00:00क्या आपको पता है अनुमान जी जिने अमर अजय और टूट माना जाता है उन्हें भी बच्पन में एक स्राप मिला था वो बच्पन में इतने चंचल और बल साली थे कि कभी सुरज को बल समझ कर निकल जाते तो कभी रिसियो की तपस्या को ही खेल बना लेते थे कभी हवन क�
00:30तुम्हें सभी पिवे सक्तिया भूल जाओगे जब तक कोई तुम्हें याद ने दिलाए इस रावने अनुमान जी को सक्ति साली तो रखा पर अंतुरे कुद ही अपनी ताकत को भूल बैटे समय पीता और वह समय आया जब माता सीता की खोज में वानर दल समुंदर के नार
01:00सक्ति है पस विर क्या था हनुमान जी कों की सक्ति याद आ गई और उन्होंने तियास रच दिया सक्ति तुमारे अंदर है बस विश्वास और इसमरन चाहिए नमस्कार
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