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  • 4 weeks ago
♫Albam: Sadhe Teen Chutiya
♫Song: Sadhe Teen Chutiya
♫Singer : Parshuram Yadav
♫Lyrics: Parshuram Yadav
♫Music : Aan Party
♫Recording Studio: Shama Cassettes
♫Video Editor: Sandeep Nishad
♫Mixd by : Gulab Prajapati
♫Digital Manager : Amarnath Ji

Category

🎵
Music
Transcript
00:00सब्सक्राइब
00:09मुर्याँ
00:14आए
00:22हुआ
00:25अज़ जद सुनें
00:26एक गाना तीन बेवकूप
00:28शिर्षग बाद सारे तीन ब्योकूप लेकिन थोड़ा सा मन रंजन भी मिल जाई और बात रंगडार रही सामाजिक रही
00:48आगे चलके कहानी घर-घर के कहानी में जाई भूमी का बाए
00:55कि जो जमाने जो जमाने को समझा दिवे की वही
01:07बरना मुर्खों कि स्रेरी में आजाते है
01:15जिसके गंतह करण में उजाला नहीं
01:23ब्यर्थ यंदे को दीपक दिखा जाते है
01:30मद में खीली कली अलि मद्बूर हो
01:39कामिनी का कलेजा तो फोलाग है
01:47करके स्रिंगार फिर्या प्यासे कही
01:56कि पानी लाओ तो कुटे की अलाग है
02:02करके स्रिंगार फिर्या प्यासे कही
02:08पानी लाओ तो कुटे की अवलाद है
02:11रूप नगर के राजा रूपक सिंग
02:17राजा रूपक सिंग धेस बदल के
02:21और अपने नगर में जोनबाएं तहलत रहलन
02:25इस जाएजा लेवे बदे अपने नगर के कि
02:28हमार शासन दे उस्था सही डंसे चलत बाएं की नहीं
02:31अचाने के गली के मोर पर जाएके
02:33राजा रूपक सिंग के जोनबाटे रूप जाएके पडल
02:37काहे बदे सुनलं की करके स्रिंगार तिरिया पियासे कही
02:43पान हिलाओ तो कुटे की अउलाद है जेखलन का यहीं बदे रूकलन जेखलन की एक्षे बुढ़ा वेचारे जोनबाटन अपने दुआर पर बैठल बैठन भीया जखाए सुना लोग एक्षे बुढ़हू दादा अपने दुआर पर बैठल बैठन घरवे में से
02:59खूब सुन्दर जोनबाँ हसीन अवरत निकलल सुलहो श्रिंगार बती सोधरन सजाय के अच्डाट के ओ बुढ़हू से कह लगल कि एक कुटे की अउलाद मैं प्यास से मर रही हूं तुँ यहां बैठा तमासात कर रहा है ले घरा जाखुए से पानी लाँ यह सुन के रा�
03:29कि आसमा से उतारा गया है जिन्दगी दे के मारा गया है कि यह गजल का निसा बदल देहला पर एहु गजल में जाना परिवर्तन हो जाला उखा कि काशी मैं ने देखा है
03:59काशी मैंने देखा है कामा हमें प्यारा है
04:29काशी मैंने देखा है काबा हमें प्यारा है
04:36काबा हमें प्यारा है
04:43काबा हमें प्यारा है
04:50काबा हमें प्यारा है
04:57काबा हमें प्यारा है
05:04काबा हमें प्यारा है
05:11काबा हमें प्यारा है
05:18लेकिर राजा रुपक सिंग
05:21उस सचीन अउरत की बात सुनकर के
05:24कि ए कुत्ते की अउलाद
05:26यह बेठा तमासा क्या देख रहा है
05:28मैं प्यास से तब रही हूं मर रही हूं
05:31लेगड़ा जाकू में से पानी खीचला
05:34सोचे का राजा रुपक सिंग सुनके
05:38कैसा उल्टाम
05:41कैसा उल्टाम
05:43हुआ है जमाना
05:48कैसा उल्टाम
05:50हुआ है जमाना कोई सती कोई कुल्टा जनाना
06:01और कैसा कोई कुल्टा जनाना
06:13तो कैसा उल्टान हुआ है जमाना कोई सती कोई कुल्टा जनाना
06:31कि अपसराये अपसराये है उतर जमी पे लपन सौंदर्य पर है लुभा
06:42जखलन का
07:00करके स्रिंगार नार घर से बाहर आई है गाली देकर पती देव को सुनाई है क्यों बैठा यहां तू हरामी का बच्चा है
07:18करके स्रिंगार नार घर से बाहर आई है गाली देकर पती देव को सुनाई है पानी लाओ तू दिमाग तेरा बच्चा है क्यों बैठा यहां तू हरामी का बच्चा है
07:36बच्चारे कुछिना बोलन राजा रुपक सिंग देखा तू हम कि गाली वाली बात सुनके भी बच्चा हुँ घरा उठावलन आज चल देहलन कुवा के ओर जब घरा में रस्सी फसाएके अब बढ़ा में घरा के लटकावे लगलन अना के कुवा में लटकावे शुरू कह
08:06जो उनकी भेश बदल की घुमत लें कहला कि दादा तो नहीं रुप जा पानी बाद में खिचिहा एक ठी हमार बात सुनला बुल्यों बच्चारे खड़ा उगलन चुप चाप तब राजा कहलन कहे राजा ये कहे राजा की दादा नार क्या हरामी है ये बतावां कहे राजा
08:36ये बतावा दादा हाई तू घरा लेके चलिला पानी खीचे बदे पानी लेके पहुंचबा घरे लकिन एक थे हमार शंका समाधान कहे दा हुआ उरतिया जो उन तो है गाली देहलस तू दुद वरिया पो इठा रहले घरवा में से औरतिया निकलल तो है गरिया उते निकलल
09:06बुड़ाओ करना की बेटा न तो हुमारे बेटी हो न तो पतो हो न तो कौनों बेश्या हो राजा रुपक सिंग करना तब तब गाली कहें बरदास्त कहिला बुड़ाओ करना की बेटा कहा कहीं दुनिया में सारे तीन प्रकार के बेवकूफ होलन राजा रुपक सिंग करन
09:36कि साहे तीन प्रकार के ब्यवकूब के के होला
09:38अब यहां से घर-घर के कहानी मिली
09:40हमरे घर के हो चाहे आपके घर के हो
09:42या कोई के घर के हो सोचे वाली बात मिली
09:44का कहलन बुढ़ाओं
09:46आई हाए टे गीत बाई
09:48वहे गीत
09:50जोना कि आप लोग सुने ला
09:52पिया
09:53क्या पिया पिया रचादा आब पियर भैली जेही आम रे सक्या
10:10तो पिया पिया मतला बावा कया रपिरी तले भागले सक्या
10:21यही गीतिया कि तणीसा बदल के भाण मंडली में जो करवा कुल गावलन
10:26इन निर्गुण सगुण
10:29आप लोग सुने हो कि कहवा से जीव यहले
10:32कहवा समाई गई ले हो राम
10:34कहवा पर बनल मुकाम
10:35कहां पे लपटाई गई ले हो राम
10:38जब आमेलो गाविवलन की निर्गून सेजयों यहले और सरगून में समाई गई ले हो राम काया गड में बनल मकाम मयामे लपताई गई ले हो राम
10:48यही कर आँ तर्निस्सा बदल के गाविलन पहग कोल गाविलन जो करवा?
10:53केट कावां से मत चल ले
10:59मत का संकेत लो काम देव से करें लग अच्या
11:06केट कावां से मत चल ले
11:18कहवां समाई गई ने हो राँ
11:25कहवां पेर बनला मकान कहां में
11:31कहां पेल पिताई गई ने हो राँ
11:36कि खोपड़ी से मद चल ले
11:45कि खोपड़ी से मद चल ले कहां पेल पिताई गई ने हो राँ
12:01अब पाया गई में पाया गई में बनला मकान कहां में
12:07यह ले दो राँ जाय गई ने राजा रूपक्सिंग से इना चिनतवन की राजा रूपक्सिंग होगन
12:09कहें बेटा आँ
12:10यह थिन परुषकार बुढ़ाव बतावे लगलन राजा रुपक सिंह से इना चिनत्वन की राजा रुपक सिंह होँगन
12:36कहें बेटा ए दुनिया में साहतिन परकार का ब्यवकूफ हो लगलन कहें के के दादा तब उढ़ाव बतावलन का
12:43किया मैं आतु भर के कहें चुतिया बेटाव ब्यवकूफन के अगर चुतिया के विश्रेही में रख दिया जा तब वो कमबा
13:01कहें के के के तब पहिला नंबर के स्रेणी में बतावलन की घर घर का बात मिल चाहे हमरे घर के आपके घर के कोई के घर के हो
13:19कि घर अवान में राखे जो पहिला नंबर के स्रेणी में ही लोगनावलन बेताव बतावली ने की घर घर का बात मिल चाहे हमरे घर के आपके घर के कोई के घर के हो
13:31सोचे वाली बात हो कि घर अवान में राखे जो पहिला नंबर के स्रेणी में हो लोगनावलन ये कि आपन जवान बेती बहिन के बिना बिवाह के ले और अपने घरे में रखे ले बाम आप पहिले ही नंबर के स्रेणी में ही हो लोगनावलन के कि नई हर में छोड़े नार च
14:01ये पाइच बेटी बहिन के बिना विवाग के लिए घर में रख लेबाद
14:31अज़े जवान दुलहिं के बियाह के लिए गवना निखे के लिए जवान दुलहिं के ससुनारिये में छोड़ दे लिए बाँ
14:37उँ राजा रुपक सिंग कहलन की दादा दूसरा नंबर के स्रेनी में किया हो एला
14:42तब बतौलन कि बिना लिखा पर ही के बिना सबूत कौनों ले ले बिना कौनों दसकत ठीप हो गएरे करो ले या दसकत ले ले या कौनों प्रमान पत्र ले ले ये अगर काम करें होन काम कि बिना लिखा पर ही के आगरी मंदेल पाइसा आए
15:02तुसरा नमबर के स्रेणी में यह लोग आवयलन बाँ जेकी बिना कोनो साबूत लेले बिना कोनो सरखत बनो ले बिना कोनो टीप सही लेले
15:20जनबाई से उधार में राजा रुपक सिंग यह थिस्लिपर नमबर में तब उड़े बतावलं की बेता तीसरा नमबर में पंच लोग आ वैला फंच लोग राजा रुपक सिंग का अँगा है पंच जाज करें बिनाव करना ही इंगलाurst
15:46मुह केरे में हम व्हायरा अब समत करे गलत के सही बना देलार।
16:03और पंचलों जोल तिसरों करिश नमबर की स्रेहीं में में आवालिट।
16:08राजा रुपक शिंग कैने, आधा नमबर के स्रेणी में क्या वैला, बुढ़ाओ करने बेटाया अधा नमबर के स्रेणी वैला कि ना बताई
16:14तीन गोपर तो विश्वास करत हुआ कि ना ही
16:17राजार उपक्सिंग करना कि दादा बात तो जरूर कहला सही
16:21लेकिन बिना कोनों एकर जान भाँ
16:23आज माईस के लिए हम कैसे कह दें कि
16:27तीनों बात आपके सही बाँ
16:28कहें तो बेटा जाम
16:30ये तीनों बात के पहले आज माईस कह के आवा
16:32कि हमार बात सही हो कि ना तब अई बात हम तो है आज हा नंबर के बेवकूफ के स्क्रेणी वाली बात बताए दें
16:37एच्छा ठीक बाग चलने राजा रुपक सिंग आज अजब चलने लन तेहां तेरी के वहाँ होगा
16:43के होते हैं साहे तीन जूतिया हो के दिदे के पनी करनी पर रोते हैं
16:58चलने लन पहुंचे लन घरे या राजा रुपक सिंग सोचे लगे लन का
17:03कि शंका में पल गए राजा मौगी जे कर सचुरारी हो
17:12अर राजा रुपक सिंग भी आ केलन मा भी गवना नाही कर लेह लन
17:16उन्हों का दुलें भख़ लेशन ससुरारी ये में
17:19सोचरा ना की यार एक बुढवआ कहात वा कि पहिला नम्मर के स्रेणी में जे जवान बेटी वहिं की धर में राखेला हूँ आवेला जे
17:24जिर दो लेहन की बिना गवना करो ले ससुरारी में छोड़े रहा हूआ वैला
17:28ताम अरज दो लेहन की ससुरारी आपक है यही शन तो नहीं कहें न कि हम पहले नमर के स्रीडी में हैं
17:33तेकर आज माईस करे के चाहें
17:35राजारू पर सिंग कहिलन का
17:37कि शंका में पड़ गए राजा मौगी जे करत सुलारी है
17:43रूप बदल के चल भईले दिल में भई शंका भारी है
17:50अरे धीरे धीरे पहुच गए है जायक बनिया के दारी है
17:58और ये कह चारर परिया दे कहे देना पुड़ी तरकारी है
18:28आजाए के एक फ़े भईनिया के एक तफे शेड के दुकाने पर बेच के लँड़ी दुकान पर बेच के एक 1000 रुपया देने के बाद उस सेढ़ है
18:43मैं पर्वेसी हूँ आया हूँ तुम्हारे नगर में ये ब्यापार करने के लिए पर्वेसी हूँ ब्यापारी हूँ आया हूँ तेरे यहां ब्यापार करने के लिए इस नगर में तो एक हजार रुपए तुम रख लो जब तक मैं इस नगर में रहूंगा तुम्हारे यहां ह
19:13जो में परदेशी आदमी हूँ व्यापारी हूँ ब्यापार करने के लिए आया हूँ तो यहाँ इस नगर में
19:43मुझे एक विश्वास पात्र मित्र की आउशक्ता होगी न
19:46तो आप से बढ़ियां विश्वास पात्र मेरा मित्र कोई सावित नहीं होगा
19:50आज से आप हमारे मित्र और मैं आपका मित्र
19:52हमारे बेपार में आप मुझे मदद देंगे
19:55मेरा मददगार सावित होंगे
19:57ऐसा ही मैं विश्वास कर रहा हूं
19:58उ मनाई जनवाब भोजन कहले लस
20:01एकरे बाद दूनों जने का मित्रता जनवाब प्रगार होए लगल बढ़ है लगल
20:05का एक मतलब कि खात पियत उठत बैठत सोब सब कुछ साथ है साथ
20:09तीन-चार दिन अईसे वो बनिया के यहां बिताया देलना राजा रुपक्षिंग
20:13आज बिताया देलन ते एक दिन अपने मित्रता से कहलन
20:16कि चला मित्र तेनी देख लिया जाए नगरी का हम जाए जा ले लें कि कौन ब्यापार कर अब तो ये नगरी में हमें फाइदा होई
20:22लेके साथे चलें मितवा के कहां लेके पहुंचे लें
20:26कि मितवा के सानावा में
20:32ये चली भईले राजा है
20:37गईले से सुरजी के बावा रहो
20:43राजा की बीटिनिया की चहली जावनिया
20:52अंदे अंदा रती मुश्यका आया हो
20:57खड़ करके सुलहो सी आया हो
21:07आपने ससुर के राज महल की और दुरुवें से देखिलन की राजबार पर एक खूब हसीन
21:18लड़की जनबास सोलहो सुरिंगार बरतीसो बरन सजाय के खड़ी हो
21:22और अगरत की जब देखिलन तो सोच गेलन की हो नहोई राजकुमारी लगते हो
21:25इया कहीं हमारे दुलहिन हो सके लें जान भी इलन भी श्वास कि लिए इसका मतलब के हैं
21:31तब ब्यंग कसद रहनों सथियवास सथियवास ब्यंग कसद के ब्यंग में कहलन का की मित्र
21:46मुत्रवा जया है व mineral Hans Rogers की आर का बुल को रिष्छार्म हुआ प्रूपा
21:50मुत्रवा करके सुना सुना
21:52तुप पूचा तुआ कि
22:05मुत्रवा वφतावे लगए बड़ा कुमर स्तिय�।
22:09अव है गित वाजोने में निर्गुर से गुर्दूनों भाव मिले लाम, एक लाइन गित के नमुना बाम, कि काचे काचे बासावा काचा वाले, मुरे आ हर जोगिया
22:34बसवा कंटवले, रे माची यो बनवले, ताही उपरां हमरां के लेकावले, गतर गतर कंटवा वाले, मुरे आ हर जोगिया
22:50लेकिन ओ मित्र बताने लगा कि सुनियों, सुना सुना मित्र, हम बता हो थें बिजली जहा गिरे किराल तहा गिर गिर लेकर मतलब का भई, बतावले की रची रची रची अरे हाथवा में मेहादिरा चावाला सरे मितावा परदेशिया
23:08राजा साब कहला कि यार तनी अस फ़स्ट कहके काहने बता होता है काई रास्यबादी बात तू कहत हुआ, एकदम छिपल बात तू कहत हुआ, तनी एक परदा के सामने लिया कि अस फ़स्ट कहके तनी बतावा
23:30राजा साहब रुपक सिंकरलन कि अब ही अब वो तोहार बात हमरे समझ मिना आई तब बता उलत कि सुना सुना सुना
23:48तू कहत हुआ, कि बिजली कहा गिर गए, तह हम बतावा थे, कि बड़ा ब्यवक पूफुमाचे एक रसा जना आई
24:06अरे यार एकर जोन पती बाय न जोनी लड़किया कि तु इस सारा करके पुछत हुआ
24:10एकर जोन पती बाय न एकदम मुर्खवा उकरा इसन चुतिया ते दुनिया में के हुणा हुआ
24:16भाई राजा रुपक शिंग कहें कि पस पस पस बुढवार सही कर लोकि पहिलानमबर के सुरेरी के इवलन
24:23इस नहीं पर कहा बात बाए ऐतु देख़त हुआ एकर तर्मस तर्मस जवानी करतिया
24:29करस तब का हम करी तब बतावलास की चहली जवानिया न ले गई जवाना है
24:43देखत हुआ एकर जवानी न आब अहीं उन इर्दया की ज़र्बास शर्मों ने के लगत गवनों न कर ओलास छोड़ देल बास असुरारी में
24:49सबेक्देर के राजा अरुपक सिंग्स ज़र्बास काला हो सके कि अरी के सामने कौन अमजबूरी हो और जो एक गवना करद़ तो अद्धो पद्रु 만 अधाए ने अंधी dividend है
25:13कि देखत हुआ स्रिंगार हर बेटी बहिन के चाहे हमरे घर के हो या कोई की घर के हो मित्र सम्झा रहा है आप जो स्रिंगार देख रहे हैं यह लड़की जो स्रिंगार की है
25:31कि नई हर में किसी भी बहन बेटी के लिए यह स्रिंगार बरजीत है क्यों कि नई हर में बरजीत है
25:54से बाहर है यह स्रिंगार करने का कुछ कारण है राजय रुपक्षिंग कहलन का कारण हो यह सिंगार के लाका तब अब तब तावलत कि नहीं हर में बर जिर्टा स्वलहाद स्रिंगार आए
26:07कि बस बस समझ गे नी भाई अब ही का तू सही सही बतोला कि बिजली कहा गिरल
26:37चल आप चल जाए घूम ले लिए दू दिन और वित्रोलंडो नगरी में आयकरबाद राजयर उपक्सिंग कहलन की ओमित्र से कि भीया जनादबा की तुरे नगर में हमार ब्यापार जोनबा सफल ना हो पाई हमके घटे घटा देखा जबा एक कामबा अब हम जातें सेर्जी क
27:07पचा जो देदो पैसा आए तो डाज के हलुआई बोला कि तुहार बाकी करता
27:20ए भीया तो अरी यहां साथ आट दिन तक रुकली नहम एक खजा रुपया दे ले रहनी हमारी साथ किताब के दा जमन हमार पैसा बचला तो अन वापस करा भंजाई तो अरे नगर में हमार ब्यापार सफल ना हो पाई उस एर जी करन की कैसन पैसा हो आँ तो यह खजा रु�
27:50एक जाई रुपया ना दे लें करना तुछ रासार जुट भी बोलत हुआ राजय रुपक सिंग के लिया कम पैंच के बलवाई करना पैंच कब दोर आओ
28:20बेवकूप होला, बिना सर्कत साबूत के हमें खजार रुपया दे दे दे नी, दूसरा नंबर के स्रेनी में भी हमें आएगे नी, आप पंच लोगन के जनवाते हैं, यहू लोगन के आज माईस का यरुदी दालना, पांच थे पंच लोगन के बलोलन, आप बलाएं के पंच �
28:50तू नबिया के पार गरी है, तू नबिया के पार गरी है,
29:05ओ, ओ, सेइकलिया पर हो के सवा,
29:15राजा रुपक सिंग पंच लोगन से कहलन का कहलन कि हमद हली रुपया हजार गुहार कोई ना सुनी है
29:45गुहार कोई ना सुनी है
30:15साबुत वात वारे पास
30:16कह दो हाई पंच लोगन की है तो हम से गल्ती हो गई
30:19तब पाच्व पंच करना कि ओ
30:21एकर मतलब कि तुम चार सो भी समालूम पड़ रहे हो
30:24तुम कह रहे हो कि एखजार रुपया दिया हूँ
30:26वोई तुम्हारे पास प्रमार नहीं
30:28और तुम एक खजार रुपया दे दिया
30:30अजनभी हो करके यहाँ इस नगर में आयाँ पहले पहल भी अपार करने के लिए
30:34और एक खजार रुपया के इसे दे दिया जी
30:36अच्छा तुम्हारे काम करा
30:37यहाँ दिन बाइद के जन नहीं रहो दी छान के खजाण के खज़े हुआ
30:40यहू का पैसवा देदाम अजल्दी भागा नहीं तो अब तु जेल का हवा खाये चल देबा
30:45रादया रुपक सिन सोचगे लिए कि बस बस बस बस
30:48बुढ़वा सही कहले रहल की मुहदेखल पंच हो ऐलन महीं
30:51तिसरा नमबर के स्रेणी में उन मुहदेखल पंचाइद करे वाला पंच लोगन के बताव ले रहलन बुढ़वा ते इस तही बात बाग
30:57ततकाल जोन में पैसाद देव की आपन भगलन हुआ से
31:00अब आ केलन घरे केलन काम भेज के चित्थी गवने का दिन राजा तब रखवाई खाने बैठे आंगन में तब दुलहा गयरिसी आई
31:09चित्थी भेजलन से सुदारी में गवना के दिन रखाए गई गवना के दिने जब राजा रुपक सुन बरात लेके पहुंच लन
31:15आगन में भोजन के रखवाई भेजलन है मित्र लोगन भेजलन होना गल गल में राजा साहब जब पहला कवर उठा में तब हमनों खाई जाँ
31:21तो सब कोई बेठर बात सामने भोजन पहलबा आउरहेर्द लोगन मंगल गीत शुरू के देलिट का गा में तो है गित्याबाम कि खटयाए गयों ख़टयाए गयों शहरं बनारस नोगतरा हों
31:40लेकिन और अपनों का गावे हैं कि लीला लीला आपकावा था हो
31:48क्ये सुपर हम कहें कि तुम लीले बती आतु भी राय है
31:52हाह तभी हम उह है और अपनों गावें कि काटा काटा काटा काटा यह बबुआ करए है
32:08काटा काटा ये बवुआ काराईली है
32:22कहलिन की कच्छी पकी दुनोर रसोई बनलबा गीत के माध्यम से गावा है
32:26कि कची रसोजी में दान भात रोटी
32:30कची रसोजी में खाल भात रोटी
32:34बजरी के लिटी मिले छोटी छोटी
32:37पकीर सोई में पुरी तरकारी
32:51खाल मरद वा गुला रासोहारी
32:58कतहर के बजय का छाछा भी जोरा
33:05खालक लोटी कराईली के रारा
33:11घाम गावत गावत एक लाईन दुलाई पर जोण बाल लहाए ने उरत लोटी
33:19अरे गुलहा के भुवा बढ़ी रसी ली
33:32रोज रोज भूमे लिकान पूरे दिल ली
33:42वही नवा के लेके पर रही ली हाँ खलत आजाएं
33:54बुलाँ साव रूपक सिंग जोर बातर रिसी ली आए के बैठ लुमन
34:03अईलन उनका ससुर जी बेता क्या चाहिए बोलो
34:05बताओ क्या थिवे चाहिए राजा रूपक सिंग चाहिए की हमें धंद उलतना चाहिए
34:10तब उनका ससुर जी कहलन की का चाहिए तो है
34:13कहलन की पहलन की पहलन की पहला नमबर हम के एक थे बढ़ियां हलुआई चाहिए
34:22हलुआई
34:23कहलन की पहला नमबर हम के एक थे बढ़ियां हलुआई चाहिए
34:24कहें बेटा हलुआई, क्या तुम्हारे यहां हलुआई नहीं है क्या, कहें हमवन, जरूर हमवन दाबुजी हलुआई, लेकिन यहां जिसन बढ़ियां कारिगर हलुआई निखन, कहें तो यहां तो सेकड़ों हलुआई पड़े हुए हैं, किसी को मैं दे दूँगा, कहें किस
34:54तो हमारे यहां निरणायक सही नहीं और थोड़ा सा लूज है इसलिए मैं चाहता हूँ कि अच्छा निरणायक अच्छे पांच पंच यहां से आप देदें मैं ले जाओं
35:08कहें ठीक भाँ तकालन की हो जेके हम मांगा वही के चाहिए के मंगलन वही पांच पंच लोग उनके जो उन गलत मिरने देलन कहें और कुछ कहां एक थे बढ़िया हठा कथा हमके नौजवान चाहिए अंगर अक्षक के रूप में कहें तो सैकोड़ पहलवान पहलवान कहें सै
35:38जाने से इनकर अवरतिया जुनभा गरबलाईल रहर वही के कहलन की बस उह अंगर अक्षक के रूप में चाहिए तीनो बात स्विकार भाईल, रात वितल, सबेर भाईल, बिदाई भाईल, और जब बिदाई भाईल तो भाईल का, सबर अल्हा, के हो तेम, हां, आरे हो तन, �
36:08हो ती दाई हो गई, हां, हो तभी अतारा, हो ती दाई हो गई, अरे राजा, चले दू लही निके दोलावा फ़नाए,
36:38में हालू आई, बावु चले पाचो पंचे सनवा में हालू आई, और चले यंदे रक्षकर में देखावा उठा, जी चमा दहारीया में राजा याई गईले, तो रहिया में दिये राजा खेमाने दू आई, लपा चोड़ा हो जे कभी ठाभावा वाले,
37:08और देहा में दिये पंचाई चोड़ा हो जे कभी ठाभावा वाले, और देहा में दिये पंचाई चोड़ा आई, लेके पाचो पंच, हलुआई अंगर अक्षक, रानी स्थके लेके बढ़ात वापस, जब भई, राजा रुपक सिंग बीच रास्ता में ही रखवाई देलन
37:38और देहा में कौन, इनके काम सुझ गई, पहयार चुप रहा, बढ़ मनेही का बाते कुछ अजी भोला, और सकेला राजा साहब सुचले हो कि कौनो निशानी के तोर पे जोनवाई यहां हम पुखरा उखरा खनवाई देज, तो इगड़ा वड़ा खुदवाई के, आएकर �
38:08कि बोलो हलु आई लिया एक खजार रुपया है, ऐसे बताओ, तुम्हे एक खजार रुपया लिये हो कि नहीं, शेयर जी कहलन कैसन, अतव हो है जोन हम बेपारी बन के गई लहनी, तब सुचले का सरकार आप रहलन, कहें आपना रहन तो हर बाप रहलन, एक खजार रुपया
38:38सलियत के पता लग वावे के चाहतर हल, एक रहे बाद फैसला देले होता, कहें गलत फैसला देला है, कहें सरकार जियों तनी साया, आप घूमल सेट की ओर इस सारा पाय की जनबा हम होनों के कुछ हिस्टेदार बन गी लिए उकरे में, कहें बस-बस समझ में आ गई, एक रहे
39:08कम चेता दुन बता वाई पुछे की पहार का लगी हना गरक्षक तब रानी कहलीं, रानी से पुछे की पहार का जिलाई है, तो गव किनाता लगी हना मुर�ил भाई हो
39:35अब राजा रुपर्ट सिंग का लंग कि हम बताओ थे भाया लगेंगी का लगेंगी हन।
39:39कहें दिनमा का भाया, अर दिनमा का भाया, और रस्तिया के संया, तो समही को दिया का हमेंद हका आये।
40:05पूरी बरात के निकाल के गढ़ा से बाहर, मजदूरों को अदेश दे दिये, अंगरक्षक के, राणी के, पांचो पंच के, और हलुआई के, इस सब के जनबावई गढ़ा में धकवाय देलन जीते जी, मति से, धकवाय के एकरे बाद राजा रुपक्सिन पहुंचलन घरे, �
40:35कायवर, जनबाव, अजघ माइस के क्या ऑगः लगए, तो आजमाइस के क्या आगः लिए, आप तो शोलह है, आना, सही को के लैंगर्ला, हम सही सतरह जाना, एक्छी मानत लिए, एकदम सही बात बाद अदा, अरे पहला नम्बर के स्रेनी में हम ही फोस गए लिए, दूसर
41:05स्रेटी का तू बयुकूप हो तो आधा नम्र के भ्यूकूप हम है।
41:10बुड़वा के राजय रुपक सिंग से,
41:11राजय रुपक सिंग कहunta तौल्टेन से लेखे नाहीं
41:17हम ही हम गातिकद बतामें बुड़ेओ।
41:19कि हम हाँ आधा नम्र के भै लेखेवD
41:22कईसे आत बेटा तुँ पूछतиль रालाम कि जोडंगरी आूट लिया और तीया हूं तो हार बेटी है कि पतो हगी कोनो नो बेस्या हा तो बेटा ऋना हमार पतो हूं है
41:31ना हमार बेटी हो ना बेश्या हो वह हमार महरारू हो औरत हो अरे बापरी राजया रुपक सिंगा रहे तो हार उमर 55-70 साल के वोकर उमर जोन बहा वही 17-18 साल के तो किसे कर तो हमारा औरत हो तब उड़ाओ करना कि यही से में हम करते ही बेटा कि आधा नंबर के बेखूप हम
42:01अच्छा तो देख्टाम बरी गए लिया च्छा बर लगा क्या फासर ही तजय है अब जय है बुरहों कि में ले आवे ला जवाय में
42:31चालिस बरस बाद में जो कर किला हुए शादी हो तो धनयो धरम वाके हो ले बौर बहादी हाँ
42:46जेकर उमर चालिस बरस को होगे चालिस बरस के पार कर गई अगर उस 17-18 साल के
42:52हसीन अवरत के शादी करके घर में लियावत बाद तो करधान या धरम दूनो चल जाला दूनो नस्ठ हो जाला कहलन राजा रुपक सुमु का है दादा बतालन कि देखत ना हुआ हमार में थेस फ्यूज बाद कर अभी जोन बाद मर करी हो ही तरह चमकत बाद तो यकर कारण �
43:22दूनो चल गई कहें बदे के घूम घूम के चाखेते आता है घूम घूम के काखेते बादे राज का चाही तेके बुहां की मेला वला जमान में हाला है
43:38जबतालन के राज का चाही तरह जोन चाही तरह जोन बाद तरह जोन बाद में है
44:08कि लायाँ दिसके माल हुआ कि बायाँ, पानको नचता हना हमारा लायाँ
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