00:00जो बिरूनी मिल्स से पाइन आर्ट्स में डिगरी लेकर वापस आया है वो पाकिस्तान में एक नई आर्डियली कौलता है और इसी दवरान इसे माहम के बनाए कुछ तस्वीरे खाके नजराते हैं जो एक मुकामी नमाईश में बगेर नाम के रखे गए हैं वो इन तस्वीरो
00:30भी उसे आर्डियली के नियत में खलोज नजराता है वो दूने एक साथ आर्ट पर काम करने लगते हैं वो इसे दवरान खामोची से एक खबसुत महबत जनम लेती है लिग्गे कहानी यहाँ खतम नहीं होती माहम को पता चलता है कि आर्डियली के वालिद ने कई साल पेले �
01:00ने को सचाई का इल्म होता है वो भी तूट जाता है वो अपने बाप के के माप हम भी मांगता है और माहम से कहता है मैं तुमसे तुम्हरी माज़े के किमत पर नहीं तुम्हारे हाल यह बन्याद पर महबत करता हूँ आखरे सीन में माहम के सामने दो तस्विरी होते हैं एक �
01:30विवर्जी ड्रामस यलकी कहानी में आप देखेंगे
01:33माहम और आर्मीन दो ऐसी इनसान जो मुख्तलिब दुनिया उसे तालुक रखते हैं
01:39लेकिन तकदीर उन्हें एक ही प्रेम में ले आती है
01:41माहम एक जबाकश समझदार वे सास ललकी है
01:45जो अपनी मा की साथ लाहूर के कुराने महले में रहती है
01:50वो मुसूरी की शुकीन है और इसके हुआवे के वो एक दिम्शूर प्रेंटर बने
01:54लेकिन हालात ऐसे नहीं कि वो अपनी ताले मुकमन कर सके
01:58गर के हालात खराब है
02:00और माहम टीवीशन पढ़ा कर गर चलाती है
02:03दुसी तरफ आरीन एक अमीर और जदीद सोच कर रखने वाला नवजवान है
02:07जो बिरूनी मिल्क से पाइन आर्ट्स में डिगरी लेकर वापस आया है
02:12वो पाकिस्तान में एक नई आर्ट्यली कोलता है
02:14और इसी दवरान इसे माहम के बनाए कुछ तस्वीरे खाके नजराते है
02:18जो एक मुकामी नमाईश में बगएर नाम के रखे गए है
02:22वो इन तस्वीरों से इतना मतासर होता है
02:25कि हर जग़ इसकी पनकार की तलाश में लग जाता है
02:28बलाखर किसमत दोनों को एक दुस्य से मिला देती है
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