस भी आपके देखें लेकिन आपकी जुबान से क्योंकि तापसी पन्नू के सामने जब यह
02:27अब हमने जहां पिंक छोड़ी थी
02:57हम वहां से असी उठा रहे हैं
02:59मुझे ऐसा लगता है क्योंकि दोनों पिक्चरों का हिस्सा थी मैं
03:02अब बात हो रही है ऐसे आंकड़ों कि जो रिपोर्टे आंकड़े हैं
03:06जो पूरे देश में अक्चुली जादा होते हैं
03:09हमने एक आवरेज लेके उसको थोड़ा सा
03:12राउन फिगर करके व्याचे तो 81 तो 86 बोला जाता है एक दिन में
03:17रिपोर्टे रेप केसे इन इंडिया बड़ हमने का ऐसी चलिए
03:21कि छिए ऐक किसी दिन की किसी बहतर दिन असी होंगे वह मान के चलते हैं
03:27असी रेप केसिज पर डे का जब अंकड़ा सामने आता है तौ दो चीजे लगती हैं
03:32या तो इतने सारे पढ़ लिए दिन के अंदर कि अब लगता है अब तो हसा हो गया ना मानगे बैट जाते हैं
03:38अब यह है तो अन्होरी प्राइक सहाई हो चुकी है तो पर धेक है
03:43अब अगर आपके सामने वह अब आपको पीछे ने पापको करने देर और नीस
03:50आपको उसके साथ एक बारी जर्नी उसकी दिखाएं अपने साथ चलके
03:55कि actually में होता क्या है
03:57जब एक बारी हो जाती है यह हाथसा
03:59उसके बाद वो उरत के साथ क्या होता है
04:01वो क्या करती है
04:02law उसके साथ क्या करता है
04:04या police उसके साथ क्या करती है
04:07but most importantly
04:09आप और हम उसके साथ क्या करते हैं क्योंकि 80 जब cases हो जाते हैं और उन cases के अंदर जो accused हैं वो शायद 10, 11, 13 साल के उमर के लड़के भी हैं जो अभी हाली में case हुआ था जो जिसमें 6 साल की लड़की का रेप कर दिया था 10, 11, 13 साल के लड़कों ने तो अब ये पुलीस और को�
04:39कि देखिए कि मानना दो पड़ेगा कुछ रख गया कुछ
05:04के शॉह कि हम ने कही तो हमारी अबर्णिंग में कुछ
05:09तो हमारे लड़कों को लगा कि ये करना ठीक है, तो बात आपकी और हमारी हो गए, क्योंकि जो असी केसे हैं, जो कि समझ लीजे कुछ 30-35 हजार एक साल में, तो अगर वो 30-35 हजार और एक साल में, आप इमेजन करो, एक स्टेडियम भर सकता है, I think यहां की पोपिलेशन से इस
05:39कर रही हूं, तो अब यह ऐसी बात हो गई थी, कि आप यह सामने लाके रखने की जुरूवत मैसूस होई अनुभाफ सर को, जब वो लिख रहते हैं, कि हमने बहुत कन्विनियंटली साइड कर दिया, कि हमारे घर में नहीं हुआ ना, हमारे लड़के नहीं किया, हमारी लड
06:09सकती ती, कि यह सकती ते तो यह वाले सवाल आभी दूसरे से पूशने भढ़ेंगे, क्योंकि यह जो नंबर है, यह बहुत ही शरमनाक नंबर है, हमारे समाज के लिए मुझा लगए है, जितना ज़ाधा अपको शॉकिंग उस चीज को कर देता है, उसके साद ही बत दितने स
06:39तो आप यह क्राइम समझे तो सही, यह तो मानसिक्ता वाला एक जेंडर का, दूसरे जेंडर के ओपर यह मानसिक्ता वाला क्राइम है, कि आप अपना पावर एक्जेक्ट कर रहे हैं दूसरे के ओपर, जो एक human level पे, एक माँ अपने बेटे को ऐसा क्या सिखा रही है कि उसको �
07:09इसलिए हमें लगा एक फिल्म बनाके, शायद घरो को दिखाई जाए, कि उनको लगे, शायद आपस में गुसरे को बात करें, को यह बात करना शुरू करना पड़ेगा, नहीं तो यह नंबर कम नहीं हो रहा है, यह बढ़ते ही जा रहा है, इसमें आपकी फिल्म याद आ ज
07:39मेसेज गई है, छोड़ना नहीं है, क्योंकि वह एक फपड की बात नहीं थी, वह फपड तो एक ट्रिगर था, जिसने आपको मुड़ के देखा, कि मैंने तो बहुत सारे चीज़ें हाँ चलता है, हाँ चलता है, करके शायद जाने दी, कि एक समय ऐसा आया, कि मैंने मान लि
08:09कर रहे हैं, I hope, फिल्म से चीजें चेंज नहीं होती, अगर ऐसा होता तो चाहिद पिंग के बाद, मॉलेस्टेशन तक बंद हो जाते, सक्सेस्फुल फिल्म होने के बावजूद ऐसा तो नहीं है, वह रोक पाई चीजे, बढ़ हाँ, का अच्छा ऐसा दिखाया होना चाहि
08:39इससे, मुझे लगता है कि जो एक बड़ा पेट्रियोटिक डिबेट भी होता है, कि आप हिंदुस्तानी होने में गर्व फील करते हैं, देखिए दुनिया में सारे दिशों में होता है, Epstein files अभी जब सब के सामने खुल रही हैं, तो आप शॉक होते जा रहे हैं उसकी हर ए
09:09एक तो ना मुझे आईरनी ये भी लगती है, हम पूछते भी देवी हैं और हम फिर लड़कियों को अपनी बोलते हैं कि देखिए आप भी देवी हैं, तो जिम्मेदारी आप पे है, कि आप नहीं निकलेंगी घर से बाहर लेट, आप नहीं गलत कपड़े पहनेंगी लड़
09:39हो जाती हैं, और हमें लगता है कि अरे हां हम तो देवी हैं, हमारी जिम्मेदारी हमारी ही है, कि हम इजदत हमारी ही हाथ में हैं, और इस चकर में हम एक नॉमल लड़की की जिंदगी वतीत करना भूल जाते हैं, एक नॉमल इंसान की जिंदगी वतीत करना भूल जाते हैं,
10:09क्योंकि यह actually मैं बात करती है आने वाली PD से, कि हमने तो बहुत गलत किया, शायर ठीक ना हो पाए,
10:17but you need to do something better, we have failed, you need to change things, यह उस तरह की गुहार है एक तरह की आने वाली PD से.
10:27और एक और चीज़ है, यह लड़के वर्सेज लड़किया नहीं है, यह एक ही टीम पे हैं सब, यह दो पही हैं, साथ में नहीं जलेंगे तो फिर आगर नहीं बड़ेगी गार, वरना डिरेक्टर तु मेल है, जी, मेरी आप देखिए, फिल्मोग्रफी अगर लोगों को लगत
10:57हो गई, थपड, and now this, so, मैं तो कभी भी नहीं कह सकती, कि यह सिरफ ओरतों का काम है, जब तक हमारे को, मर्दों का साथ नहीं मिलेगा, तो यह साथ में नहीं चल पाएंगे हम, यह तो चाहिए हमें, पर अनुभव सिना के साथ का एक्सपिरिश, अनुभव कैसा, जी, sort of a trilogy ह
11:27कि आप दोनों दुबारा साथ आएंगे, तो कुछ expectation हो जाती है, वो अच्छी भी लगती है कभी, obviously pressure भी लगता है कभी, बट यह अच्छा pressure है, क्योंकि यह दर्शा आता है कि जनता को कुछ तो पसंद आया होगा पहले, जो उनको उमीद है कि हम उनको निराश नहीं करेंग
11:57खुद का नुकसान हो रहा हो, कभी-कभी लगता है कि चलो ठीक है, इतना भी करके क्या ही, क्या ही जीत लेंगे, ideologically चलते हैं, थोड़ा सा तो शायद रात को नीन अच्छी आएगी, तो वो हम दोनों शायद मानते हैं, मतलब किस चीज को लेकर यह, मतलब किसी भी चीज, आ
12:27यह मैंने दस साल पहले बेवी और नाम शेबाना में कर लिया था, अब मैं बहती गंगा में इसलिए हाथ दो दूँ क्योंकि अभी यह अच्छा ट्रेंड चल रहा है, अब वो अपने आपको मैं रिपीट करूँ, और मैं को लग यह, मैं सिर्फ इसलिए मौके पे चौका मा
12:57आज भी उसके पारे में इतने मेसिजिश आते हैं मुझे, तो मैंने वो कर लिया, मुझे कुछ नया करना है, इसलिए मैं वो ट्रेंड के साथ चलने की बजाए जो इजी सक्सेस हो जाता है, मैंने हर बारी अपने आपको थोड़ी सी डिफिकल सिचुएशन में डाला है, क्य
13:27मेरे लिए नो फॉर्मला का भी काम नहीं किया, मैंने साउथ में शुरुवात करी थी, वहां पर करी थी है, बड़े हीरो की फिल्मे, नाच काना, बड़े बड़े पहमाने पर सेट लगे हुए है, मतलब वो सारी बड़ी फिल्मे मेरी नहीं चली, जब मैंने, मुझे मुझ
13:57अब आपके पास ही आते हैं, या फिर प्रेशर लगता है, डबल एचेट सोड है, एक तरह से खुशी होती है, चलो, इतने सालों में कोई तो इमेज कमाई, कितनी एक्रसेज होती है, जो आती है, चली जाती है, उनकी कोई स्पेसिफिक इमेज और रीकॉल वैल्यू नहीं ह
14:27होता है हर पिक्चर के बाद, उस से फिर मुझे उभरने में थोड़ा समय लगता है, क्योंकि मैं ट्रेंड अक्टर नहीं हूं, तो मेरे दिमाग का कुछ हिस्सा, दिल का कुछ हिस्सा, मेरी हर फिल्म के साथ रह जाता है, बदल जाता है, जो आपस कभी पहले की तरह रीसे�
14:57है, एवरी यर उनको समझ आती जा रही है, क्योंकि वर्ल्ड सिनमा देखते जा रहे हैं, अब इंटरनेट के चलते, OTTs के चलते, सब को पता है कि दुनिया में किस तरह का सिनमा बन रहा है, बट हम क्या करते हैं, अब थोड़े ओवर स्मार्ट भी हो गए है, कि अच्छा य
15:27हमें इस तरह के सिनमा भी नहीं चाहिए, हमें भी वही सिनमा चाहिए, जो थीटर में चल रहा है, तो अब इस सिनमा के लिए कोई जगा बची नहीं है, अब अगर ये सिनमा थीटर में नहीं चला, तो OTTs भी इसको नहीं खरी देंगे, तो ये रियालिटी मैं अपने audience के सा
15:57जा रहा है, हमारी rooted stories नहीं होती है, आप क्यों मेरी कहानी नहीं बता रहे है, आप कहां मुझे लंडन, Spain लेके जा रहे हैं, ये तो मेरी कहानी है ही नहीं, मुझे identify नहीं कर पारी है, या कर पारा मैं तो इस कहानी से, rooted stories नहीं बनाते हैं, साउथ वाले rooted stories बनाते हैं, ये complaints ज
16:27पर OTT की तो का तो टाइब पहले हो जाता है ना जी हां उन्होंने मना कर दिया है वो अब क्या कहते हैं कि आप रिलीस करिये अगर आपकी पिक्चर ने इतना X number of box office collection किया तो ही हम आपकी पिक्चर खरीदेंगे
16:44नहीं तो आपकी पिक्चर नहीं चाहिए हम है क्योंकि आपकी पिक्चर वो मसाला पिक्चर नहीं है
16:50सो उनका clear mandate है अभी है
16:54सो आप देख लीजिए हम थोड़ा सा वो endangered species जो है न वो उसकी तरफ बढ़ते जा रहे हैं अब हम बहुत जल्द दिखना बंद हो जाएंगी इस तरह अपर शयाद आप अगर मेरा फिर भी मन किया काम करने का तो फिर आप मुझे नाच्टे काते ही देखेंगे उसके बाद
17:24सिज नहीं विए पिर दी काम करें देखेंगे आप कव अनकी सब्सक्राइख का सकते हर लोग अठीर आप यह कोई सुशी नि कहले है आप दाल्चावल भी खाने कामन करता है ना कभी-कभी तो वहां का जो कंफर्ट फूड जो आपका घर का खाना जिसकर बोलते हैं जो मार
17:54मैंने सुना था उनकी कविता हैं, जादा नहीं पड़ी थी मैंने, तो ये कविता जो है, इसका एक चोट असा अंश मैं जरूर यहां पर बोलना चाहूंगी, यह मैंने पिक्चर में भी मेरे किरदार के लिए लिखा गया है, और I think हम सबके काफी situations पे सही बैठता है,
18:09कि आदमी मरने के बाद कुछ नहीं बोलता, कुछ नहीं सोचता, कुछ नहीं बोलने और कुछ नहीं सोचने से आदमी मर जाता है,
18:24अब यह हम सब पे लागू होता है
18:29हर तरह की situation पे लागू होता है
18:32मतलब क्या लिखा है
18:34मैं तो अपने जिन्दगी पर इसको याद रखूंगी
18:36और इसको कई तरीके से भी समझा जा सकता है
18:39कई तरीके से
18:40जिन्दा रहना है
18:42जिन्दा रहना है
18:45आज हमने आपके साथ सेशन को कोटरूम क्वीन कहा है आप कानून समझ गई या अच्छे से बहुत यह बहुत मुश्किल काम है वो सिर्फ एक अक्टर को यह मौका मिलता है कि आज आप लॉयर बन गए कल आप कुछ हो दॉक्टर बन गए कभी कुछ होई हमाई प्रिविलेज ह
19:15अच्छा यह क्योंकि वो बात बीच में रही फिल्मों के हिट होने की भी पिंक को लेकर भी ऐसा था कि इसका जो जिस इशू पर बन रहा है पता नहीं यह कमर्शली कितनी सक्सेस्पूल होगी लेकिन वो हुई और ओडियंस की मचॉरिटी को दिखाता है
19:38Of course, of course. यह वो देखे हैं, चेंगे हैं, चेंगे हैं, चेंगे हैं, चेंगे हैं, चेंगे हैं पिक्चर आई थी, मुझे याद है, ट्रेलर ओपन हुआ था बच्चन सर की लाइन से, आर यू वरजिन और यह लाइन मेंस्ट्रीम सिनिमा के अंदर, अमिता बच्चन बोड रह
20:08बेकारण मैं तो सबसे पहले बोला, बिल्कुल बननी चाहिए, बट मुझे ऑविसले उसके मॉनिटरी रेपकाशन नहीं पता थे, मैं तो कहूंगी कि कुडोस टू दे मेकर्स और बच्चन सर, जिनोंने अगरी किया कि इस पर पैसा लगना चाहिए, रिस्क लेना वर्थ है
20:38वाविसले गरी कि करा दिया कि इस इस पर पेट में ठेया बॉल्कुल धना देगा खेए, दो कर लेत नहीं बाहिए.
21:08और क्या था वो ये था कि मुल्क में मेरी family पे case होता है
21:13तो it is personal from the beginning
21:15तो वो जो lawyer थी उसके लिए पहला trial ही personal था
21:20तो उसने हमेशा एक personal जंग की तरह लड़ाई लड़ी थी court में
21:25इसमें difference बहुत है क्योंकि एक तो मैं पहली बार पटे आला house घुसी
21:29अपनी research करने के लिए कि कैसे होता है और वहां की coldness से
21:35मैं थोड़ी सी घबरा भी देखके कि चाहे जितना बड़ा crime हो
21:40जितना बड़ा criminal हो वहां पर तो बस यह आगे बड़ो हाँ यह हो गया अब यह तारीक आगे बड़ी
21:46तो हमने इसको बहुत real रखा है मेरे किरदार को बहुत real रखा है जो एक public prosecutor है
21:52जिसके हाथ में ऐसे एक time पे 10-12 cases चल रहे होता है दिन में उसको एक कमरे से
21:57दूसरे कमरे में courtroom में भागना होता है तो उसके पास इतना समय नहीं होता कि हर एक में
22:02personal investment देनी पड़े तो मेरे किरदार का जो graph है इसके अंदर काफी अंत में जाके
22:08वो personally लेती है इस बात को क्योंकि जब उससे लगता है कि ये तो कोई भी seriously इस चीज़ को नहीं ले रहा
22:15पहले तो सिर्फ as a lawyer काम करती है दीदेर उसकी इंसानियत जगती है अंत में जाके उसके अंदर की औरत जगती है
22:21तो ये हमने थोड़ा सा graph out किया है बट अंत तक आपको दिखेगा कि ये मैंने बहुत professional तरीके से अप्रोच किया है ये particular case
22:30personal तरीके से ऐसे कि मेरे घर में हुआ है हाथसा जैसे मुल्क में था वैसा नहीं था
22:35पर इस अनक्टर आपको effort डालना पड़ा ये सोच कर कि मुझे दोबारा एक वकील का किरदार मिला है कहीं मैं
22:41हाँ ये obviously हम दोनों अनुवर से और मैं शुडू से इस बारे में बात कर रहे थे कि इसको कैसे अलग करें तो एक ये बहुत बड़ा तरीका था कि आप इसको professionally approach करेंगे
22:51इसको ऐसा personal battle नहीं approach करेंगे ये एक बहुत बहुत difference हमने रखने आए
22:59I hope आप लोग देखें तो आपको समझ में आए क्योंकि काफी लोगों को ये भी लग सकता है कि नहीं इसने तो मतलब ये बड़ा casually handle कर लिया
23:07casually नहीं मैंने ये चीज़ difference करने के लिए किया है कि आपको ऐसा ना लगे सेम मुल्क की तरह इसमें भी वो personal अपने घर की लड़ाई की तरह मैंने battle लड़ लिया
23:18ऐसा लगना नहीं चाहिए ये तो difference हमने जानबूच के रखा है इसके अंदर
23:21क्योंकि मतलब मुझे लगता है कि बहुत बारीक सी चीज है
23:26बहुत बारीक चीज है वो आपको देखके ही समझ आएगी
23:29कुछ-कुछ रिव्यू अब तो हमने रिव्यूज भी खोल दी हैं इतने confident देखिए
23:32पिक्चर रिलीज होने के हमने आठ दिन पहले पिक्चर दिखाने शुरू कर दी थी दिल्ली में बॉंबे में
23:37बड़े अच्छे रिव्यूज आ रहे हैं वैसे
23:38थैंग ओड बड़े बॉक्स ओफिस कलेक्शन भी चाहिए हमेश वहता जी उसके बिना
23:43पिक्चर पे हिट का ठपा नहीं लगता है तो इज़त तो कमाई बहुत शुकर गुजारू उसी इसकी
23:50बड़ आगे survive करना है इसी तरीके का meaningful cinema जिससे देश प्राउड हो सके कि हम भी इस तरह के का cinema बनाते हैं
23:58आउसकर को देखके ही तालीना बजाते रह जाएं कहीं उसके लिए ये वाला cinema survive करना पड़ेगा और
24:03ये क्या एक जो एक वो outsider वाली बात हमेशा रहे न और तापसी पन्नू ने कभी
24:11मतलब मैं actually वो कहूंगे आपने कभी भी उस tag को इस्तेमाल नहीं किया
24:16जी हाँ जादा तो मतलब मेरको ये लगता है कि मतलब देखो उसके बावजूद मैंने
24:20देखी मुझे लगता है कि ना कम्प्लेंट करतो है इंसान किसी को पसंद नी आता
24:24क्योंकि हम सबकी देखे आपकी मेरी हम सबकी लाइफ में बहुत ओलरी चैलेंजिस चल रहे हैं अब मैं आके यहां पर रोना चुरू कर दूंके मेरे साथ देखिए कितना बुरा हो रहा है कितना गलत हो रहा है उसके बावजू देखिए मैंने क्या कुछ कर लिया किसी को इ
24:54मज़ा नहीं आता लाइफ बोरी हो जाती फिर तो यह मेरा हर्डल है इसको मैं हर रोज जीती हूँ हर रोज उसके अगेंस चलती हूँ कोई दिन अच्छा होता है कोई दिन बुरा होता है बढ़ था मतलब मज़धारा चैलेंजिस लाइफ में आने चाहिए कभी-कभी अच्
25:24अपने आप पे इतना जुल्म मत करो के हर पिक्चर हर एक चोटी-चोटी चीज के बाद भी हर चीज का दोश खुद को दो यह मत करो यह मैंने बहुत किया है I think काफी ओरते करती है हम लोग को बलता है आपकी गलती है आपकी गलती है तो चोटी-चोटे फिलियर्स भी मुझ
25:54कम देती तो ज़्यादा एंजॉई करती जर्नी अपनी जहां से सार्ट किया तक पर चलो बेटर लेट दन नेवर अभी अभी लगता है तो अब मैं ज़्यादा लोड ने लेती अभी एंजॉई कर रही है अब मैं अपने आपको खुश रखती हूं यह प्योर एंटरेनर्स �
26:24मैं कहां से कर जोड़े जाओं बहुत मुश्किल होता है उनके सेट्स भी बहुत मुश्किल होते हैं रहना मतलब आपको बहुत ही जीब जीब से बाते सुनने को मिलती है या फिर आपको दिखता है कि आपके साथ ऐसा हो रहा है क्योंकि आप इंपोर्टन नहीं है इस पिक्
26:54तो मेरी यह वाली बहुत बढ़ी हैं, मैं रोज खुश तो रहती हूं यह करके, वह पिनिकल आफ सक्सेस नहीं शायद मिल पाएगा, जो बाकियों को मिल पाता है, जो बड़ी ऐसी पिक्चरे करती हैं,
27:09बट दिन हाव मच सक्सेस इनफ सक्सेस, मेरा यह भी कुछ से रहा है हमेशा, कितने अच्छा यह मिलने के बाद क्या मैं कुछ हो जाओंगी, इसके बाद में को लगेगा हाँ बस हो गया, यह वो कहते थे न की वो टॉप नमबर वन अभी ले तरी, यह भी को रेस नहां तक सम�
27:39होता है, and then there is a finish line, ठीक है? अब जब मेरा starting point, किसी के starting point से same नहीं था, मैं hurdle race खेल रही हूं, वो 100 meter खेल रहे हैं, तो यह कहां से fair race हो गई? तो अब इसका जो final mark है, जब वो भी same नहीं हम दोनों का, hurdles भी same नहीं है, starting point भी same नहीं है, तो यह fair race कैसे हुई? इसलिए मैं अपने
28:09इसलिए रही है, मैं क्यों नहीं पहुंची उस ट्रैक पर अभी तक, आप emotional है, बहुत है, इंसान हो, sensitive है, जब यह कहानिया, जो की पर्दे पर दिख रही है, वो ठीक है, पर वो कहानी नहीं है, उस किसी का जीवन है, अफेक्ट कर जाती है, मैंने तब ही बोला था कि कुछ
28:39तो कुछ शूट गया पीछे, जो तीस दिन, पैंतिस दिन, अगर आपको अपने दिन के बारा घंटी के हमारी shift होती है, उसमें आपको रोज अपने आपको यह साइक आउट करना पड़े कि आपके साथ यह हुआ है, यह हुआ है, हाला कि I will never say as an actor I can come close to, जिन के साथ हुआ ह
29:09जो लोग off on कर सकते हैं, मैं वो नहीं कर सकती, तो एक समय के बाद आपका, आप वल्नरेबल और हो जाते हैं इसको लेके, जिस भी मुद्य को आप प्रेजेंट कर रहे हैं, तो मुझे याद है, पिंके बाद ऐसा हुआ था कि मुझे काफी हफ्ते लगे थे, नॉमल होने में
29:39तो मुझे लगे तीन-चार हफते, मुझे पूरा डिस्कनेट करना पड़ा अपने अपने काम से, मैं तीन-चार हफते चली गई थी बाहर कहीं, और उसके बाद थोड़ी ठीको के आई, तो आपका तरीका यही है, मतलब या किताबें कई बार होता है न आप, तरीका मेरा य
30:09और यही भी मुझा दूब provol करें तो आपका फिल मेसेज कल्चा आप अपने कि क्रश्चा दूख्या तापसीपन्णू में उसको कहा जाता है ने वो आ उस्चनल मेसेज वाला, और पुराना
30:39इतने सारे उसमें आप चेहरा आई तिंग उसका क्रड़ेटर में सब और तो को और उन आदमियों को जो चाहते थे इस इस गाड़ी को साथ में आगे बढ़ाना उनको देना चाहूंगी क्योंकि काफी ब्रैंड जो मेरे पास आई मेरे पास कोई सो करोड की फिल्म नहीं है बा
31:09यह में जब ब्रैंड मेरे पास आते थे कि आप हम चाहें कि आप फेस बने हमारी ब्रैंड का कुछ ऐसे ब्रैंड थे जिन्होंने आज तक एक इंडियन चेहरा नहीं लिया था इंटरनाशनल स्टैंड पे कुछ ऐसे ब्रैंड से जिन्होंने आज तक कोई ब्रैंड अंबैस
31:39वो हमारे customers के साथ
31:41resonate करती है, इसलिए हम चाहते हैं, हमारे
31:43brand का चहरा बने, बट यह जो
31:45भात है ना, मैं आपको बता हूँ, शोहिता जी,
31:47बहुत बड़ी responsibility, फील कराती है, कि अब आप
31:49गलत नहीं चूज कर सकते हैं,
31:51क्योंकि अगर मेरी जनता genuinely
31:53विश्वास कर रही है, कि जो मैं बोल रही हूँ, दिल से
31:55बोल रही हूँ, अनिसली बोल रही हूँ,
31:57तो अब मुझे उस tag
31:59live up to करना पड़ेगा, उस tag से, अब मैं कुछ भी
32:01ऐसा नहीं उठा सकती, जिसके बारे में मैं
32:03आप यूज कर सकते हैं, या आप पहन सकते हैं,
32:07तो मुझे वह वाला प्रेशर भी है, जो मैं सूस होता है.
32:10पर एक बात हो दी थी न, जो कहा जाता था, कि आपके
32:12look के कारण कि आप भारते हैं, features,
32:15या फिर वो आपके image के कारण, जो कह रही है, what I stand
32:18for, तो आपको, आपको, मैं तो ये भी कह रही हूँ, कि मैं
32:22conventional वो जो दीवा, एकदम अपसरा, looking, जो है, मैं तो वो भी नहीं हूँ,
32:28मैं में अपने आपको देखके ऐसा हमेशा सा लगता था, कि मैं बहुत ही
32:31average Indian लड़की की तरह हूँ,
32:34तो मेरे को ये बात देखके, पहले तो बड़ा, लगा कि ये लोग क्यों आएंगे मेरे पास,
32:42कि इतनी कोई great time दिखती और कि इतनी actresses हैं, जो मुझसे बहुत ज़्यादा सुंदर लगती है,
32:47but I think that is probably why, क्योंकि उनको लगता है लड़कियों को देखके, कि या,
32:53someone is there to represent us, she looks like us, she behaves like us, she feels like us,
33:00ये मेरा सबसे बड़ा वेपन बनाए मेरी जर्नी में,
33:04मेरा इडिफिकेशन, मेरी relativity with my audience, I think,
33:09वो मेरा सबसे बड़ा, मेरी रियरी की हड़ी वो है.
33:13But I would say कि, because pleasant face, एक बहुत ही innocent smile,
33:21लेकिन message बड़ा कड़ा जाता है, कड़क message जाता है.
33:25जी हां, मतलब मैं, मैं किसी दबाव में कमी चीज़े करती हूँ,
33:32मुझे लगता है, मैं को गलत होना मन्जूर है,
33:36मेरे को जूट बोलना या जुकना पसंद नहीं है,
33:39अगर मैं नहीं चाहती कहीं, कि सामने आप जुकना चाहते हैं,
33:42क्योंकि वो इस वर्थ के हैं, कि आप जुकेंगे इनके सामने,
33:46वो प्रॉब्लम नहीं है मुझे, मेरा इगो नहीं है,
33:48सेल्फ रिस्पेक्ट है, मेरी सेल्फ रिस्पेक्ट के सामने,
33:51मेरे को कुछ भी गवारा नहीं है
33:54इतना और मैं यही सेम चीज
33:56बहुत ही प्यार से स्माइल के साथ
33:58हाथ जोड़ के कहती हूँ
33:59वो पेड की तरह नहीं कि मैं खड़ी रोंगी
34:02आप आओ आंधी तुफान
34:03देखते हैं क्या होता है
34:05वो ऐसा attitude नहीं है मेरा
34:07अपके सामने किसी फिल्म को
34:11किसी स्क्रिप्ट को लेकर आने में
34:13घबराते होंगे हमारी पतनी
34:14सच है
34:16स्क्रिप्ट को रोल्स को
34:18स्क्रिप्ट तो खेर नहीं लेकर आते हैं
34:20ऐसी कुछ उनको लगता है कि
34:21कहईगी यह क्या है बकवास
34:24बट नहीं वो more importantly
34:26रोल्स को कई बारी क्या होता है
34:28मेरा भी मन करता है कि मैं बैक सीट पे बैठ हूँ थोड़ी तेर
34:31बहुत क्योंकि स्ट्रेसफुल हो जाता है
34:33आप लीड कर रहे हैं फिल्म को हटीज के जिम्मदारी
34:35आप ही के कंदे पे है
34:36तो आपको कभी कभी लगता है
34:38या दो तीन फिल्मों के बाद एक फिल्म मैं भी ऐसे करती हूँ
34:40जिस मैं अच्छा रोल करूँगी
34:41बट सारी जिम्मदारी मेरे कंदों पे नहीं होगी
34:44हीरो भी कुछ रिस्पोंसिबिलिटी लेगा इस पिक्चर के अंदर
34:47बट वो पिक्चर है मेरे तक नहीं पहुँच पाती
34:50क्योंकि सब राइटर्स, इरेक्टर्स, मेकर्स को लगता है कि ये तो ये करेगी नहीं
34:53तो मेरे को पहले ही वो
34:55मतलब उन कहते हैं ये आपकी
34:57वाली फिल्म नहीं है
34:59अरे मैं अक्टर हूँ, मेरा काम है अलग अलग चीज़े करना
35:02मैं इस चलते तो मैंने
35:03मिशन मंगल जैसे फिल्म करी जिसमें इतनी सारे ओरते थी
35:07मेरा रोल चोटा साही था उसके अंदर
35:09मैंने खेल-खेल में करी अभी पिछ दो साल पेले
35:12जिसके अंदर इतने सारे अक्टर, साथ अक्टर्स थे हम लोग
35:14मैं करती रहती हूँ कुछ ऐसा
35:16सूर्मा करी मैंने दिलजीत के साथ
35:18वो उसकी स्टोरी थी, मेरी नहीं थी
35:20सिरफ इसलिए कि मैं दिखाती रहती हूँ
35:22कि मैं छोटा रोल मुझे सहिए धंका रोल दो
35:24मेरे को बेबी से जस लड़की को बेबी से इतनी जादा
35:28अटेंशन मिली थी, साथ मिनट का रोल था मेरा उसके अंदर
35:31तो उससे मुझे नाम शेबाना मिली थो
35:34मेरे को कम स्क्रीन स्पेस से कोई तकलीफ नहीं
35:36जो कॉंसिप्ट था उसका और जो जो विमन सेंट्रिक फिल्मों में
35:43जिस तरह के रोल होते हैं विमन के लिए उससे बिलकुल अलग था
35:47जी बिलकुल क्योंकि उस ताइम तो मेरे को लग रहा था यह इतना सब अच्छा कैसे हो रहा है
35:51मेरे साथ कुछ तो गड़बड है क्योंकि मुझे याद है 16 सप्टेंबर 2016 में पिंक रिलीज हुई थी
35:57और 16 सप्टेंबर वस मैं फर्स दिए उन सेट अफ नाम शिबाना
36:01लाइफ वस तू गुड तो बी टू
36:03मुझे नहीं पता था कि इसका जो आपको अपको लिव अप टू करना
36:06इस मोर डिफिकल्ट देन अचीविंग इट तो मैं वो
36:08मेंटिनेंस इस मोर डिफिकल्ट देन रीचिंग देर
36:12आपकी फिल्मों के मैसेज को लोग इस तरह से
36:17एकसिप्ट कर रहे हैं कि लोग बदल रहे हैं
36:20मतलब नो मतलब नो लड़कियां कहने की हिम्मत दिखा पा रही है
36:24I think conversation start कर रही है
36:27मैंने पिंग के बाद देखा था
36:29मैंने पिंग के बाद देखा कुछ
36:30fathers को अपनी daughters के साथ
36:33थेटर से निकलते हुए
36:34तो एक father अपनी daughter को क्यों लेके जाएगा
36:37थेटर में picture दिखाने
36:39अगर उसको conversation नहीं करनी होगी तो
36:41तो ये जब मैंने देखा
36:43थपड के बाद तो
36:44actually बहुत ही awkward हो गया था
36:47मेरे ले क्योंकि मैं काफी जगा जाती थी
36:49तो औरते मेरे पास आके बोलती थी
36:50ये मेरी कहानी थी
36:52तो आपको समझ नहीं आता है
36:54आप thank you बोलें कि sorry बोलें
36:56so काफी वो
36:58ये नहीं मांगरी photo दी दीजी चाहे
37:00and all of that तो एक actor के साथ आता ही है
37:02but लोग मेरे पास आके thank you
37:04for doing this, thank you for doing this film
37:06वो बोलने लग गए
37:07तो मुझे realize हुआ कि
37:10कहीना कहीं
37:12change का पता नहीं
37:13वो बहुत बड़ी जिम्यदारी है
37:15वो आप खुद अपने level पे कर सकते हैं
37:17individual level पे
37:17conversation तो मैंने start करी कहीं पे
37:20जहां पे लोग निगलने के बाद
37:22उन्होंने अपने घरवालों से
37:24या अपने partner से
37:25कुछ चीज़ दर discuss करी होंगी लग रहा है
37:27वो मेरे लिए बहुत बड़ी victory थी
37:29अच्छा एक और चीज़ थोड़ा सा
37:31हो जाता है actors के साथ
37:33खासकर जिसमें कहा जाता है
37:34अगर खासकर आप अपनी
37:36अपना point of view, अपनी बात
37:38किसी चीज़ पर रखें, not necessarily
37:40social issues, बड़ जो आपको लग रहा है
37:42जिसके लिए आप strongly feel कर रहा है
37:44उसमें कहा जाता है यार acting करो ना और घर जाओ
37:46ये किसने पूछा?
37:47देखिए दोधारी तलवार है
37:48हम अगर कुछ acting करो घर जाओ भी बोलते हैं
37:51अरे इनका इनका इनका दिमाग ही नहीं है कोई
37:52इनका कोई opinion ही नहीं होता है
37:54ये तो कुछ बोलते ही नहीं है
37:56वो भी गलत
37:56उसके लिए भी हम लोग ट्रोल होते हैं
37:58जब नहीं बोलते हैं
37:59अब जब बोलते हैं उसके लिए भी ट्रोल होते हैं
38:01तो हमाले इधर कुआ उधर खाई
38:03हम कैसे भी कुछ भी कर ले
38:06हम 100% लोगों को
38:07खुश नहीं कर पाएंगे, ये तो मैंने देख लिया है
38:09मैं इसलिए अपने आपको खुश करके
38:11खुश हूँ
38:12आखिर में मैं आपसे एक चीज़ पूछना
38:15चाहती हूँ कि असी के जरिये
38:17आप क्या
38:19चाहती हैं, क्या अचीव करना
38:21चाहती हैं, सुसाइटी में
38:23क्यूंकि as an actress
38:25तो आपका रास्ता ही
38:27अलग है, पर आप
38:29क्या बदलाव अचीव करना चाह रही हैं
38:31मैं सिरफ इतना चाहती हूँ कि
38:33शाइद ये पिक्चर देखने के बाद
38:34जब लोग घर पहुंचेंगे तो एक बड़ी
38:37सोचेंगे कि हम अपने
38:39घरेलू लेवल पे क्या बदल
38:41सकते हैं, कि ये
38:43नंबर थोड़ा कम हो
38:44अभी नहीं होगा, रात और रात नहीं होगा
38:47बढ़ अगर अभी स्टार्ट नहीं किया तो दस सल
38:49बात भी नहीं होगा, तो मैं
38:51ये उम्मीद कर रही हूँ कि घर जाके
38:53सोचेंगे एक बार, हम कुछ कोशिश
38:55करते हैं, अपने बच्चों के साथ
38:57उनके दोस्तों के साथ
38:58क्या कर सकते हैं ऐसा, कि
39:00या आपस में ही, कि
39:03पदी-पत्नी आपस में कैसे बिहेव कर रहे हैं
39:05कि बच्चा क्या देख के सीख रहा है
39:07वो ही शायद थोड़ा चेंज कर लें
39:09तो शायद आगे की जनेरेशन
39:11ठीक हो जाए
39:12इतना पैसा बचाते हैं हम आगे की जनेरेशन
39:15के लिए, कि हम
39:16कम खाना खा लेंगे, बच्चे
39:19ठंग से खाने चाहिए, एक रात कम
39:20सो लेंगे, बच्चे, इतना कर लो
39:23बच्चों के लिए, कि उनकी सीख
39:24थोड़ी सी बेटर हो जाए, तो I think किसी भी
39:26पैसे से शायद बड़ी चीज होगी उनके लिए
39:28ये बड़ी अच्छी बात आपने कही
39:32कि वल पैसे नहीं
39:34बचाना है, बलकि वो संसकार
39:37और एक बहुत
39:39अच्छा जीवन मिले आपकी
39:40बेटियों बेटों सबको, बहुत
39:43बहुत धनिवाद, thank you so much
39:45thank you for a wonderful conversation, thank you
39:47thank you everybody for listening
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