00:00अलेक्टोरल बॉंड स्किम रद्ध होने के बाद कंपणियों ने साल 24 पच्चुस में स्यासी पार्टियों चंदा देने के लिएक बार फिर अलेक्टोरल ट्रस्ट को अपना जरिया बना लिया है
00:13साल 2023 में केवल पांच ट्रस्टों ने कुल 1218.36 करोर रुपए का चंदा बाटा था
00:22वहीं फरवरी 2024 में सुप्रीम कोट ने अलेक्टोरल बॉंड स्किम को रद्ध कर दिया
00:26अब इसके बाद साल 2024 पच्चिस चंदा बाटने वाले उलेक्टोरल ट्रस्टों के संख्याबर कर नौ हो गई
00:32अब उन्होंने इस दोरान करीब 3811 करोर रुपए का चंदा सियासी दलो को दिया
00:37तो आज किस वीडियो में आपको बताते ही कि Electoral Trust क्या है और इन्हें फंड कैसे मिलता है और ये काम कैसे करता है
00:44लेकिन उसे पहले नमशकार मैं सुटो शड़ा बोल्स काई देख रहे हैं
00:48दरसल Electoral Trust स्किम साल 2013 में UPA सरकार ने शुरू की थी
00:52फिर साल 2018 में एंडिया सरकार Electoral Bond स्किम लेकर आई
00:56अब दोनों के जरिये कमपनियों और व्यक्तियों की और से सियासी दलो को चंदा दिया जाता है
01:00अब Electoral Bond के जरिये कोई भी कमपनी या फिर व्यक्तियों सीधे सियासी पार्टियों को चंदा दे सकते हैं
01:06लेकिन Electoral Trust के जरिये ऐसे चंदा नहीं दिया जा सकता
01:09पहले कमपनियों या फिर व्यक्तियों को इन ट्रस्ट को चंदा दिया जाएगा
01:13फिर ये ट्रस्ट अपने पास आए पैसो को सियासी दलो में बाटते हैं
01:17वहीं Electoral Bond के तो है तो चंदा देने वाले की जानकारी गोपनी रखी जाती थी
01:21वहीं Electoral Trust के जडिये जा आनिवारे है कि इसके तो है तो मिलने वाले चंदे की जानकारी देनी होती है
01:26अब हर साल कमपनी आया फिर वेक्तियों से मिले चंदे की जानकारी चुनाव आयोप को देनी होती है
01:31अब इसमें ये साफ बताना होता है कि किस कमपनी से कितने रुपय मिले
01:35फिर इससे फंड से किस पार्टी को कितना रुपया चंदा दिया गया
01:38तो आई अब आपको यह भी बिता देते हैं कि भारत माखिर कितने electoral trust हैं
01:41साल 2013 में registered trustों के संख्या 3 थी वही साल 2021-22 में संख्या 17 हो गई थी
01:46लेकिन देखा जाए तो इनमें से कुछ trust ही पार्टियों को चंदा देती है
01:502023 में केवल 5 trustों ने चंदा दिया था वहीं 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 9 हो गई
01:55वहीं इनमें से 3 trust प्रूटेंड electoral trust, progressive electoral trust और new democratic electoral trust ने सबसे ज़्यादा चंदा दिया
02:04वहीं सियासी दलों को मिले कुल चंदे का 98 फिजदे हिस्सा इनहीं trustों से मिलता था
02:09तो यह आपको बदाते कि आखिरी trust क्या से काप करता है
02:12company अदिनियम के तहे तो register कोई भी company electoral trust बना सकती है
02:16पर उससे trust को कोई भी company या फिर विक्टी चंदा दे सकता है
02:20अब trust को भारती नागरिक भारती कंपनिया या फिर firm शेक्षिक रूप से चंदा देती है
02:25अब यह पैसा चेक, bank craft या फिर electronic transfer के जरिये भी किया जा सकता है
02:30मैं trust को चंदा देते समय पैसे देने वालों को अपना पैन नंबर या फिर passport नंबर देना जरूरी होता है
02:36अब इसके बाद एक वी टीए वर्ष में जो चंदा इकठा हुआ है उसका 95 फिजदी हिस्सा सियासी दलों में बाठा जाता है
02:43मुई जन प्रतिनिधत्व आधिनियम 1951 के तहट यह अनिवारे हैं कि बागी 5 फिजदी हिस्सा trust अपने खर्च के लिए रख सकते हैं
02:51में चंदे के पैसे का स्तमाल trust के समय अपने लिये नहीं कर सकते हैं
02:54वह एलेक्टरल ट्रस्टों को हर तीन वी टीए वर्षों में रेविन्यू के लिए अप्लाई करना होता है
02:59वह ट्रस्ट को अपने अकाउंट्स और इडिट करवाने होते हैं
03:01पैसे देने वाले और जिन्हें चंदा दिया गया उनका बेवरा CBDT और चुनाव आयो को देना होता है
03:07तो दोस्तों फिलाल इस वीडियो में इतना ही आपको इजनकरी कैसे लेगी हमें कमेंट में लिपकर ज़रूर बतेएगा
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