03:11उसी तरह से पांचो पांडो कल युग में जन्म लेकर वीरताई का परिचे दिये लेकिन राम राज में दूद बातियों क्रिश्र राज में घी अगवानी के राज में चाह मिले कि फूंक फूंक के पर चाहे
03:36लेकिन हमरे इनके
03:44कंपटीशन हो साथ में गावत हुए लेकिन कंपटीशन हो
03:50कि हमरे से पहले भरुका भरकर चाह पी के और वायद हमें तब तो मरद हूँ
03:55अगर पिछे
04:06भरातल का मतलब हमने बता दिया लेकिन पांचो पंडवा रहद्वा परिके या कल युग में लिए आउतार
04:27महभार जब खत्म हुआ तो कृष्ण भगवान से अरजुन जी कहे
04:43कि एक बार योर महभार रथर चवामे लरने से बोधव हुआ
04:50कृष्ण मुरारी तब बनवारी तब मुसका ये कृष्ण भगवान
04:58पिस सक धीर तो लड़ के मर गए तुम्हे लड़ने से बोध हुआ ना है
05:09हे अरजुन कल युग में जनम लो आप उसमें लर लर मर जा
05:17भीया उए पांचो पंदर है दौपत वाह ले आके कल युग में ले है मया वतार
05:29अरजुन के इश्ड केर सकलों में पैदा भईया नरू गलब ला
05:41अरजुन के थे रह थे मानक कदईया तो इनके रह था चले दूर गाए मय
05:51युरुन के लेड़ी का ये मल लो तो इनके में लेड़ी का इंदल बलवा
06:03युरुन के मामा सकुनी रह इनके में मामा ये महिल पलिहार
06:13युरुन के गुरु दोड़ाय चारी रह इनके में गुरु सही अदबलवा
06:23युरुन के धर्मराय युदि सिला इनके में भईलाना तुवारनो नियाए
06:35युरुन कटी मरी गए तो वरू संहईय कटी मारे पिरधिय के साए
06:45ओय युरु दिल के मरी गए ले तो नो से पाचास बगस होई जाए
06:56अगर कोई जूठ मानत हो तो हम प्रमार देते बतला है
07:05महोबागर अब हीन कायम है धर्ती खोदें वहां की तूटा फुटा मिले गहतियार
07:17दिली गर कायम अब ही औरई सिरसागर तई यार गुंजराती अभी कायम है
07:30कायम है अभी उरन बिहार अभी कायम ने नागर है बुनाम बदल के हुआ चुनार
07:44जाके देखे चुनार में रानी सोना कखिला बना हुआ गंगा के चुनार
07:56भाइया यह तो जो पहले बात गुजर गई उसको बताना निसानी अभी मिलेगी लेकिन अब गाना का भाव है
08:15सुर्वात में भूनी का इसके बाद स्टिंगार रस उसके बाद बीर रस उसके बाद करूं
08:27लेकिन माहिल चुगुला और इदर का जो देश को किया बरबाद माहिल सोच रहा मने अपने कब मर जाए रुदलबल
08:50जब मरी जाते आलहा रुदल फिर महबा हमके मिल जाए लेकिन माहिल यही सोच कर जगड़ा लगाता अब आगे के सुने दसता
09:12भीया कलकता के छेत्र में पड़ता एक सहर है उरन बिहार
09:29उस शहर की कहानी है कि उस समय वहां का राजा सिरिकांता मल सिम्ठाकूर जिनकी जग जाहिर करवाए
09:42बड़े ये बड़े जो दावन के ये घर ये कसे ये कदयू के लाजा
10:00अर गुई लड़ी का राजा के ये जन में कर राजै सिन जिनका नाए
10:10ओ लड़े की अत जन मी ये राजा के ये जिनका जम रह आनी नाए
10:22जमना रानी कैसन रहल हो का है जमना नाम पर लो
10:30जमना गुजरिया रहली जमन की दरिया गोरिया जमन ये सनना
11:40हम बतावनां कि गोरिया जामू नहीं सन्ना जहल जहल जहल कती रहल जमनिया गोरिया जामू नहीं सन्ना
11:58लेकिन यह उर्का रहल
12:00सोलह की गुमरिया अकैसन रहल का उमर रहल
12:09सोलह की गुमरिया रहली चरती गोरी जवनिया बबु जवनिया जहल के ला
12:26बबु जवनिया जहल के ला
12:31जैसे पाका लिरहल जमनिया गोरिया जवनिया जहल के ला
12:40जैसे पाका लिरहल जमनिया गोरिया जवनिया जहल के ला
12:50राजा यलान कर दिया
13:01कि न किसी के संग लड़की ब्याहूंगा
13:06न मैं किसी का बनू ससुर
13:11न मेरा कोई बनेगा दमाद
13:15उनके दुनों बीर बेता कसम खा गए
13:20न सारा बन बेन क्यो बनी बहनोई हमाँ
13:27इस प्रतिया लोग पहले हैं
13:31लड़की के ये लगजवानी
13:33अरे लेकिन जब जवानी
13:35के पानी को को रॉप सकता किसी सायर ने कहा
13:41कि बाद दर्या के पानी में बाद हो
13:49बोज जवानी का रुकता नहीं
13:55बाद दर्या के पानी में बादा
14:04बोज जवानी का रुकता नहीं हैं
14:14बोज जवानी का रुकता नहीं हैं
14:20कहें कि प्यार को चाहें दितना छुपाओ
14:27ये छुपाने से छुपता नहीं हैं
14:34प्यार को चाहें जवानी का धारा रुकता नहीं
14:49हुआ क्या देश देश में राजा पत्र भेजता हैं
15:01क्यों ये लोग रान कुरोसी राजा को तामा मारने लगें
15:07इस्यानी लड़की तेदी घर्म तुमको जीने को धीकार
15:15पर आया धन होती है लड़कियां लड़कियां गव है समान
15:25राजा सुच लें कि जब धीकार सर देथा तैसन उपाए बनाए देए
15:32कि क्यों भी हवें नके पावें हमार हमरे क्यों लिजामों ने लगावें
15:37आया उपाए बन उने कि गुरू जिल मिला उनके थे सादू
15:46जो बिस बिजे गए थे जादून में पाए अरे वह राजा के किला के उपर एक खंभा दिया बनवाएं
15:59जादू का एक मोर बनाया हर दम आदी रहा बरसाएं
16:07वह मोर आज बरसाता था सहर का व्यक्ति कोई नहीं जलता था
16:19दूसरे देश का व्यक्ति अगर आकमर करने के लिए आता उस मोर के आग से जल के खाक हो जाता था
16:27राजा देश देश में पत्र भेजिया कि मेरी लड़की के सादी होई वही के संगा मोर को मार के जो गिरा
16:45मोर नलकी की सादी होई संगा मोर को जो मार के जिया ने
17:00फिर दूसरी सर्थ रादा की थी दूसरी सर्थ क्या थी कि मेरे बेटा को दोनों को रण में दे मार के भगाए
17:16अखूनी हाथी दूआर पपचारे दुलाहा जलत तेल में कुदिके ले नाएं
17:28सही सलामत बचिके निकले तर सादी देवे रचवाए
17:37अरे जमना के जब फोटू देस देस में गया तो कितने दीवाने पागल होई
17:47अरे जब फोटू गया बेख ले जमना के जीन है
17:52अरे कल जबा एक सक बासक पिरसक चौसक लेचे जाए
17:57सोचें कि कैसे मिली
18:02बड़े बड़े नौजवान राजा पाथा पहलवान अपनी सेना लेकर के दीवाना वोके चल दिये
18:09लेकिन अरे चवदह मरदा या पन सेना लेके अईले भईया
18:17चवदह तो जरी के अब खाला में जाए
18:23पंद्रा हावा पे जमना कफो तू बैले
18:33उका हलाई मोके दुलही के हो जरुआ तीना यही तन में हरा रुआ यह उपार पार जाते
18:49सो लहवे पर जब फोटू गया सो लहवा राजा जब देखा तो देख करके फोटू मस्त होता है
19:00मंत्री से काता की सेना सजाओ चलो साथी करें के उस लड़की के साथ ऐसी लड़की तो देखा
19:08मंत्री का नजरकार पटूजा तो बड़ा प्यारा हो लेकिन नागी नहीं हो नगीनिया तो कात ले ले बीश चेख जा ले
19:19एके देख ले ले पच्चाउ दाजने जरी गयल हो अगर जाथ हुआ तो धाई के भूजाओ आई देख
19:29पारज रुब्या स्रीमान महंद्र प्रशाद गुप्ता जी हमारी इज़त किये समास केंदर तो उनकी इज़त भगवान करें बार बार सुक्रदान मश्कार भईया को भगवान सुखी रखें
19:52लेकिन देखें ये हमारा देश है हमारा गाउ है हमारा से लोग आजमगरगी जिले का नाम और जंडा फ़राते हुए बीपतगायक को देखा
20:05अरे भईया बड़ी दूरे तो हाद धोल बज़े लेकिन देखा इनके पूरे 20 मे अलान हो गए इनकी 40,000 रूपया की नाम हो
20:13कि क्यों हुँ हसाए दे तो 40,000 रूपया ले तुना पंच हसाथ हो इनकर थूथून ही ले लग को दाई
20:20इका एना है हसते है इपरिचे देवा इक परल
20:24कि लाल मुहम्मद इनकर बाटई नामाँ
20:30तो इनकर बाटई दीपतगायक नामाए
20:35मातान वा तो इनकर परल दैवर पुर मातान वा नामा तो इनकर परल दूबरा इस्टे शान वा तो इनकर भूरण पुरह उष्टे शान वा ए
20:58इन कर परहल बरदा बीर ना थाना तो इन कर हो कापकान गंजे थाना है
21:09अरे बुरों के का परा का जहरी गए बारा तो इन के का परा पबारा बारा जोटा है
21:20अरे बुरों के जहरी गए बेल पूल दाता तो इन के मुह में खुर पी यही तनजा तवाए
21:31लेगिन हसते ना इस सुना काहे हम गावे लगे तो आप लोगों के आसिर बाद से च्छैकर जमीन खरीदा पका मकार बरस एक बाइस बरस एक तीस बरस के तीन तीन ठेला यल बटें जनाना वा तो यह नहीं कुर के बाक इन सीनों जनाना है
21:55सुचेतों कि अरे कैसनी साथी होई के गाली गलाउज बखते हैं मजाक इकर्थ हुएं मजाक हो उन्हों पद ना हो खाली जनक पूर कहुए हमां जो ध्याक हुएं हमां जो ध्याक हुएं हाँ जो ध्यावर आखी बनावे पहुंच गय लाने
22:17सुना लेकिन गावे बड़े हमरे संहां में आवें तीनों महरिया कान पकरिके इनके कसम भरावें काक है कि बुढ़ाव हसी के मत गाया सभा में गाना तो देखी देखी के कल पैयन कर पराना है
22:42गजाए गजाए गजाए गजाए मुण तो बात लग जाले।
22:54अमीठ पानी के जो मर्द हो ला तो महरिय योग दस गारी दे लेता हो ही कहिके हटाए लेला।
23:02हाँ तो हरी कि नहीं देख लाए हमाई के कहा था हमें अपने आखी के धेरा ना देखा था हमाई का तो तो तोरे आख में भूली यह तेन के उपर चंद हो कि यानिके घरे के बड़े रटेर दे खाह से यह अपने खण हरो पच्छनियों नचावें इक खण हरवाइन बात खा�
23:32अपने खण हरो पच्छनियों नचावें ओन के सिखावें कि मदिरमा से खाए हो ला ना से अपने का मुरुगा का यंदा चबालें
23:47लेकिन अरे लड़ाईया अब लड़ाईया सेर सेर से होई
24:05के के मिली दुल़ाईया के करोई भी जईया लड़ाईया सेर से होई
24:19के के मिली दुल़ाईया के करोई भी जईया लड़ाईया सेर से होई
24:31कोई नहीं रह गया हर जगर से सूचना आ गई कि हमें सादी की जरूरत नहीं है
24:48कौन जाएगा वहां भेरा बक्रा बन जाएगा अगर आग से मचेगा तो बंदर बन जाएगा जादू की मार है कोई नहीं इमत किया
24:58तव जमना रनियं अपने मनवा मनवा सुचना अरे लाई के जाओ अनिया के भार कहा जाओ
25:15कई कुन पल बोज़ावाई अरे था परवप चली जाओ
25:28जवनिया का भारवाणा खोला परदा अरे देखा यवली अपन्चोना
25:43जेठद सहरा की परदी भई दुनिया करन चला असलान
25:55तो जितने मर्द रहे उडन विहार के सब गंगा तक करन चले असलान
26:05राजा कांता मल अलान किया कब कूसका मंत्री कहा तब कि सरकार बहुत लोगों को आप जला के माट डाले हैं
26:15आप पर हप्या लग जाएगी चलिए पाप धो आईए रादा एलान किया कि जिन्हें सोख हो कंगा नहाने कि मेरे साथ चले पूरी सेना सदा के जब चला
26:27तो उल्टा वम सम करो मंजा जन्दी को पदिया बजवाएं मार वालत करिया में लकडी मार मार तिल्ला एं लानी
26:41परतर कारिय परतर भैमल राजी बे सुमार अनुदार नी जरगियावर किला उडावर तो पल राएं वालतो पई अस्त धाध कर पत्के मरमर दो लाखाएं लाजी दे आईए बारू जल सैकाथे मरमर बोल दवाएं रबल पात बलम का बेरा चम चमा तते गर कर धार
27:09आय गजरत का पहिया तर तरा ये धोड़न कैना हाथी चरई या हाथी चरई बनके धोड़न के असवार चागर की जिन पीना घोड़ जरी आई चरी हजार
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