00:00गणिश चतूर्थी का तेवहार भादरपत के शुक्ल पक्षकी चतूर्थी से लेकर अनंत चतूरदशी तक चलता है।
00:10दस दिवसिय गणिशोचव के दोरान पूजा पंडाल, मंदर और घर-घर बप्पा की मूर्ती स्थापत कर पूजा अर्चना की जाती है।
00:17इस साल भी गणिश चतूर्थी की शुरुवात 27 अगस्त से हो रही है। जिसका समापन 6 सितंबर 2025 को होगा।
00:25अगर आप भी इस बार गणिश बप्पा को अपने घर लेकर आ रहे हैं। और ऐसे में स्थापना पूजा में किन चीजों की आपको जरुवत होगी। इसे लेकर थोड़ा कन्फूजन है। तो उस विडियो को अंत तक जरूर देखे।
00:37गणिश शतूर्थी स्थापना पूजा सामगरी लस्ट में गणेशी की मिट्टी की प्रतिमा, पूजा का आसन या लकडी की चोकी, चोकी पर बचाने के ले लाल या पीला कपडा, भगवान के ले वस्त्र जन्यों का जोडा, मिट्टी और पीतल या तामबे का कलश, नारि
01:07हल्दी, कुमकुम, सुपारी, पंचमेवा, लाल चंदर, प्रसाथ के लिए मोदक, लड्डू और फल, पंचामरत के लिए दूद, दही, श्रहद, घी और शक्कर, शुद्दजल और गंगाजल, शंक और घंटी, आर्ति की धाली, ध्यान रहे, दूर्वा की 21 पत्तियां और
01:37ना बूले,
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