00:00आपदाम अपहरतारं दातारं शर्बशंपदाम लोकाविरामं स्री रामं भूयो भूयो नमाम्य हम प्यार मित्रों जैश्यरं जैमातादी
00:10मित्रों आज आप से चर्चा करते हैं पित्रपक्ष में हमको क्या कारी करने चाहिए और किन कारीयों को नहीं करना चाहिए इसी विशेपे आज आप से करेंगे चर्चा
00:21तो सबसे पहले हम आपको बताएं पित्रपक्ष प्रारंब हो रहे हैं जो की साथ सितंबर से प्रारंब हो रहे हैं और पित्रपक्षों में हमको क्या करना है स्राध्ध तरपन पिंडदान पित्रपक्ष में अपने पित्रों के निमित हमको स्राध्ध करना चाहिए तरपन करन
00:51और उन्हें वस्त्र, दक्षणा, फल, मिश्ठान जो आपकी सामर्थों उसके अनुसार उन्हें दान करना चाहिए
01:00और गरीब जरूरत मंद लोगों को आपको अन्न, धन, वस्त्र इत्यादी देना चाहिए
01:08पसुपक्षियों के लिए भोजन, विसेस्तया जिसमें गाय, कुत्ता, कववा, चीटी, इत्यादी को भोजन की विवस्ता आपको करानी चाहिए
01:21पित्र पक्ष में हमको पित्र इस्तोत्र का पाठ या पित्र गायत्री का पाठ या गीता का पाठ करना भी सुभ माना जाता है
01:33पित्र पक्ष के समय गंगाईश्णान करना तीर्थ में जाकर के पिंडदान करना ये भी बहुत ही सुभ माना जाता है
01:42पित्रपक्ष में हम क्या ना करें तो पित्रपक्ष में मांगलिक कार्य जैसे ब्याह, मुंडन, ग्रह प्रवेश, इत्यादी, मांगलिक कार्य करने से हमको बचना चाहिए
01:56पित्रपक्षों के समय में हम नए कपड़े खरिदना, आभूशन बनवाना, गहना इत्यादी बनवाना या निव पूजन, मकान को प्रारव्म करने के लिए निव पूजन इत्यादी करना, इन कार्यों को करने से हमें बचना चाहिए
02:15पित्रपक्षों जब चल रहे हों तो हमको भूल कर भी तामशिक भोजन, तामशिक भोजन का मतलब जिसमें हमको मांस, मचली, मदिरा, इत्यादी का प्रियोग करने से बचना चाहिए
02:31और ब्रह्मचर का हमको पालन करना चाहिए
02:35बिस्यस्तया पित्रपक्षों के समय बाल और नाखून इत्यादी, छोर कर्म इत्यादी करने से भी हमको बचना चाहिए
02:48और इसके साथ साथ किसी भी प्राणी का आप अनादर मत करियेगा
02:53दरवाजे पर कोई भी भी भिखारी या चक आता है तो आप उसको अनादर करके मत वापस करियेगा
03:03कुछ न कुछ उसको अवश्य आप भोजन प्रशादी, दक्षणा, पैसा, फल, मिष्ठान जो भी है वह दे करके आप प्रशन करियेगा
03:14पित्र पक्षों में पित्रों के निमित्त जो भी कार्य हम करते हैं उसे बड़ी भक्ती और स्रद्धा के साथ शंपन करना चाहिए
03:23पित्र पक्ष में पित्रों की तरप्ती पिंडदान तरपन करने से पित्र हमारे प्रशन होते हैं और हमको अपना आशिर बाद प्रदान करके पुना पित्र लोग की ओर तरस्थान करते हैं
03:38तो हमने आपको बताया पित्र पक्ष में क्या करें और क्या ना करें
03:43अगर आप चाहते हैं तरपन करना, पिंडदान करना, स्राद्ध करना पित्रों के लिए तो भी आप शंपर कर सकते हैं
03:53आप देश में हैं, विदेश में हैं, कहीं भी बैठे हुए हैं
03:58आपके वल्फोन के माद्धिन से हमसे बात करिएगा,
04:01हम आपके समाधान को करने का प्रयास करेंगे.
04:05जैस्रीकृष्णा, जैस्याराव.
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