- 7 months ago
Pandavo Ka Uddhar | Suryanath Bhaskar | Bhojpuri Birha | पांडवो का उद्धार | सूर्यनाथ भास्कर
Song : Pandavo Ka Uddhar
Album : Pandavo Ka Uddhar
Singer : Suryanath Bhaskar
Lyricist : Suryanath Bhaskar
Producer : Sandeep Nishad
Digital : Amarnath Prajapati
Digital Partner : 7Sargam Digital
Trade Inquiry : 7007149143 , 9696961705
Song : Pandavo Ka Uddhar
Album : Pandavo Ka Uddhar
Singer : Suryanath Bhaskar
Lyricist : Suryanath Bhaskar
Producer : Sandeep Nishad
Digital : Amarnath Prajapati
Digital Partner : 7Sargam Digital
Trade Inquiry : 7007149143 , 9696961705
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00:00और बड़ा लोग खुत्री अधाल महाधारत पेलिविजन पे आप देखने हैं
00:04सारी चीज़ें आपको टेलिविजन पे देखने को नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं
00:13और बड़ी बेजोर बात मिली एजाना में
00:16बस खाली ध्यान से सुनद चले हैं
00:19आपके आनंद मिली
00:21और बास्तान तो महाधारत पेलाई खतम भेले के बात कहो
00:25लेकिन जड़ा गवर करें तो इस चरही बात हैं
00:27गान नहीं ये उसी बात है
00:51परमतक्त्त व्यमिनासी जान बताए अरजन को भेचवाँ
01:04मारदुर्जन को मिलेगा तुझे सरग काधान
01:14इतना आपने जरूर देखा कि कुरुक शेत्र के मैदान में पहुँचकर अरजन मोग से ग्रशित हो जाते हैं
01:20जिधर देखते हैं उबर अपने ऑन्यीं बंद बांदो दिखाई दे रहे एखे
01:24अरजन की समझ मेने नहीं जा रहा है किआके बांद चलाऊं तो किसके ऊपर चलाऊं
01:29अब अपने ही तो दिखाई दे रहे हैं
01:31उस समय भगवान कृष्णी ने कहा
01:33कर्म योग में गीता का उपदेश दिया
01:36और भगवान ने कहा कि सुनो
01:38दुष्टों का बद करने से पाफ नहीं लगता
01:41लडाई के मैदान से पाफ पीछे रताना कारता है
01:45कर्म करो पीछे पाफ नहीं लगता
01:47कर्म करें फल्की इक्षा मत करना
01:50कर्मन दवा भिकारस ते माँ सले सुकराचन
01:53अंतों गत्वा मुरली मनोर भगवान किसी महाधारत की लडाई कराही देते हैं
01:59चारलाई यहां जुमर का भावत तनेकन आउप चरहत है
02:03कर्मा रहारे गे कोरों के पाफ नवाज
02:08भड़ी भयंकर मार रहार गे कोरों के पाफ नवाज
02:17उदुष्ठी की बन गई सरकार सभी जी रहन बेश राम ले
02:23मरल का कोरो पने अपने में भूश्चिर राजा के तपने में
02:29बटीना के हूपा ती जने में भूश्चिर के राम ले
02:35जब खाएं
02:37सो कवरो मरल गई में
02:39और सो कवरो भूत बनके
02:42सारी रात धर्मराज की नूचे खतोते हैं
02:44मरल का कवरो कुल यपने में
02:48भूसी राजा के दबने
02:51जची मते हूँ काच जन्में
02:54भूसन के राभने
02:57कहबा बाप बाप जब जब जई बादुर योधर के सामने
03:08तुल गई आँख दूर भैं सथना फर पर कापई करकर अपना
03:14जईने भर मितावे अपना मजसूद के सामने
03:19और शब्द है आनंद मूल यहाँ
03:22इस सार सब्द पकढ़नी की जो रुवत है
03:25और सब्द क्या है
03:27ुषिसे भजवान कृजिनद ने एक रुखशेटर के मैदान में
03:30लीता के इस देश में अरदुन को दिया था
03:33सब्द है अनंद मूले
03:35आपमाजी सिक्का किया चबो
03:38बनारस चोट गात इस शाहून
03:41बनारत घात है
04:11समझते चलें
04:11महा भारत की लाई
04:14खत्म हो गई
04:15सो के सो भाई कवरों मारे गए
04:17पांडों की बीज़े जरूर हो गई
04:19यो भूष्टिर की सरकार बन गई
04:21लेकिन धरमराज
04:23सारी राप भेंड कर सपने देखें
04:25सपने में का देखें
04:26कि सो कवरों भूध बनके
04:29बिना सरके भर करे जिलाप
04:31यो भूष्टिर लगा है तुझे को पाप
04:33कहबा बाप बाप जब जबज़बा गरी उधन के सामने
04:36बिना मुरिये कई भर अंगली दिखा दिखाता है
04:39कि तुम पांचों भाई पापी हो
04:40और तुम धरमराज का लाते हो
04:43उन पापो पांचों में सबसे ज़ादे पापी तो तुम हो
04:46भैंकर सपने देखें
04:48सबेरे मीड खुलन
04:50भगवान किसम से जा के लगने कहे कि
04:53हे मदसोधन
04:54आपने तो कहा था कि दुष्टों का बढ़ करने से
04:57तो आप नहीं लगता
04:58लेकिन सारी रात कर और भूत चनकर के
05:01मुझे दबाते हैं ञंकाते हैं
05:02और बाव बार यह कहते हैं कि तुम पापी भाई पापी हो
05:05भगवान का लों काूं मैं जा हो ना
05:08पापी तो तो तो दो खिय हुआ है
05:10लेकिन कोँने पर ने का है
05:13नहीं आपके तरह सुने नहीं है
05:25कि तुने लिया है सब मेरे जो तुमें सुनाना है
05:42तुल लिया और सब मैंने तो झौजह गुर ना है तो तो तो आ है तो ए कुना है तो ज़रस संहुवबत है और तो ज़रस संहुवबत है
06:00दर्द का बहाना है
06:30मैं खाने जब जाओं लाट के चलाया हूँ
06:39मैं की जरूरत नहीं आप खुद पास बैठिये
06:51इसलिए कि आपका हसीन के अरा
06:55देखा भाई
07:04देखा भाई करने जलती है तो छना भगवान क्रिसम से भर मराज कहें
07:23कि करवा सभी मिलके है करवा सभी मिलके चराते है
07:30करवा सभी मिलके चराते है
07:38कौरवा सभी मिलके चराते है
07:45कोरवान सभी मिलके खुपन में डराते हैं
08:04पाप का कलंक सर मेरे रात भरलाई रात भरलाई
08:15कल भरम राजित के सबसे कुल बार कहें जैनना रेन में दिन पेलाए घाट कहें
08:31गहे थे आप करम जुमें न पाप लगी मधन कराए को का न पर पाप लगी
08:38अपने बात करें रहला पातन के कपारे कहां से लेल कखने जरूर हम रहीं लेकिन जब कर दो भरेक्दा रहा है तब करें लेकिन लेकिन लेकिन अचे कहरें पातिको भाप लाप अब आपको ख़ुए ने कर दो आप ही पाता है
09:02आप अब अब देखा देखा तुह सारी दुनिया पापी बनावे लगी पापी ते ने भाइन के सगे भाई ते बाई की हट्या करें बाई के बाई का क्या करें वाले से बढ़के
09:30पाप ये दुनिया में केहनाबा क्योंकि आप में सव भाइन के हत्या केले हुआ एहना पे पहलों के सर पे पाप नाचत हो आज जो लेने धर्मराज कहें अच्छा प्रभू ये तो बताईए इस पाप चुमत्ती का कोई उपा है का हाँ उपा पतर पहम जरूर बताजिए लेक
10:00केशो कहें उनिष्टिर जब के जैसन देला का पवली पैस पेला
10:15पाप लगा है बड़ा बनकर यद्य होई जब बड़ी विशा ने उन्हेरे तक पसमेखी आया
10:45बचे न कोई धंचनाल तनी धंते के अकास ने जब सात देर बाजी महिपाल
10:56मुझी जाई तो भूत बावना सप्यनाम के ज़िए
10:59सवाजें ने राज सुनाब हो दो पईजा लेगा
11:19इतना कुन खराबा वेट इतना कपल गाम भाल सेथे भाई मागल गए ले
11:23और राजावन के चाहद वाला कि हम जही राज्ट तो खुग लहीं
11:26कुछ ज़ग ये पूने करा
11:29एक काम करा
11:32एक निशाल ये ज़ग ये करवाईए
11:33उदे अस्ट तक तब एक श्यावा बते में कोई भनी कला
11:37तनी धंटे ककास में जब सात वेरबादी महिपाल
11:41लिट जाई कुल भूत भाउना सक्च नान के जरी मफाल
11:44भगवान कहने कि यज्य करवाईए
11:47और इस यज्य में दुनिया भर के लेगों को भोधन कराईए
11:50एक सर्थ है
11:51आकास में एक धंट सांगना पड़ेगा
11:53बोधन के तश्याप धंटे से अपने आप साथ बार
11:57तन तन की अवाई निकलेगी आपने इस ताफ से मुख जाएंगे
12:01कहने जैसा आप काड़ेश
12:03भगवान किसनी काड़ेश माने के भरदराज
12:05यज्य फान देलें
12:06और यज्य कानि मंतल पत्र शारे पर भूमे लगल
12:09बस हमें वे फिस तर्ज बदल देली
12:11बगरी खिया वे लग दिया निर मुख जाएंगे
12:41मंगरी खिया वे लग दिया वे लग दिया हावावावावावाव जाएंगे
12:55जानवालिगी रही सहूर वालिटोरी पर ममा के तरहना दिखावएंगे
13:00जनवाली गिरा इस तहुने वाली सावाई की तभवात पहिना रखावेला
13:11के लवा मछरिया से जिया लेलचावेला तिया दिजमुहिया है
13:20कि अधिया देखें राकरेशेट रिकार्डिंग सेंटर सिधारी चाउक आजनगर्द
13:36इनके तरफ से पांच रुपए का पुरुस्कार मिला भेगे धन्यबाद भाए तरीख यावेला दुसरकान तरह वालोग कैसे बोलना है
13:43जिगांगा जमुनवा के निर्मल पन्दा निर्मल होता चरी
13:47नतिया याच को अगम बहता जारा
14:03बेद्ध जने मिले बंची लगाडेना फियानी रम वह यह हमका उसास जाने के साम ख्रेद मुव मुवमत तर यह था सावे को सिस्ट करना इधा तर्जिकला इंडरहल लेकिन जाना कि भाव पर गवर करें
14:31बग्वान कृष्म का रेस मानकर भरमराज ये फाम देते हैं और शारत रते हैं ये कामी मंतल भूमने लगा
14:38जहनवा में पापी घूमला जल्यके के जाए पापी घूमला जल्यके के नियता घूमलतीने में के
15:00अब रोवनारी रण में जेकर मर गईने से जना
15:17रोवनारी रह में जेकर मर गईने से जना
15:22रोवनारी रह में जेकर मर गईने से जना
15:27दुख में दबा हुए दूनों हठावां से चाटी घूमला जल्यके के
15:35उनके हावी निमंतन भेंजा गया जो कुरुक्षित्र के मादान में शही बेवे थे कुर्बान हो गई थे उनकी विद्वाओं के पता चला चाटी दबा दबा के आस्व आने लेगी लेकिन
15:48करको आए य सिज्ध दुनिय वरके लोग जुकर भोदन कि ये बादरा प्र दूना कि सारसं सार काइल से ब्यारपर भाजनमा पेडिया उचाकर से बताकर कि दूना ने दूना पूर दूना वरके लोग दून ने लेकिन सबकी नजर
16:17तोकी नजर उस घंते के परग्या कर शेग जई जई है। पर जिए है कि अधीब साजी जयाता रहल घुश्णा पहले सरहल घंता से अपने आपे साथ बार तंतन का आवाज निकली।
16:28यह लोग तोके इस घंतावा का बजी और कैसे बजी। लेगिन भयल का कि नहीं दाजल घंता।
16:37खानों दुख्या रहाती। भुनालाइक है रहता।
16:42भार गारी नातल है, बोहां पिले अभैयाओ काॉ
16:53नातल झारी आसた्य़ वहां पिले 레ता झारी जाल्ओा..
17:06झारी नातल झारी ज्ले आसन पिले डड़ना झाला झाय hai 75 cm
17:12बाई साथ, सबकर नगरो घंटा के तरफ ठिकल हल, लेकिन घंटा ना भाजल, जब घंटा ना भाजल, धरमराग जा के भगवान कुछी के कहना है, तो है प्रभूद।
17:22गवजन के साथ, घंटे से साथ बार कंचंक की आवाज में केलेगी, साथ बार तो दूर जो घंटा एक बार भी नमदना बाज़ा, अहाई के भगवान कें लेकिन और घंटा भाज सबूद कर लिया, आप लाज दुखन कर लिया, जोब लोगन कर लिया,
17:52तो भगवार मत वह कौन सा महा पुरुष बाति यो जब तक भोजन नहीं करेगा जब तक घंता नहीं बजीगा
18:00कासी सुपज डूम सत्य नाम के पुजारी
18:20उह ठैं है घंता बादी कहां बना आरी
18:25कासी में बगवान किसी लटाते हैं
18:39कि कासी में महान संथ सद्गरू सपद जोम है
18:43जब तक सपद भेजम नहीं करें ये तक तक इभंता नहीं बजेगा
18:47और आप लेश पाप से मुझत नहीं होगे
18:49आज एक तो समस्का खड़े हो बेले
18:51लाकिर हस्तिना पुर्षे कासी सपद को बुलाने कहुं जाएगा
18:55तो जिए तनी मौद भूट रहाला
18:57साकत तवर रहाला बनी धुया नहीं है
19:00वेज के तरफ सपकर नजर जाले
19:02तवर रहने हैं
19:03मौद भूट रहने हैं धरमराज के नजर भून केर गए
19:06भूना तो रहे एक काम को कहना पाई एक काम करभ हुआ
19:10चल जाता है कि कासी सपद बूम के बुल लियावा
19:14जब ले उना खाए तो ले घंटा ना बादी अहमन पाद के मुक्मना होए लियाई
19:18भून जब सुने की बूम संत के बलाए गवा तो भूम के बहाना खराब होए गए
19:24मन्नी सचे लगने के रहे इस बूम के जात कतना बड़ा संत हो ले जब ले उना खाई तो ले घंटा ना जबी
19:31अब आजे भूम गभाओने करशी ओवे ले लेकिन भगवान क्रिश्ण और भरम्रात का बेश मान के चल दोने बुलावबदी बना रखिए
19:40बाई एक बड़ी महतर कुम सुखना है
20:06बनारे सुखने तगहल का
20:09कि भीम भैंकर गदा उफाकर कासी नगरी छामा
20:13बाई उस बग से भेते घोर पर बीलत रहने दाना
20:19अब बतवली तैसन खेला तुह के
20:23जार साल लगे सब गुरु नाम के लिए
20:27बतवली तैसन खेला तुह के
20:30बाई साथ बीम संत सुखत को वनारे समें पहुंच कर पूछने में गी
20:45दों के संतभा जैसे पूछने से बभे पेंसे लोग बरे सरद्धा भार से बताγी कि tuba
20:52संत शपजा महां उस संथ हैं लहरतारा में मिलने के आख से भेंस से लगने के रहाए
20:57बहुत बहुत बहुत संतभा का भाई जोहे थे प्योत आच पूछना fol
21:04क्षारा में पहुंछलें तो अनके क्वोने रूप में पहुलें, विचाराज में पुछलें
21:09एक काने थे चल जाए एक कुछ देव उनकर कुछिया हो
21:12जब कुछिया के लेगे लेके थे अन्हाज ने जाने थे ट्मार गूर के तरफ जात पर लाँ
21:18ज़िसाना ज़िए भूर पर राकी कार के दाना बिन्त बाना है। वरका संथां। खैले बिना मरत बाना राकी कार के दाना बिनत बाना है।
21:48कौना इसना कष्षै कि जिर मे तालम फूर्ड को अग्रें करा कि दो में खेंगा जूदा आपको डिना फ्र्राइ� Pokhla जो करें तो
22:10संत शुपत इनके और कंशियों तकलने और एक बाद अपने काम में लग दिना है धुन के पक्के दिन कहने हैं कि पिंधिया मत तागत बरा गुष्टाय कि हम बुझात इत्वार मतले भुखाया बरा भुखे लिए कुरे बो भेर आवे लिए तक कहत है कि यह संत खाना किया है क
22:40दिल लूटन वाले जादू बर अब मैं तुझे बहुताना है कि जादू लूतन वाले तब बंदे वहार है
23:04पर यह प्रेनियों लेकिन भीन के संत सबस कहते है
23:14कि अनमोलरतन के राहिन को दरबार में जाना मुझे कि है
23:25अनमोलरतन के राहिन को दरबार में जाना
23:32अनमोलरतन के राहिन को दरबार में जाना मुझे कि अनमोलरतन के राहिन को दरबार में जाना
23:57मुझे कि रहा है और शब्र क्सार जगत में पार के पाना मुझे रहे है
24:03और शब्र क्या है प्रेमियों जडा घराई से पकड़िएगा एस संदर्था रूप आपको मुला है जिस रूप पहने के लिए बेचावी पर रसके हैं
24:12कहते हैं पर भार मानुस संदाया सुर्द रूप सद ग्रमशन गावा एक सार सब्ध घरी है जिसे तो लिए दास में लिका दी करीमियों केवलन नाम अधारा आज्यों अरगह से उतरें पारा और नाम सार सब्ध है जिसकी दोर पकड़ कर आप संदार पार कर सकते हैं
24:29कि चाहे तो बकुला को भी संद बना सकता है भीम करेंगे अच्छा संद सब्ध भीम से बता जाने संद तक की तोरे दर्वादे के कितना लोग खेले हों के मालूम बार असी अरब कुछी कम करोड़ तेरे घर खाया सारी को
24:51तब गंता नहीं बजल एज़ा नहीं सुदर संद दो उनकर एक नाम सुदर संद बुराल काने ये लिए नाजाब कि रंदीरा जाके अरे रंदीरा जाके दरवाजे पर भोश्यंचा
25:11करेंगी जाओ बेटे में परिशान मत करो में राजाओं के हैं और विश्यंचा क्या नहीं जाता हूंगे
25:36कि भीम दिने अपने मन में एक गदा इन्हें हम अमारी पार
26:02जो बनी भावने भीम कभीतर सुपति सुदर सुन गई लेजान
26:12यह सच्छा सब्गुरू होगा तक्तव्यानी जो होगा तो सारी बात मन की जान जाता है
26:20दिन मन में भाव चुतने लेकिन संट सुदर्ग प्रज़ने की जने करमन ना भीतर चंगा जंगा भलता
26:30प्रज़ने की जने करमन ना भीतर चंगा जंगा भलता
26:42प्रज़ने की जने करमन ना भीतर चंगा जंगा फलपाना मुश्किल है
27:08जोचे लगने संट सुदर्ग की बड़ा हंकारी मालूं परबा कहलें की अच्छा धगरा मत हम तोरे संगी चलब
27:15तो चलेगे एकर हंकार इसनी बढ़ के छूर कह नहीं कहत कह हुए
27:19कहें सुदर्ग यब संग चलब बस पास मिनित में आज जहीं में
27:27इले के सुम्रिनी चलाबाद प्रे में तो है बड़ा जहीं में
27:34गलेक माला उतार के जुनीन पर रख जाना करने कि एक काम करां
27:38हमारी माला लेके तनी तुँ आगे बढ़ा अपने हम अस्तरम के बिवस्था बना के आओ थाई और अस्तरम में को से मुलाकात हो जाई
27:45माला जोनीन को रहे के तुछा उड़े नहीं सम्त सुपर जो भी मारे खोधन
27:49है कि हुम्रे क्वटा नहीं कोहला है कि हुमरे के तनी ताकत हैि लोग को लल्या याल जाया दौक माला क माला उख लगे लगे लगे
28:17बहुजोर लगाए धीमसे नमाला गयुआना जिसके तो लगाए तो लगाए तो लगाए धीमसे नमाला गयुआना
28:47बाकी नार हल, तो लगाए यह तो लगाए तो लगाए पर्याओ थीमसे नमैं में क्ल बाता है, हमें अृधे त데 कुछे उगाए है यह रहा ही, वी तो लगाए ही अजिए सम को साल गया।
29:17इतने नहीं हो गयों सबज यह रहे भी मैं कुलाय लठार
29:25नहीं सुमिरनी उठत में बब्री विशाल के बनर बहार
29:34संत सुपज कहने कि जब नहीं सुमिरनी जब नहीं सुमिरनी उठल भी मतब ता जलाना
29:44जब नहीं सुपज का जलाना
29:55जब भी मैं अपने बोन यह न प्राता
30:04यह बब का घरव है वहा नहीं सुतना
30:12हम तुम्हारे साथ नहीं जाएंगे अहंकारी आदमी तुम मुझे दिने आये हो तो देखा भाव होने के चाहिए अगर भाव होता भीम के अंदर तो जरूर लिवा गए होते भाव के चलते भगवान इक्रिस्म बीदुरानी के हाथ से केले का छिलका खा गए और केले का गु�
30:42जब भीम को मुझे लगत तर्ज बढ़े लिए अई तर्ज भाव भली भीजा के बिला वाली मुर्जा को वाली तर्ज हो एके मुर्जा कोई चलरी या कदरी कहना लेकिन बनारस के कच्छ का चला कहना पात रुब्या पुरिस्कार्दा बिला मौना भाव उठाओ को मतलब सं
31:12करे सिम्दा तर्य तर्ज गड़े रही को मिख वाली मुर्जा को व्हजा मुझा प् 5 करे सी लोटान आ प्ल शु बाबिला मौना पटे मतलु चल़ोच सिंह सब्या है करे सब्सनाय मॵक्रोच सिकषर्णाया
31:42लोटिके गईले भी मवई तईया के सर जहान न खुले के भईया
32:09पहने लगे पकड़के पईया हमय दुबन सयन से छपी के हमय दुबन सयन से छपी के दोंके धैली चरना न पहुंचते भीम धर्म राज पे बिगड़गी ने करने की देखा भीया
32:38आईसन कुल काम बदे हमें कतों मत भेजल के लिए रियो डोंक जात खैले बिना मरतबा भूर पर राखी टार के दाना बिनतबा बनारस में ओके क्यों पूछा वाला नाबा अवो इसने अदमी की भेंज जलाब बलाओ बदे
32:50पहुचते हमों के साश ठांग दंडवत कहली एक पेर पे खड़ा होके हाँ जोड़के कहली की महाराज एधास आपका दरसन करने हस्तिनापूर से चल कर बनारस हाया
33:01और आपका दरसन अपने पूरे परिवार के साथ अपनी कुटिया में चाहता है लेकिन इतना हंकारी आदमी हमसे करस जल्दी भाग जाओ यहां से हमराज दरबार में नहीं जाती नहरमराज के लगम है भगवान क्रिसन बइटना है बीम गुबतिया सुनके बड़ा जुर ख
33:31के लिए एक पर खड़ाओ के कहली बगवान करने की सुना धर्मराज जा कौनों तरह से उनके बुला के लिए आवा और प्रेम सिख्यावा तब बैप आप से मुक्ति मिली के सवक कहां यू धिश्टिरी जाओ यहां जैसे लिया के आओ जैसे लिया के आओ खाना द्रोपदी
34:01दिल्ली से कासी कैलें पयानवाना भाई साब यही दिल्ली जो हमारे देश की राजधानी है उस समय हस्तिनापुर्था भगवान क्रिशन का आदेश मानकर धर्मराज ताज उतार कर रख देते हैं और संत स्वपज को लेनी बनारस पहुंचते हैं बनारस है ले तो उनसे भी
34:31पहुंचते हैं साश्टांग दंडवत कई ले ओही तरे राखी टार के दाना भी नत्रहन है हाँ जोड़के कहने एक पैर पे खड़ा होके महाराज इरास हस्तिनापुर से चलकर आपका दर्शन करने आया आपका दर्शन अपने पूरे परिवार के साथ अपनी कुटिया में
35:01पर भी ठाके चुन-चुन के द्रवपदी 56 प्रकार के बिंजन बनो ली और सोने के थाल में बिंजन परस के जब इनके सामने आयल थे इनके खाएगा तरीका का रहल क्याओन के तीन कवरज बठाई है हम्रे आपके सामने अगर कई आइटम आजा है अजकर वियासादी में प
35:31लोकी आई छेनवा वाली के लेंगी करिये के लिए के हैं अरे मदवा गुल जामन की करिये के हम इनके भ्यान दुसरी रह चल जाता तो तो देले के पर अला बारी-बारी से प्वाद लेहीं कौन कैसा नहीं हो और पूरे भोजन के 56 प्रकार के वेंजन के मरने के एक्तम भरत
36:01तो सूखी रोटी में भी वही आनंद मिलेगा जो नाना तरक्षि पकवान मिलता हो पूरे खाना के एकदम मरने जेहां उनके भैन इए एक कमेहल कही के कहींने का अरे होने के तीन कवर जब घ्यूए
36:15खंटा बजलतीन बेरत बले
36:25रोपदी वरली तो हना मांखा
36:28खंटा बजलतीन बेरत बले
36:45रोपदीस मारी तो करने के ओफ़ो सारी महनत डार वग है
37:08आखिर डूमें के जात्म, कभो आख़ीं देखा ले हो तॉम्हें खाए कई से खाया हो गया
37:14बात में भीया ताना मारफी मने ने इडोम के जात कभो आखी देख लेहीं नोगे इसन खाना तो खाय कहा ले आई
37:21चुने चुने केक कैली पकवान नी चकुले दिया एक मेसा अंतकी गती संत गय जान
37:35मन में थाना मरली की चुने केक कैली पकवान नी चकुले दिया एक मेसान अंतकी गती संत गय जान
37:53रूठे के चले सुपजिद्रवपदी के नाउ कि ललया इठनवा इतना कचा का थाना मरली की भोजन छोड़ के चल देना है भगवान क्रिशन कहलेंगी तोरे गोल में धर्मराज से कहना है कि तोरे गोल में इदूई ठेही संबाना है एको काम बने उनना दिया एक तेही मु
38:23तब भई घंटा बजी और मुक्त हुबा लोग नहीं तो इसा है जिनकी भर सपना देखते रहबा देखें गाना के यहां आखरी भावा संतसुबज लगने सोचे कि इतना रक्त पात बहल महा भालत के लाई मिलेकिन एक पर इठन आज तक धीलना भैल पर आप लोग देखने
38:53अखरी भावा जाके पर गिरिये ने धरमराज संतस्व बच की लेकिन पंधारी द्रदा अली तर्जाव अभली के मोजबर एक आग लाइन पंधारी द्रदा छोड़ दें आख एक लाइन छोड़ जावद्मी के द्रदा एक लाइन और हुजा तो इमेएक लाइन आउर छो�
39:23कौन जगराल जवली बतार काथी
39:53कि नदिया के तिरवा चरह नशीरा अरे बीना रगरे ना छोड़ वत्तुहार जीरा इपन्दारी तदा के लाइन था आप लोगे मौश में लेकिन गाना का आखरी वाव पर गवर करी हैं
40:12कि महल में ग्रोपदी बाबू महल में ग्रोपदी भाया महल में ग्रोपदी
40:18मरली मौके पर में हनवा महल में द्रोपदी
40:48से विनासी को बोली कुवा के पंचाली के शवत कहें उधे श्टिर से लोटाय लियावा हाली अनाही तद फिर देखे बस अपनावा महल में द्रोपदी
41:18सुपत सुदर सन के चरणों पे गिरे दिश्टिर जाई सत्य में वा धीरज बिचार कर दयालिये अपनाई
41:26किरिता रथे कैबा भावन वा महल में द्रोपदी
41:31कच्च दे पैर पे धर्मराज जाके गरीगे ले संत सुपच के कहें महाराज आवरत से गलती होगा इक शमा कीजिए और चलकर भोजन कर लीजिए उनकर इसन बिभार रहे कि लवटाली इने प्रेम से फिर दिभ्यासन लगल और दिभ्यासन पे बिठा के सोने के थाल्प में
42:01खंटा बाजल या समनवा महल द्रोपदी खंटा बाजल या समनवा महल द्रोपदी
42:31बड़ी उची बाथ आँकरी लाईम में कहना हो कि लखे अलखर हर वरे कि सान सो सादक सिध कहाई
42:41जिस माली को हमा आभ देख नहीं पाते हैं जो अलख निरंजन है उसकी सान को उसकी मर्यादा को जो परकले होई सबसे बड़ा सादक है
42:50लखे यलकर अबर किसान सो सादक सिद्ध कहाई
42:54ओम यातमा मंदिर सो साई स्वरमन से उकाई
42:59यह मुगती के खजनमा महले को बची
43:20करम कमंदल कहत सुनत बर कोई कोई जनिय जमावे
43:30सारे शब्द टक सारे जगत बकुलों से हन से बनावे
43:36अब बतवली तैसन खेला कहाई
43:39इप हंगम मार्य सदगुर से मंगल लेला
43:44बतवली तैसन खेला
43:45आए ले स्वामी से नाम
44:00ले स्वामी से नाम विहारी रम्मन गे सुरधाम
44:04हीरा सिवनाथ वजेशत गुरु के आठ्यां
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