Skip to playerSkip to main content
Sher​ #DanishTaimoor​ #SarahKhan​ #PakistaniDrama​​ #DramaSerial​ #NewDrama2025​ #FamilyFeud​ #LoveStory​ #RomanticDrama​ #ZanjabeelAsim​ #AehsunTalish​ #SherZaman​ #Fajar​ #pakistanitvdrama​#parwarish​
#ainaasif​ #samarjafri​ #naumaanijaz​ #saveranadeem​#arydigital​ #pakistanidrama​#RaazEDil#DramaReview#PakistaniDrama#RomanticMystey#IshqEMann#DramaReview#PakistaniDrama#RomanticDrama#PakistaniDrama #PakistaniNewDrama #LatestPakistaniDrama #FirstEpisode #Drama2025

Category

🗞
News
Transcript
00:00जो कराची के एक गरीब तब किसे तालुक रुकती थी
00:04इसका खौब था कि वो खुद मुक्तार बने अपने बल होते होते फर्ज जिन्दगी गुजारे
00:11मगरिस के गरवाले उसे शादी के बंदन में बांद कर जल्लस जलस रुकस्त करना चाहते थे
00:17दुसी तरफ पवाद एक पुरकशर सुलजा हुआ और तालीमी अपता नुजवान था जो अमीर बिजनिसमेन का बेटा था
00:26मगर इसके लिए अपनी सोच अपनी खनदान से मुक्तलिब थी
00:30इन दुनों के पहली मुलाकात एक शादी की तकरीब में हुई जहाँ एक मामूली घलत पहमी दुनों के दर्मयान तलखी का सबब बनी मगर किसमत नुहे दुबारा इसी आपस में मिला दिया
00:43जहां माहा ने हाल ही में जहाँ शुरू की थी अप्तिदा में के दर्मयान चप करश रही मगर एस्ता हिस्ता वो एक दुस्रे के इखलाक आदतों और सच्चाई से मतासिर होने लगे
00:54माहा पवाद की साहथगी और इस्त करने के अंदास को महसूस करने लेगी जबके पवाद माहा की मजबूत शख्चियत और खलूस के सामने जुकने लगा
01:04मगर जिसे हिनके रिष्टे में कुर्बत आने लेगी पवाद का वाला को इसके तालुक का पता चल गया
01:11और वो शदीद मुखालिपत पर उतराए
01:14उनके लिए माहा की हिस्यत खानदान और पसमंजर ना कबली कबूलता पवाद माहा की इज़त में खामोश रहा
01:21मगर माहा ने खुद पासला इफ्तियार कर लिया ताके पवाद को खनदान से दूर ना होना पड़े
01:28हालाथ ने पल्टा काया जब माहा की मंगनी उसके कजन से ते हो गई
01:33जिसे माहा कभी कबूल नहीं करना चाहते थी लिकर माबाप के दबाओ में आगी
01:38पवाद ने जब ये खबर सुनी तो पहले बार खामोश ही तूरी माह के सामने कड़ा हो गया
01:45और कहा कि अगर मैंने जिन्दगी के पेसले खुद नहीं लिये तो ये दवलत और कारूबार मेरे किस काम का
01:54इसी दिन पवाद की माने कोई जवाब नहीं दिया लेकिन अगले वो खुद माहा के गर रिष्टा लेकर आये
02:01माहा जो हमेशा समझती थी कि सचा प्यार सिर्फ किताबों और रामों में होता है
02:06अब हकीकत में अपनी आँखों के सामने देख रही थी
02:09कि जब जब जबे खालिस हो तो जमाना भी जुग जाता है
02:12यू इन दुने के महबच जो मुखालिपत समाजी फरक और खामोशी के पर्दों में चुपी हुई थी
02:18आखिर कार जीद गी और महबच ने एक बार पिर थाबिद किया
02:23कि वो हर रुकावट को पार कर सकती है
02:25तो ड्रामसियल के हवाले से अपने राए की ज़ार लाजमी केमेंट करें
02:30साथ में हमारा यूटूब का चीनल सबस्क्राइब करा मत बूलिए
02:33तेंस पर वाचिंग अला हाफिस
02:35हेलो वीवर्ज माहा एक बावाकार खुबसूरत और तालिमी अपता लड़की थी जो कराची
Be the first to comment
Add your comment

Recommended