00:00के इस्तिमाल करता रहा है दुसी तरफ इमरान अपने बाप की पुरानी सोच और ताकत की इस्तिमाल से बेजार हो चुका है दोने के महबत उस वक्त इम्तिहान में पल जाती है जब माहरा एक ऐसा रास जान लेती है जो इमरान के खंदान को बरबाद कर सकता है
00:16मगर वो खामोश रहती है ताकि इमरान की इज़त महपूज रहे
00:20आखरी हिस्से में माहरा की सचाई और इमरान की नर्मी दोनों खांदान को एक नई सोच की तरफ मायल करती है
00:26प्याज मलक इमरान का बाप और नसीमा माहरा की मा एक दूसे के नजरियार से टकरा कर आखर कर अपने बच्चों के पेसलों को तसलीम कर लेते हैं
00:36पिर ये कहानी इश्च कुर्बानी और मौशरती शोर के साथ खत्म हो जाती है
00:41विवर्ज जहारुशनी सचाई की होती है और साइस सिर्फ वक्ती होते ड्रामा सेरियल के हावाले से अपने राए की जहार लाजमी कमेंट करें
00:49साथ में हमारा योटूब का चीनल सब्सक्राइब करना मत बोलिए तेंक्स पर वाचिंग अला हाफिज
00:54हलो विवर्ज इस ड्रामा सेरियल में आप देखेंगे एक ऐसी ललकी माहरा जो जिदीद तालीमी अपता है और खवातिन के हुकुक के लिए आवाज बुलंद करती है
01:03इसके मुलाकात इमरान से एक कांफरंस में होती है जो बजाहर एक रवायती मगर हसास दिल इनसान है
01:24आदान से है जो माशरति निजाम में करबशन और ताकत का इस्तिमाल करता रहा है दुसी दूरप इमरान अपने बाप की पूरानी सोच और ताकत की इस्तिमाल से बेजार हो चुका है
01:35दोने के महबत उस वक्त इम्तिहान में पल जाती है जब माहरा एक एसा रास जान लेती है जो इमरान के खंदान को बर्बाद कर सकता है
01:43मगर वो खामोश रहती है ताकि इमरान की इज़त महपूज रहे
01:47आखरी हिस्से में माहरा की सचाई और इमरान के नर्मी दोनों खंदान को एक नई सोच की तरफ मायल करती है
01:54वहाद मलक इमरान का बाप और नसीमा माहरा की मा एक दूसरे के निज़रियात से टकरा कर आखर कर अपने बच्चों के पेसलों को तसलीम कर लेते हैं
02:03पिर ये कहान इस्च कुर्बानी और मौशिरती शोर के साथ खत्म हो जाती है
02:08विवर्ज जहार उशनी सचाई की होती है और साइस सिर्फ वक्ती होते ड्रामा सीरियल के हावाले से अपने राए की जहार लाजमी कमेंट करें
02:16साथ में हमारे योट्यूब का चीनल सबस्क्राइब करना मत बूलिए तैंक्स पर वाचिंग अलाहाफिज
02:21हल्यू विवर्ज इस ड्रामा सीरियल में आप देखेंगे एक ऐसी ललकी माहरा
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