00:00यह जो इस जजबात से ज़्यादा इज़ती नफस पर एकेन रिखती थी यह सब जानकर पीचे हट गी इसने नवकरी चूल दी नंबर बन कर दिया और खामोशी से अपने जिन्दगी को निया रुक दिया
00:11शेहर जिसके लिए सब कोना असान ना ता दिल में तरफ लिए बिरूनी मुल्क चला गिया तीन साल बाद एक बिजनेस कानफरंस के दुरान दुबारा इनकी मुलाकात हुई
00:21रेहान अपनी कामनी का मालिक बन चुकी थी और शेहर उसके सामी में बैटा था
00:29परहेरत पखर और पच्टावे के साथ कानफरंस के खिताम पर सब लोग मुबारक बात दे रहे थे शेहर यार चुप चाप रहा के करीब आया और बसीतना का तुम वो मुकाम हो जिस तक पहुंचने के लिए मुझे अपनी अना का सपर करना पदा रहा कि आंकों में नमी और
00:59करें साथ में हमारे योट्व का चैनल सब्सक्राइब करना मत बूलिए थैंस पर वाचिंग अलाहाफिज
01:04हेलो वीवर जरेहा एक पुरकशच जहीन और खुदा लड़की लाहूर के गरीब मगर ताली में अपता गराने से तालू करती थी
01:12वो अपने वालिद के वाहिद बेटी थी और इनके लिए पखर का बाइस भी अपनी जिन्दगी को बेहतर बनाने के खुआप लिए वो एक मल्टिनीशनल कंपनी में जाब करती थी और वही इसके मुलाकात शेहर यार से हुई
01:27एक संजीद मिजाज नरम गोव शरीब नुचवान जो का अपनी की सियो का बेटा था
01:32मगर गरूर से कुसुत दूर दोरों के पहले गुट तक वो एक प्रॉजेक्ट मीटिंग के दवरान हुई
01:39जहार रीहा ने अपनी एतिमाद से शेहर यार को मतासिर कर लिया
01:43वत की साथ साथ वो एक दूसे के करीब आते गए
01:47शेहर को रीहा के खुद्दारी महजब रविया और उसूले से महबत हो गई
01:52जब कर रीहा शेहर की साथगी इज़त देने के अंदाज और नरमी से दिल हार बेटी
01:57दोनों ने एक दूसे से खामुश वादे किये
02:00बिना अलफास के बिना किसी रस्मी ज़ार के
02:03मगजब शेहर यार ने रेहा के लिए रिश्टा वेजा तब कहानी का निया रुख लिया
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