00:00दीर समझ से समझी और यू वो रिश्टा जो अना की दिवार में दब गया था आखिर कार सचाई और खलूस की रूशनी में दुबारा जूड़ गया
00:08तो ड्रामसिल के हवाले से अपने राए की जहार लाजमी केमेंट करें साथ में हवाराई टूफ का चेनल इखलास टीवी को सबस्क्राइब करना मत बूलिए तेंक्स पर वाचिंग आला हाफिज
00:21हलो वीवर्ज हुने इसलामवाद की एक हसास और बासूलल की थी जो अपने वालदें के एकलूती अवलाद होने के वज़े से ने सिर्प नाजू में पली थी बलकि बहुत मजबूत मिज़ाज भी रिखती थी
00:34वो एक फ्राइवेट यूनिवस्टी में पढ़ाती थी जहाँ उसकी मुलाकात रोहेल से हुई जो एक निया लिक्चरर था
00:41पुरुक कशिश, होशखलाक और नरम गू इब्तिदा में दोनों की मिज़ाज मुख्तलिब लगे हुनिएन हद से ज़्याद असूल पसंद और रोहेल तोड़ा साब फरवा
00:50मगर दिल का साब
00:53हिस्ता हिस्ता एक तिलाब ही कशिश में बदल गया
00:56और दोनों के दर्वियान एक गिहरी दूस्ती फरवान चलने लगी
01:00रोहेल ने हनीन के लियाफ ने आदते बदलना शुरू कि
01:05और हनीन ने पहली बार दिल के दरवाजे के किसी के लिए कोले
01:09महबत का इज़ार हुआ दोनों के ने निकाह का पेसला किया
01:13मगर जैसे ही बाद गरों तक पूंची
01:15रोहेल के माने हनीन को बहुत अज़ाद ख्याल किह कर रिष्टा रत कर दिया
01:20हलाँ क्या वो सिर्फ खुदार थी
01:23रोहेल मा का लाड़ लाता
01:24इसने हनीन को समझाने के फोशच की
01:27कि तोड़ा वक्त दे
01:28वो मा को मना लेगा
01:30मगर हनीन जिसे अपने इज़त सबसे ज़्यादा अजीज थी
01:34ने खुद पेचे हट कर रिष्टा खतम कर दिया
01:36दिल तूटा, खामुश या, चागी
01:39और दोनों अपनी अलग दुन्या में चले गए
01:42महीने बेद गए, रोहेल ने शादी ना की
01:45और हनीन ने भी खुद को काम में दपन कर दिया
01:48लेकिन दिल में वो महबत अब भी जिन्दा थी
01:51एक दिन युवर्स्टी में एक फंक्शन में
01:54दोने के अचाने एक मुलाकात हुई, आँकों में नमी
01:57लबों पर खामूशी, मकर दिलों में तोफ़ान
02:00रोहेल ने लरस्ती आवाज में बस इतना कहा
02:04मैंने सब कुछ समझा, बहुत देर से
02:07हनीन के आँकों से आसू निकल आये
02:10और इसने का महबत के भी देर से नहीं आती
02:12अगर नियत सची हो, इसी दिन रोहेल की मा भी
02:16वहा मुझूद थी और हनीन के हसने अखलाक और वकार को देकर
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