00:00बेटी की तरह कबूल कर लेते हैं कहानी की अखिताम कुर्बानी तरक्तिक के पिगाम के साथ होता है
00:06ड्रामसिल के होले से अपने राखिजा लाजमी क्मेंट करें
00:08साथ में हमारा यूटिव का चेनल सबस्क्राइब का ना मत बूलिए है
00:11तेंक्स पर वाचिंग अल्हाफिज
00:13हलो वीवर्ज ड्रामसिल का खाज में आप देखेंगे
00:16ये कहानी एक चोटी से गाउ की है
00:17जहाँ जिन्देगी के साथा और रवायती
00:20लोग रवायती काम करते है
00:23मरकजी केदार जहारा एक खुबसूरत और तालिमी अफ्ता लल्की है
00:26जो शेहर में तालिम हासली करने के बाद अपने गाउ वापस आती है
00:29जहारा के खुआप बहुत बड़े होते है
00:31वो अपने गाउ में लल्कों के स्कूल को उलना चाहते है
00:35ताके वो भी आगे बल सके
00:37लेकिन गाउ के रस्म और रिवाज और रिवायात के इस रास्ते में रुकावट बन जाते है
00:42और दूसरे दर आहसन गाउ का एक बहादूर और इमानदार नौजवान है
00:46जो जहारा के मदद करना चाहता है
00:48लेकिन इसके वालिद हाजी साब जरा जारा के सोच के सक्थ खिलाब थे
00:52हाजी साब गाउ के बड़े जम्यदार है
00:54और गाम इनके बात को हर बहर आकिर समझा जाता है
00:58जारा को अपने जो जिजहत में किया मुश्किलात का सामना करना पलता है
01:02गाओ के औरते और बुजर्ब उसे रिवायात के खिलाब समझते हैं
01:06और मर्द इसके खिलाब कड़े हो जाते हैं
01:10मगर जारा का आज़म मजबूत है
01:11विवर्ज कहानी का मौल तबाता है
01:13जब जारा को मलूम होता है कि हाजी साब के बेटे आहसन भी
01:16इसके खुआप के हिमायत करते हैं
01:19दुनें मिलकर गाओ के लोगों को कायल करने के कोशश करते हैं
01:22गाओ के बच्चे और नوجवान जारा के साथ कड़े हो जाते हैं
01:25और एक दिन हाजी साब भी जारा के कुर्बानियों को देकर कायल हो जाते हैं
01:29एक्तिताम में आप देखेंगे के जारा और रासां के महनत रंग लाती है और गाव में एक बड़ा स्कूल कोलता है और सिर्फ ललक्यो बलके गाव के हर बच्चे को तालीम देता है
01:39हाजी साब अपने रवी पर शमिंदा होकर जारा को अपनी बेटी की तरह कबूल कर लेते हैं
01:45कहानी की अख्तिताम गुर्बानी तरक्तिक के पिगाम के साथ होता है
01:48ड्रामसिल के वाले से अपने राखिजा लाजमी क्यमन करें
01:50साथ में हमारा यूटिव का चेनल सबस्क्राइब का ना मत बूलिए
01:54तेंक्स पर वाचिंग अल्ला हाफिज
01:55हलो बीवर्बर्ज ड्रामसिल का गाज में आप देखेंगे
01:58यह कहानी एक चोटी से गाव की है
02:00जहाँ जिन्देगी के सादा और रवायती
02:02लोग रवायती काम करते है
02:05मरकजी के दार जहरा एक खुबसूरत और तालिमी अफ़ता लल्की है
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