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Rath Saptami 2026 Date: रथ सप्तमी को सूर्य जयन्ती, अचला सप्तमी, माघी सप्तमी, महती सप्तमी, सप्त सप्तमी और पुत्र सप्तमी के रूप में भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सृष्टि के आरंभ में सूर्य देव की पहली किरण इसी तिथि को पृथ्वी पर पड़ी थी। इस दिन सूर्य देव की पूजा करने और स्नान-दान करने से पापों का नाश होता है और आरोग्य-यश-धन का आशीर्वाद मिलता है। तो इस साल यानी साल 2026 में रथ सप्तमी कब है और इसके शुभ मुहूर्त क्या है, ये आप यहां से जान सकते हैं। साथ ही यहां सूर्य देव के पूजा मंत्र और रथ सप्तमी की पूजा विधि के बारे में भी बताया गया है।Rath Saptami 2026 Date: Rath Saptami Kab Hai 2026,Snan Samay,Surya Puja Muhurat | Achala Saptami Time

Ratha Saptami is also known as Surya Jayanti, Achala Saptami, Maghi Saptami, Mahati Saptami, Sapta Saptami and Putra Saptami. According to religious beliefs, at the beginning of creation, the first rays of the Sun God fell on the Earth on this date. Worshiping the Sun God, bathing and donating on this day destroys sins and bestows blessings of health, fame and wealth. So, you can find out when Ratha Saptami is this year i.e. in the year 2026 and what is its auspicious time from here. Also, the worship mantra of Sun God and the method of worship of Ratha Saptami are also explained here.

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00:00कृष्णाय वाशुदेवाय हरे परमात्मने प्रणता क्लेशनाशाय गोबिंदाय नमोनमा
00:06प्यार मित्रो जैश्ययारम आज आपसे चर्चा करें माग के महने में कब है अचला सब्तमी, भानु शब्तमी, रत्षब्तमी और कब मुहूर्त है किस समय किया जायेगा पूजन, क्या है पूजन की बिधी इस सभी विष्थे पे आज आज आपसे चर्चा करेंगे
00:26तो सर्वपर्थम आपको बताएं माग मास के शुकल पक्ष की शब्तमी तिथी 24 जनवरी की मद्धे रात्री 12 बचकर के 31 मिनिट पर प्रारंब हो रही है
00:38वहीं शब्तमी तुथी की अगर शमाप्ती की हम बात करें
00:42तो 25 जन्वरी की रात में 11 बच करके 10 मिनिट पर शमाप्त हो जाएगी
00:48ऐसे में 2026 में रत्षब्तमी जो है जिसको अचला शब्तमी के नाम से जानते है
00:56यह 25 जन्वरी को मनाई जाएगी
01:00आज के दिन क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए
01:04रत्षब्तमी जो अचला शब्तमी है इस दिन प्राते काल हमको इश्टनान करना चाहिए
01:10रत्षब्तमी के दिन इश्टनान करने के लिए सुब मुहूर्त 5 बच करके 26 मिनिट से सुरू होता है
01:17और इसका समापन सुबह सात वज करके तेरा मिनिट के मद्दे में हो जाता है
01:22पूजा के लिए प्राते काल सुबह जल्दी उठना चाहिए इस दिन पीले रंग का वस्तर हमको धारन करना चाहिए ये सुब माना जाता है
01:32इसके बाद में घर में या मंदिर में गंगा जल का हमको छिड़काओ करना चाहिए लोटे में सुद्ध जल लेना चाहिए और उसमें अक्षत, दूर्बा, फूल इत्यादी डाल करके भगवान सूर्य के मंत्रों का उच्चारन करते हुए भगवान सूर्य को जल देना चाहि�
02:02ओम स्री सूर्याय नमा या ओम घ्रन सूर्याय नमा इस मंत्र का आपको जब करना चाहिए इसके साथ में सूर्य का जो गयत्री मंत्र होता है ओम आधित्याय बिदमहे दिवाकराय धीमही तन्नो शूर्या प्रचोदयात इस तरह से इसका जब भी करना चाहिए रत शप्तमी क
02:32जन्म दिन का प्रतीक माना गया है
02:34और इस दिन सुर्य भगवान की
02:37पूजा करने से व्यक्ति के
02:39जीवन में जो रोग हैं
02:40जो दुख हैं जो कष्ट हैं
02:42ये दूर होते हैं जीवन में
02:44शुक्षमरद्धि शान्ती की प्राप्ति होती है
02:46इस तरह से हम को
02:48आज के दिन पामन पूजन को करना चाहिए
02:51हरे कृष्टना
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