Skip to playerSkip to main content
Saraswati Visarjan Vidhi 2026: शास्त्रों के अनुसार देवी सरस्वती की पूजा पंचमी तिथि में होती है और उनका विसर्जन षष्ठी तिथि में किया जाता है। जिन लोगों ने मिट्टी की प्रतिमा स्थापित की है उन्हें मूर्ति का विसर्जन करके मूर्ति को जल में प्रवाहित कर देना चाहिए।Saraswati Visarjan Vidhi 2026: Saraswati Murti Visarjan Time & Mantra..

#saraswatipuja #saraswatipuja2026 #saraswatipujatime #saraswatipujaspecial #saraswatipujashorts #basantpanchami #basantpanchamikabhai #basantpanchami2026 #basantpanchami2025 #basantpanchami2024 #saraswatipooja #saraswatipujaposter #saraswatipujasong2026

~PR.111~

Category

🗞
News
Transcript
00:00शास्त्रों के अनुसार देवी सरस्वती की पूजा पंचनी तिति में होती है और उनका विसर्जन शषटी तिति में किया जाता है जिन लोगोंने मिट्टी की प्रतिमा स्थापत की है उन्हें मूर्थी का विसर्जन करके मूर्थी को जल्मे प्रवाइत कर देना चाहिए अ�
00:30विधी क्या है? साथ ही किन मंत्रों का जवाप करते हुए मा को विदाई देनी है। बसंद पंचमी के दिन तो आप माता सरस्वती के विदाई नहीं कर सकते हैं। इस दिन केवल माता की पूजा की जाती है। पूजा के अगले दिन यानि की 24 घंडे बाद आप मा का वसर्जन क
01:00धोप दीप दिखाए, उन्हें पीले फल और पीली मिठाईयों के भोग लगाए, खीर भी चड़ाए। इस दोरान मा से भूल चूप की माफी भी ज़रूर मांग ले। अगर आप ने मूर्ती के पाद किताब, कौपी और बाकी सारी सामगरिया रखी हैं, तो आप उसे भी ह
01:30या तो कंधे पर, या फिर किसी वाहन में रखकर पवत्र नदी में लेकर जाना होगा। लेकिन अगर आप मागे मूर्ती का वसर्जन नहीं गरना चाहते हैं, तो केवल कलश का वसर्जन किया जा सकता है। उस दोरान इन मंत्र का जाप करें।
02:00चमस्व स्वस्थानम गच्च। और अगर मूर्ती का विसर्जन किया जा रहा है, तो कहें, ओम गन गन पति, पूजितोसी, प्रसीद प्रसन्नो भव, चमस्व स्वस्थानम गच्च। ओम सोर्यादी नवग्राह, पूजितोसी, प्रसीद प्रसन्नो भव, चमस्व स्थानम
02:30प्रसर्नों भव छमस्व, स्वस्थानम गच्च, ओमियांदु देवगणा, सर्वे पूजा, मदाय, मामकिन, इश्टकाम, प्रसिदर्थ्य, पुनिरागम, नायच, इसके बाद मूर्ती को जल में प्रवाहत कर दें, इसके बाद कलश में रखी सामग्रियों को जल में प्रव
03:00झाल
Comments

Recommended