00:00के लूब के ल вас ए गारो का ल één बनके लड़ एका
00:04किले अजया हम आरो करके है की वन को है
00:10तर आपकान प्राप आपकान प्रापना नौन कर दो दो आपकान प्रापना कर दो दो दो सिद्वेता है
00:35फरके तफ़ावलाद तूफान च्यानी
00:43तना है
00:46इतने भी सहीद हुए हैं
00:50परतेख सहीद के नाम के सामने विशेष्टा
00:53विशेषन जुक्त सब्द होंगे
00:55और जिस विशेषन जुक्त सब्द से
00:57संबोधित किया जाएगा उसी
01:00बान से उस भीर का नाम होगा
01:02फरके तफ़ावलाद तूफान च्यानी
01:07असथा क्यावधी को बुर नाम बोला
01:16भाईया हो
01:21कहना है
01:23फरके तफ़ावलाद तूफान च्यानी
01:28महातार मंगल तो गुर नाम बोला
01:33बारूद बिस्मिल तो यब तुले अन्दा
01:41बिज्चुत बने बोत जये हिंद भोडा
01:47बगत भान सर चंद्रमा चंद्र से ख़ए
01:53असभाप याभी तो सुखदे वसोला
01:58मगर संसक्तासी में साओर चक्र पागे
02:04अरे मरे फित पेगारो पिताजी तो मौलाओ
02:07बिल्कुल नया जनाबाद
02:15पाल्टी के लिए भी नयाबाद
02:17हमरे लिए भी नयाबाद
02:19अगर कनो गलती में हो जा भूल चुक हो जाता अप लोग
02:23गुलामी की बेडी से मुक तो करके आजादी को प्राप की
02:26पर आती हुई जन्ता आजाद हो गई
02:29उन सहीदों के नाम पर कभी जी के दो सब्द हैं
02:32लेकिन गजल का रूप है
02:34गजल उह बाद
02:38कि जो तुम्हें बताना है
02:52हमने जाना है
03:00लेकिन भाव क्या है?
03:07अपने लहूं के जो
03:12तहना है कि अपने लहूं के जो
03:16अरी अपने हैं लहूर से जो
03:30इस देशा को उन्हे की मजारते
03:42नाखो नमन हमारा नाखो नमन हमारा नाखो
03:56सहीद जितने हो गए गन्धी शुलास भगत उधंधी शब को याद करते हुए
04:03हमारा सक्सक नमन हो कोट नमन हो
04:07जैसे क्रांतिकारी आजादी के शपूत को भी हमारा कोट कोट नमन हो, कभी जी का कहना है, लेखाव है, इस भाव है, आगे आश्रिवात करें, परतंत्रता की बेली फ़लाद बन के तोड़े, अहले वतन को अपने आजाद करके छोड़े,
04:31लेखे कि आताम से तुम्हारे, का सुझाओ तौलों हो, आताम से तुम्हारे यह देश है अभारी, इतिहास में अमर है गेदामनी तुम्हारी,
04:47ऐसे शपूत, जो कि देश के लिए महान कार करके, अपने प्राहों की आहुती दे करके, बल्कि बेदी परशाम्त हो गए,
04:58उन सहीदों को कोट कोट मसकार है, जिनका नाम सुरालाच्छों में इतिहास में लिखा गया है,
05:07लेकिन एक सपूत, जिसकी गाखा आगे हम सुनाने जा रहे हैं, जा है, बस्ती बनो चैंदर, बस्ती बनो चैंदर, बादा जिला के अंदर, बेटा था उन्त चास्ता, नरेश ब्राचत्तर, बाराम आई सी आती मन हूसलन के आई, अरे होके सही धना हर गर्मा जया बशाई,
05:37अरे होके सही धना हर गर्मा जया बढ़ाई, ऐसे ना हर को, ऐसे सपूत को, जब तक नमस्कार रहेगा, तब तक, क्या, कि जब तक या आता समीं,
06:01अरे जब तक या आता समीं, ये चांद याओ सितारा है, लेकिन मेरे प्रेमियों, वैसे सहीध का नाम रोशन क्यों हो गया, क्यों ही कि हास में आया, उसका प्रमार है जरा सट्टेरिक रूप बभया,
06:31अरे सहीध आता, सम्मान तो मिला,
06:45अरे सहीध आता, सम्मान तो मिला,
06:51अबला की अरजी पर भले हुआ कुर्बान,
07:05सहीध का शम्मान तो मिला, वह सहीध क्यों कुर्बान हो गया, एक अबला की अरजी पर पुकार पर उसका भाव है, कि नामी गुंदा रहे
07:19अरे मोहन गुद्धन बड़े पुखा,
07:33नजर निवासी बदमातों की, अरे हरकत से रहते लाचा,
07:53निसा में कदी में कजुआती को, करना चाहे बला सका,
08:03अरे मीरा सहो करया समत खाते,
08:07करना सरो में पिया उठा,
08:13भावा, मोहन और बुद्धन बन्नोटा,
08:37बस्ति के इर्द जिर्दकन मानल जानल गुंदा रहना है,
08:40मोहन और बुद्धन दोनों गुंदा, एक दिन एक जुवती से,
08:45और धरात्र में बलतकार कहे चाहत रहना है,
08:49जवरदस्ति से पकर वहना है,
08:51रास्ता में और जुवती के पकर के जवरदस्ति,
08:58जवरदस्ति जव असमत लूटल चाहना है,
09:00तो बेचारी असहाय होके लगल पुकार करे वो आप करे लगल गाह के लोगन के मदन मुरारी करहया का याप दिलाते हुए करहया रूपी देवता की पुकार करने लगी
09:16तो कैसे पुकार कर रही है और तर्द क्या है तर्द वही अरुप जबुता वाली बहुत्पुरिया हो पुकार कर रही है अबला कह रही है कि मेरे भैया कोई शाहायत तो बन जा लेकिन कैसे तर्दा कि सईदा के हूँ
09:36मादातिया हो इजहतिया मरीनातिया कर गार है देखा इस्वर को पत्ति नाहा चाप रही है नानाया
10:02देखा इस्वर को पत्ति ना है छप रहिया ना है तनि पूझा कहती है
10:09कि नंगी तरके मुझे गुटातन नंगी तरके मुझे गुटातन थोला मोरे पत्तिया हो
10:22कि नंगी तरके मुझे गुटातन नंगी तरके मुझे गुटातन नंगी तरके मुझे गुटातन नंगी तरके मुझे गुटातन नंगी तरके मुटातन नंगी तरके मुटातन नंगी तरके मुटातन नंगी तरके मुटातन नंगी तरके मुटातन नंगी तरके मुटातन नं
10:52हर्या हो, सुर्दा से धिर से रखे, सुना, नरेश कुमार, नरेश के कानों में ज़र अगला की पुकार पड़ी, तो चल दिया,
11:14एक बात हमके ध्यान में आ गई है, हो सकेगा कि हम अहीं एक गलत समझत हो की, भान देवारी बात है, मार्शक्ता बर्कभिया, अच्छी सुनना आपको, जूमर लचारी, जब तुरू कहले रहलेगा, जब तुरू कहले रहलेगा, बात हुए हा, भाईया बताना, जब अहिरन क
11:44भ्यंत हो जाए, ती ना देखें कि दूचार घंता लेठोखे कि ना लेठोबा, लेकिन यहर से सुना, तुरू बरात जले, जब कनाम लवरिया रहे, लवरिया कि को नवा पर जूतवा रहे, अर गाम के गोईने जब जब पहुँच जा, तो जूता के धिरे से लाटी परके
12:14उनके लड़ कर ले, नब जब कर लेखें से ली भ्ड़के से लाटी एकृइजा लेकिन पहाई आइकिता क्लोड कि हेसे भरिया।
12:37है एएós
12:40हो गई रहे हैं क्याक है ?
12:47ककरण ब легल मेर्यूर化 ?
12:52हो गई रहे हो गई रहे हैं
12:57कषण ब्लेद करण है ?
13:06तो शुगणा मांगे का, अरोकर काम का रहे, उकेल का चाहे
13:17भाबा वो सुगणा का काम का रहे, अननसको खाए के माँँची, शुगणा डूला-बानา
13:26तोão गणाभाना-खाए केमा रिंदल-बान सय दहां
13:35आफरी आफेसे कामधेशा, जिए नन in लीजे का चुसी पहता हया है
13:56पहासोत किया है स्अरी मोजाऊ न अरे कामधेशो उत्ता है
14:03कह भाद तरा गरतो र्याँ
14:08कह भाद किरी रेची का था मोहारमा लाँ
14:16अरिक भाद मोहारमा लाँ
14:19गरवा दवोनी का था मोहारमा
14:33है, यह सही है, यह जब बाँ, यह जब बाँ, यह जब आप जागाँ, टिया जब आपकोर्या, यह जब दोटागोर्या, टिया जब बाँ जब भुआ है, पतना केरी रे ची इंगरी कम आला द्समोप,
15:02करा करा कर दो कर दो दो हरा माला ऑला ऑजों जो रापनी है
15:32लेकिन इस सब तर्द के बात रहने, तर्द के बात रहने, एम ज़रसा अवला की पुकार को सुना, पुकार को सुन करके इसकी इज़त को बचाने के लिए चल दिया है, तो कैसे चल दिया?
16:02किया चा?
16:32मुहाना के पकर ले रहल
16:46जौन बढ़का गुंदवार हल
16:49उके पकर ले रहल
16:51और तोले बुद्धना लबकल
16:53बस मुहाना के तुरंट
16:56लंगी मार के पतक के धतक लिहल
16:59और बुद्धर पर ला पक पर हल
17:01दोनों गुंदे समखर करके
17:28नरेश कुमार पर एक साथ वार करते हैं
17:34एक साथ वार करते हैं समखर करके
17:36जब दुबारा सब खड़ा हो जाते हैं
17:40नरेश कुमार को पकर लेते हैं
17:42अरे गुस्ताकी में हो ले
17:52अरे गुस्ताकी में हो ले
17:54धोकी धोका धोका धोका बाजी में
17:58अरे गुस्ताकी में हो ले
18:00धोकी धोका धोका धोका बाजी में
18:04अरे दबले दबला भगी पाए के
18:06यूँ का धोका धोका बाजीने के
18:08अरे निकाल छूरा हराम जादे
18:29जहां न लगे गुतियारी हो
18:35अरे तुहरे कारण आके हाके जईनी माल पर आई हो
18:41कुट्टे हराम जादे कहें कि आई लगे तेरे ही कारण आई हुई माल फरार हो गई
18:50आई हुई माल फरार हो गई तेरे ही कारण और किया क्या सब
18:58बाभ है कुट्टे हराम जादे कमीने किया क्या
19:02अरे हवस के कुटे, हीरा नहीं बिलो का धोखा बाजी में, और बच्छा स्तर में बगल से छूरा धोखा बाजी में, चूरा भोग देते हैं,
19:31नरेश कुमार, जमीन पर गिर करके छट पताने लगता है, खून से लहू लुहार हो जाता है, प्रानाम्त होने के करीब है, उस समय का भाव है, प्रानाम्त हो भी गया, दोनों कुटे फरार हो जाते हैं, अब लाव भी फरार हो गई,
19:52ऐसे सहीद के लिए कबीं जी के सब्द्या लिखेंगे
19:56अजरा सब हाँ हौआ ल्हक मास्टर
19:58अरिया जनभिवाबाला कये
20:07सुली के आवादि माया जनभिवाबाला कये
20:17की माया इनीड़ जनभिवाद लो � achat
20:22आ एंए जेरा आप सहीद रूआ लाजी आ बचाए
20:27कर आप सहीद रूआ लाजी आ बचाए
20:38कुल आप दो ना जेक्वार वेश्वानी बादा को सावाली
20:45मात्या पिता रही जाव करेगा लाव नाव नाव नाव नाव
20:55प्रवहारी मीरी चपसिवा मंदन सिंह राहा लए
21:01हावातिंसा दूकी दिये मोल दिम पर लागा
21:09भाईया हो दोनों कातिलों के उपर प्रवहारी मीरी चपसिवा मंदन शिंह तिन सव दूकी धारा लगा देते हैं
21:18चारों सरब कातिलों की पुलिस खोज करने लगती है जनता के आपोस को देख करके ए दोनों कातिल आत्म समरपर करने के लिए तयार हो जाते हैं
21:30अंकतो गत्वा आत्म समापर की कर देते हैं समरपर जब कर देते हैं तो इधर मरे हुए शहीद के पिता को
21:40बुला करके अजोद्ध्या के वैश्र मंदिर में एक जन्षभा को संबोधित किया जाता है नेता और मंत्री भी आते हैं उसमें ग्यानी राश्पत जयल सिंग भी आते हैं और पिता देतर के मरे हुए पुत्र के पिता को बुलाया जाता है और जिस समय पत्र का पहुंचती
22:10चुकी है उस समय जब पक्रिका पहुची सहीद नरेश के पिटा के पास तो उस समय का उदिगार है उस समय का भाव है यहां की अंतिम बात है
22:20चुकी है उस समय के पास तो उस समय का भाव है यहां की अंतिम बात है
22:50अरे साह सीचु अनपर भेडा है साह सीचु अनपर भाव हूँ फूले न समाते आसु पोच माता पहने लागी हरसाते
23:11क्या कही मा मा कही आसु को पोच डाली पत्रिका जिस समय देखी आसु को पोच करके एक बात कही कि धन्य हो बेका कही
23:23च्हारा अरान तिम आसु कांगे आसु आसु करके आसु आसु आसु करके आसु क्या आसु आसु
23:32किसी दिन, किसी पुनेतिथी 26 जनवरी कितित के दिन ही राश्पत किये क्या
23:58यही दिन था 26 जनवरी का ही दिन था संसक्ताशी थी
24:03हुआ क्या, कि सब दिन का जनवरी संसक्ताशी को बुलाई
24:09तबा पाशित सत्रगिये गुप्ता को खनाई
24:13और बन्नोता नगर, श्टहीड नगर के नाम से
24:25चारों तरफ दिब्यमान हो गया और रस्मारत बना
24:30उस सहीद का शहीद मेगर में ही और हुआ क्या
24:36उस सहीद की प्रतिना प्रभाव रहा
24:38इस पावन अप्रतिना प्रत्वना चरहाई गई लाए
24:43तब देता काव प्रत्यता रहा प्रहाई
24:47सवार भावन अप्रत्यत चरहाई
24:51सामे गुरु भी आर रहा प्रत्यत दिब्या गए
24:56बेस पवार रहा प्रत्यत चरहाई
25:03सामी गुरु भिहारी रम्मन जिरहा के निरमाता
25:08अजी उनका यम्मारी समान की जोती जगाता
25:13सहीदों का समान को मिना
25:17जादा हिरा लार परसा बज़ता याचा
25:20सहीदों का समान को
25:22सहीदों का समान को
25:25कई से कहे मनाई हो गुजरिलारू कर ले लेकिन भक्त मा सारदा से मांग रहा है कर रहा है आरधना के रूप में की मा
25:53सारदा मर्या हो नवर्या पारदा
26:01करी कहते हैं
26:31एक बाल करेमा
26:48भुब सकता हैं
26:52भी लो चाल को कि बाल करेमा
26:55कर दो कर दो कर दो कर दो
27:25मेरे पास ज़न है न दोलत है यहां तक की पूजा करने के लिए पूजा सामगडी भी नहीं है
27:53है तो क्या
27:54हुआ हुआ हुआ है
28:24हुआ है
28:31है
28:33है
28:38है
28:43है
28:45जो सारे थे वह भी गुरुभाग बस दैध्वारा छीलिए गए
28:51है
28:52है तो क्या मेरे पास
28:54जाटा है वक्त की माँ
28:56है
29:03है
29:05है
29:12है
29:14है
29:16है
29:23है
29:25है
29:27है
29:28है
29:29है
29:30है
29:34है
29:36है
29:38है
29:39है
29:41है
29:47है
29:49है
29:51है
29:53कर दो कर दो कर दो
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