आखिर किस श्राप के कारण युधिष्ठिर और अर्जुन स्त्री बन गए थे
डिस्क्रिप्शन: "महाभारत की रहस्यमयी कहानियों में से एक है युधिष्ठिर और अर्जुन के स्त्री बनने की कथा। क्या आप जानते हैं, महाभारत के अनुसार, दो शापित सरोवरों में स्नान करने से युधिष्ठिर और अर्जुन स्त्री बन गए थे? ये सरोवर कौन से थे, क्यों भगवान शिव ने इन्हें शाप दिया, और कैसे दोनों पांडव वापस पुरुष बने? इस अद्भुत पौराणिक कथा को जानने के लिए वीडियो देखें। यह कथा जीवन के गहरे रहस्यों और धर्म की अनोखी व्याख्या प्रस्तुत करती है।"
00:00महाबार्थ के अद्वुत किसों में दो ऐसे स्रोवरों का जिक्र मिलता है जो रह समय और चमतकारी माने चाते थे
00:06कहते हैं कि इन स्रोवरों में इसनान करने से पुरुस तुरंत इस्तिरी में बदल चाता था
00:11ये घटना युदिश्टिर और अर्जुन के साथ घटी
00:14आई जानते हैं इन समतकारी स्रोवरों और उनसे जुड़ी कहानियों को
00:18संको दोआर स्रोवर यह स्रोवर बगवान सिव से जुड़ा हुआ है
00:21सिव पुरान के अनुसार एक बार बगवान सिव और माता पारवती यहां विश्राम कर रही थे
00:26तबी राकसर संका सुर ने हुए परिसान किया
00:29सिव ने उसका वद्ध किया
00:30लेकिन संका सुर का संक इस सरोवर में गिर गया
00:33नारा जोकर सिव ने सरोवर को सराप दिया
00:36कि इसमें जो भी पुरुष इसनान करेगा
00:38वह इस्तिरी बन जाएगा
00:39युदिश्टे ने इस स्रोवर में सिनान किया, वे चांते थे कि ना आने से इस्तिरी बन जाएंगे, लेकिन पापों से मुक्ति और आत्मे की सुद्धि के लिए उन्होंने यह जोकिम उठाया, जैसे ही ना आये, वे सुन्दर इस्तिरी में बदल गए, बाद में उन्होंने �
01:09क्योंकि आगे चल कर उन्हें ब्रहम लल्ला नामक इस तरी रूपतारं करना था, इन कहानियों का प्रतिकात्मक अर्थ यह है कि आत्मे की सुद्धी और कर्मों का परभाव हमारे जीवन पर इतना गहरा हो सकता है, हाला कि आज इन स्रोवरों की सधिक इस्तिती अज्यात है,
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