00:00अदरुजे सेदना अबू सुनान रहमतुलाले फर्माते हैं
00:03एक बार में बैतलमकदस के पहाड़ों में इबादत में मजगूल था
00:06वहाँ एक नौजवान मुझे बेचैनी से इधर उधर फिरता हुआ मिला
00:10मैं इसके करीब गया और पूछा
00:12भाई तुम इतने परेशान क्यों हो
00:15उसमें कहा हमारे एक पडोसी का भाई वफात पा गया है
00:22वो गम में इस कदर डूबा हुआ है कि हर वक्त रोता रहता है
00:26महरबानी फर्मा कर मेरे साथ चले
00:28शायद आपकी बातों से उसे कुछ तसली मिल जाए
00:31मैं उसके साथ गया
00:32और जब हम इस गमजदा शक्स के पास पहुँचे
00:34तो हमने उसे सबर की तलकीन की
00:36उसे समझाया कि मौत हर किसी को आनी है
00:39मगर उसने हमारी कोई बात न सुनी
00:41फिर वो कुछ देर खामोश रहा
00:42और कहा
00:43मेरे भाई की मौत मुझे इतना नहीं रुला रही
00:46जितना उसकी कबर का हाल मुझे बेचैन कर रहा है
00:49हम हैरान रह गए
00:50हमने पूछा
00:51क्या तुम गैब जानते हो
00:53उसने कहा
00:53नहीं
00:54लेकिन जो कुछ मैंने खुद देखा है
00:56वो बयान से बाहर है
00:57फिर उसने तफसील बताई
00:59जब हमने मेरे भाई को दफन किया
01:01तो सब लोग वापस चले गए
01:02मगर मैं वहीं कबर के पास रुका रहा
01:05थोड़ी ही देर बाद
01:06मैंने कबर के अंदर से चीखने की आवाज सुनी
01:09कोई कह रहा था
01:10बचाओ
01:11मैं परिशान हुआ
01:13मगर आसपास कोई न था
01:15गोर से सुना
01:16तो ये आवाज मेरे भाई की थी
01:18मैंने कबर खोदने की कोशिश की
01:20लेकिन ये गैबी आवाज आई
01:22अल्लह के बंदे रुक जा
01:24ये अल्लह का राज है
01:25मैं रुक गया
01:26मगर जब दुबारा आवाज आई
01:28तो मेरा दिल न न माना
01:29और मैंने फिर खोदना शुरू किया
01:31मगर फिर से वोही गैबी आवाज आई
01:33तीसरी बार जब मेरे भाई की चीख सुनाए दी
01:36तो मैंने फैसला कर लिया
01:37कि अप कबर खोल कर ही देखूंगा
01:39जब मैंने कबर खोली
01:41तो वो मनजर देखकर मेरे होश उड़ गए
01:43मेरा भाई आग की जंजीरों में जकडा हुआ था
01:46और कबर गोया जहन्नम बनी हुई थी
01:49मैंने बेकरारी में आगे बढ़कर
01:51उसकी गरदन में बंधी जंजीर को खोलना चाहा
01:53जैसे ही मेरा हाथ जंजीर को लगा
01:55मेरी उंगलियां पिखल कर गिर गई
01:57ये कहकर उसने अपना हाथ दिखाया
02:00वाकि इसकी चार उंगलियां गाइब थी
02:01ये देखकर हम सब पर कपकपी तारी हो गई
02:04और हमने अल्लह आज़जल आफियत मांगी
02:07और वहां से चले आए
02:08दोस्तो मौत एक हकीकत है
02:11और कबर का अज़ाब उससे भी बड़ी हकीकत
02:13ये वाकिया हमें बताता है
02:15कि सिर्फ दुनिया की जिन्दगी नहीं
02:17बलके मरने के बाद का सफर ज्यादा अहम है
02:20क्या हम उस दिन के लिए तयार है
02:22अगर आपको ये वाकिया दिल को लगता है
02:24तो वीडियो को लाइक करें
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02:27और कमेंट करें
02:28या ला हमें कबर के अज़ाब से महफूस पर्मा
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