00:00पंकार बंगी हूँ उन्होंने ऐसा है ये कहा रॉमसिलिक के हुआले से अपने राही की जहार लाजमी कमेंड करें साथ में हमारे हीटूब का चेनल सबस्क्राब करना मत बूलिए तेंक्स पर वाचिंग अल्ला हाफे शुहरत के चकाचून दुन्या में हर चेहरे के पीछे ए
00:30जादू हर दिखने वाले को अपना गर्वीदा बना लेता मगर अंदर से वो तनहाई का शिकारती तूरती हुई बिकरती हुई इसकी जिन्दगी पर उसकी माश शगुपता बेगम का मुकमल इख्तियार था जो हमेशा पेसा और शुहरत के दिवानी रही थी शगुपता ब
01:00एक दिन डारेक्टर पेजान ने अरम को अपने ड्रामा निकाब के लिए आफर दी वो कहानी एक ऐसी ललकी पर मेबनी थी जो शुहरत की चमक के पीछे अपने शिनाख को देती है अरम को लगा जैसे वही कहानी इसके अपनी है पेजान जो खुद भी पिलमी दुन्मी दु
01:30पेजान के खुर्बद बढ़ने लगी अरम पहली बार किसी से कुछ कर बात करती हस्ती रूती तुम इतने उदास क्यों हो अरम पेजान ने एक दिन पूचा क्योंकि मैं वो हो यही नहीं जो लोग देखते हैं अरम के वाजलर्ज की पेजान ने उसे यकीन दिलाया कि वो सि
02:00इसने उसे सिर्फ शुहरत की सेरी समझता था अब वो वापस आकर अरम की जिन्दगी बरबात करना चाहता था दानिश ने मीडिया पर अरम के ख़राब जूट की खबरे पिलाना शुरू कर दी अरम का पिजान से गेरे खलागे तालो अरम ने ड्रामे में नामुनासिप सीन
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