00:00कर दी लजाम यासिर पर लगा दिया गया
00:02क्योंकि वो एकाउंट संबालता था
00:05रफीक साब ने भूश से मकर कहा
00:07मैंने तुमें बेड़े की तरह रखा
00:08और तुमने दोखा दिया
00:09यासर ने लाग कोशिश की कि अपनी सपाई दे सके
00:12मगर कोई सुनने को तयार नहुआ
00:14हेना को जो पता चला तो वो फूराँ सामने आई वर कहा
00:17अबू यासिर इसाह नहीं कर सकता
00:19मैं उसे जानती हूँ
00:21यासिर ये सुनकर रफीक साब चोंग गए
00:23तुम उसे इतना जानती हूँ
00:25हेना ने हिम्मत करके कहा
00:27जी अबू मैं यासिर से शादी करना चाहती हूँ
00:30ये सुनकर गर में तुफाना किया
00:32रफीक सामने यासिर को बुरा बला कहा
00:34और दिक के दे कर निकाल दिया
00:36महले में बदनामी अलग पेल गी
00:39यासिर के वाले दिन भी दुग में डूब गए
00:42यासिर ने हिम्मत नहारी
00:43उसने सचाई साबित करने के लिए
00:45खुद तहकीक शुरू की दिन रात में अनत करके
00:48इसने सबूत एकटे के के असल में
00:50पिक्ट्री के मनेजर और एकाउन्स के लर्क
00:52ने मिली बुगत से राकम चुराई थी
00:54और जो भी सबूत अदालत में के तो सच सामने आ गया
00:58रफीक साब के कदमों तले जमीन निकल गए
01:01उन्होंने यासिर से माफी मांगी
01:03मगर यासिर ने सिर्फ इतना का कहा
01:05मैंने कभी इज़त या पिसा नहीं चाहा
01:07सिर्फ सच चाहा है
01:08हिना ने अपने वालिद को कहा
01:10भू यही वो इनसान है जो दौलत के बगए
01:12भी सबसे अमीर है
01:14रफीक सब खामोशे कुछ वक्त लगा
01:17मगर आखिर कर उन्होंने हिना और यासिर की
01:19शादी के अज़ाज़त दे दी
01:20ड्रामसलिक के हवाले से
01:22अपने राए की जालाज़मी कमेंट करें
01:24साथ में हमारे एडूप का चैनल
01:25सब्सक्राब करना मत भूलिए
01:27तेंस पर वाचिंग अला हाफिज
01:29वीवर्स पेसलाबाद के एक महले में
01:31यासिर नाम का नुजवान रहता था
01:34यासिर महेनती इमानदार
01:35और सीधी बात करने वाला लाड़का था
01:37वो एक चोटे कपले के पेक्टरी में
01:40का एकांप्टेंट के नुखरी करता था
01:42घर में वाली दीन और एक बेहन थी
01:44जिनके जिम्दार यासिर के खंदों पर थी
01:47वीवर्स पेक्टरी के मालिक
01:50रफीक अहमद साब ने
01:51दूलत मन और बासर इनसान थे
01:53नके बीटी हिना यूनिवस्टिय में पलती थी
01:56नाज़ और नख्रे वाली
01:57मगर दिल के बुरी नहीं थी
01:59एक दिन हिना फिक्टरी आई और यासिर से
02:02पहले मुलाकात हुई यासिर की से चाही
02:04और शरापत ने हिना को
02:06को मतासिर किया और इस्ता हिस्ता के दर्मयान इन दुरें के दर्मयान बात चीत बढ़ने लेगी चे महिनों में हेना नयासिर से अपने दिल की बात किह दी यासिर हेरान भी हुआ और परेशान भी हेना भी भी आपके और मेरे दर्मयान जमीन और अस्मान के लिए
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