00:00मोरी
00:07पाके के इसारी जनता बदे
00:26अपने परिवार से तू कलंकिनी कहाई
00:32देखा यहां से बात रमार से सुरुबा
00:37और लाश्ट में प्रमान मिली माभारत के अंदर का और नई चीज कभी का खोजबा
00:41तने करे कर वज्या कम कर देख पॉइंट छोल देख
00:46अपने परिवार से तू कलंकिनी कहाई
00:51राज क्या ठाँ छिपा राम ही जानते
00:56अरे ती जहर को राज को मा तूने छिपाई
01:02रो रही थी धरा हस हाँ ठाँ गगल
01:06भाव दो राम जब बन को जाने लगे
01:11अरे तीन फल तीन मुर्ती को तूने दिया
01:17राम हसिकर तुझे सर जुकाने लगे
01:22मरे आजा पुरसत्तम भगवा राम
01:29देखवाएं मैं कई देख आई हाई हाई हाई
01:33एक गेस के हटाई को वहाँ कर जाए
01:37अब हमरे समझ में आ गया हम कर लिखती जंगल के जाए लगलन
01:41तक कर के तीन खफल ले लिन
01:44और तीन फल ले लेकिनी सारे कहीनी की बेटवा
01:48बचवा लोगी फल अपने मत खाया
01:51जेके आपन सच्चा भगता अपने समझा वही के खिया दिया
01:55अब राम लक्षमर सीता तीनों मुर्थिये कर चे फल लेकर चल देना बनवासी बन करके
02:00और जे बनवासी बन करके चलन है तो रास्ता में खे बड़ी बेजोर मिले खेत तर्ज बाँ
02:07तर्ज है बाँ
02:10कि अरज जैसा न गाउना बाटे अरवैसा न बरीत हो
02:24कवत काम देई बालुआ कभीत हो
02:46कवत काम देई
02:50कि अरे फल खाना नहीं तु बेटा
02:55फल खाना नहीं तु बेटा
03:00है माता का यही सारा
03:07आरे फल उतको है खिलाना यो तेरा भगत प्यारा
03:15अरे रघुबर लखन सियासंग जब राम लगे बन जाने
03:21लख कर्ययो ध्यावासी सवयासू लगे बहाने
03:25जा पंचवती से रामर समझे चला कि जा पंचवती से रामर
03:30सीता का किया हरनमा लंका में जाकर हनुमत
03:34लंका का किये बहनमा हो मगन राम तब दिल में हनुमत को तुरत बुलाए अरे सच्चा भगत समझ कर एक फल है वही खिलाए
03:44माता जी कहरन हो गल बनवासी बन लेता हो पंचवती सहरन हो गया हनुमान पता लगाए लंका का नास किये
03:53इस भाव से प्रभावित हो करके सच्चा भगत मान करके मर्यादा पुरसत्तम भगवार राम हनुमान को अपना फल खिला दिये
04:03लक्षमर को जब लक्षमर शक्ती लगती है और वही हनुमान धौला गिर्थ संजीवनी बूती लाए लक्षमर जिन्दा हुए इस बास से प्रभावित हो करके सच्या भक्त मान करके लक्षमर अपना फल हनुमान को खिला दिए एक फल शेश और मासीता के पास रह गया
04:19अब यहीं से गाने की स्टोरी आगे बढ़ती है कैसे एरी केंदरभा तरके बढ़के देता आए ग्रंदन में खोई कोरी कलपना यब क्रंदन में खोई कोरी कलपना
04:38अरे मचला मन मा यूर पुली कीत भैला रहुलंदन क्रंदन में खोई कोरी कलपना
04:44अरे कि ए क्रीपा कर तार खेल खेल ते खरार गुड़े गाव एह भिया भाव है
05:05कि की ए क्रीपा कर तार खेल खेल खेल ते खरार
05:10अई सब आज की जवन फल जवन फल सीता जी के पास थेस रहल वो फलवाक बतिया सुना का भैल
05:22कि की ए क्रीपा कर तार खेल खेल खेल ते खरार गुड़ गाव गुड़ जार घन घोर घली
05:29आचिता चशु चीता चोर छले छली आली छोर जीत जानगी का जोर खक जोर रे जरी
05:35आटू कटू कसी सा तार खग छपटो सा थार दग दाली आपी दार धंग धोर रे जरी
05:42आत्रिपत्रिपता तार तार थिरक थिरक थार थार जया तिन दिल दार धने चोर रे धाली
05:59यह भाईया उजर फल बचल लल फल हनुमान जब सीता जी के चरण पर गिरलन है सीता जी अपन सच्चा भगत मान करके उप फल वा हनुमान खिला दे लिए लेकिन देखें यह यह फिन नई बात मिलल राम का फल हनुमान खाये तो कुछ नहुआ लक्षमर का फल हनुमान खाये �
06:29एक सो एक खंडे गईले छीता राय ठठा एक तुना बदुआ हो एक हनुमान से एक हनुमान हो गए तो भा मिला
06:57की एक सो एक हनुमान खैलक तुने खना आवा एक रंग रूप एक तारा हो बादा नवा अरे हस के धली सीता माता हथा वा भुमाए तुना बदुआ हो
07:11आये हस लिए हनुमान गईलनी या राय ठठा एक तुना बदुआ हो
07:23सीता जिवाला फल्खाते ही हनुमान एक सर एक हनुमान हो गए
07:27लंबाई चोड़ाई आतार सब कुछे
07:29लेकिन एक सर एक हनुमान मा सीता वासर एक हनुमान को अपने पास भुला लेती है
07:34शेस जो सो हनुमान बच गए
07:36माताजी अपने शक्ती से उनको मोठी बना देती है
07:40एक हंसीन आई सो मोठीयों को निगल गई
07:43और वही हंसीन अपना सो बच्चा पैड़ा करती है
07:46तो हंस हंसीन उसके सो बच्चे राजा मोठी के बागी चे में रहने लगे
07:50तो एक दिन के घटना
07:52कि अरियो क� kullan अलसु जाके है
07:57अर बोलर राजा ते
08:00अरे कर वद साटन लई तीरत हो नहाय ये
08:06अरे सवमौर बचवण का करिया रखाल्या
08:11अरे सवमौर बचवण का करिया रखाल्या
08:16अरे तो हरे सारहनिया में देहा लगओ
08:20एक दिन सो बच्चों को आया रक्षण में देकर के हंस और हंसीं दे शातन के लिए निकल गए लेकिन जब दे शातन के लिए बाबु जी तो एक दिन हुआ क्या
08:34अरे अरा है सिकारी ये कमारा हन्सो बच्चा वा
08:38अरे खाए राजा मस्या कहनी के लगत बाए
08:42अरे धीरे धीरे सो बच्चा राजा खाई गई ले
08:47है या हो
08:49सो बच्चा राजा मोती के रक्षण में दे करके हन्स और हन्सिन
08:53दे शाटन के लिए निकल गए जरूर
08:56लेकि एक एक करके राजा मोती सो बच्चों को खा डाले
09:00अजब हंस और हंसिन वापस आते हैं सो बच्चों की मांग किये
09:04राजा मोती को कहना पड़ा किया आपके सो बच्चों को मैं खा डाला
09:08अपने सो बच्चों की याद में हंस और हंसिंग छाती पीट करके रोने लगते हैं
09:14और जमीर पे गिर करके मरते वक्षराब दिया क्या
09:16मरते वक्षराब दिया राजा मोथी को कहा क्या
09:20आए हे
09:23अरे बोला अलसई का तु कैला पपिया
09:29अरे बोला हो सही का तु कैला पापिया अरे द्वापर युग में फूटी जाई तो हरे दूनो यखी लिया
09:38अरे इहास वो बच्या होई है द्वापर में तो हरे लाला नावा हो
09:58अरे ब्रम्हों का ले ख़ई ना मीठी बतिया अरे द्वापर युग में फूटी जाई तो हरे दूनो यखी लिया
10:10तो आप द्याहन सके रे राजा मोती आप मेरे सो बच्यों को खा डाले मैं आपको श्राब देता हूँ
10:17द्वापर युग में आपकी दोनों आप फुट जाएगी और दूसरी बात
10:20कि यही सो बच्यों मेरे द्वापर जुग में आपके सो बच्यों होंगे आपकी दोनों आप फुटी रहेगी आप इने देख नहीं पाएंगे
10:26एक श्राब पाउर दिया क्या
10:29जियर जैसे जान जाला सो बच्चन के करनवा
10:33कहले कि जैसे आज सो बच्चन की याद में हमार जान जात हो वह सही सो बच्चन की याद में तोहार भी जान जाई द्वापर जुग में
10:46अब देखें ज्वापर जुग में हम्स के स्राब के अनुखार वो सो बच्चे क्या हुए राजा मोती क्या हुए
10:52इद्वापर युग में मोती राजा धिष्ट राश्थ भैग्यानी हो, अस्ताव बच्चा कोर भैले आके यभी मानी हो
11:00अरो महा भारत में मारा लगई रबली गैतिया, अरो द्वापर युग में भूटी जाई तो हर दूटी गैतिया
11:07करंदर में खोई कोई कर पना
11:31अरे माहचर करी के सो करते यंबे का बंदन करंदर में खोई कोई कर पना
12:01गां, करंदर में खहाँ खिणाय, का रे एमिन होद लो vontade सा कर्याओ
12:11मारमशन रचल मुदान वर्मन रे राठाकत्य के सो के असे कर खेए
12:18ग्रोप्ता नचल मीं के सो का ऑमिना के अपम NASA
12:28झाल सुष्य है
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