00:00में एक ट्विटर हुँ, शह इस्टिजट है गोर्मेंट काुदा, इसलिए दूसरों की भी बहुत सुननी पड़ती है जी सर जी
00:18छूद की मत सुनो
00:21मतलब डर लगता है मतलब आगे जाने में डर लगता है मतलब आपने बोला था
00:27एक पर गोल कि अगर सच्चे रिस्ते पर चलते हो तो पर मतलब बेर सोच के भी रखना परता है तो लंबी रेश का घोड़ा बन पाऊ तो एसा दिमाग में आता है और उस हिसाब से लेकिन पीछे नहीं आती हूं अंदर से आवा जाया इस रास्ते पर जाना है तो जाना है मतल
00:57कोई एक बिंदु नहीं आएगा जहां रुकना है लगातार चलते रहना है यह जो हम लगातार बढ़ते रहते हैं बंधनों को जानकर उनसे दूर इसी का नाम मुक्ति है मुक्ति कोई एक आखिरी बिंदु नहीं होता है तो चलते रहिएगा और चलते समय जो भी फिर अनुभ
01:27ज्यान से मन को सुल्ट करे, क्रिस्न उनके है जो युद्ध करे, आत्मा अपनी प्रकृति पराही, याध्यान दे और जान ले, आत्म से प्रेम ही मुक्ति है, प्रेम भले ही प्रान ले,
01:54आत्मा ग्यान के प्रकास में, अन्धे करम सब जाग दो, नीद अश्वो निर्मंगनों, आप रहित बस युद्ध हो, बस युद्ध हो, बस युद्ध हो.
Comments