Skip to playerSkip to main content
Sher​ #DanishTaimoor​ #SarahKhan​ #PakistaniDrama​​ #DramaSerial​ #NewDrama2025​ #FamilyFeud​ #LoveStory​ #RomanticDrama​ #ZanjabeelAsim​ #AehsunTalish​ #SherZaman​ #Fajar​ #pakistanitvdrama​#parwarish​
#ainaasif​ #samarjafri​ #naumaanijaz​ #saveranadeem​#arydigital​ #pakistanidrama​#RaazEDil#DramaReview#PakistaniDrama#RomanticMystey#IshqEMann#DramaReview#PakistaniDrama#RomanticDrama#PakistaniDrama #PakistaniNewDrama #LatestPakistaniDrama #FirstEpisode #Drama2025

Category

🗞
News
Transcript
00:00तालीम यपता है और खुवातिन के हुकुक के लिए आवाज बुलंद करती है
00:04इसकी मुलाकात इमरान से एक कांफरंस में होती है
00:07जो बजाहर एक रवायती मगर हसास दिल इनसान है
00:11इन दोनों के पहले मुलाकात तल्ख होती है
00:14लेकिन जिल ही इनके दर्मियान जिहनी हम आहेंगी और खुप्यकश पिदा हो जाती है
00:19माहरा को जिल मालूम होता है कि इमरान का तालुक एक ऐसी सियासी खनदान से है
00:25जो माशुरती निजाम में करप्शन और ताकत के इस्तिमाल करता रहा है
00:29दुसी तरफ इमरान अपने बाप की पुरानी सोच और ताकत की इस्तिमाल से बेजार हो चुका है
00:35दोने के महबत उस वक्त इम्तिहान में पल जाती है
00:38जब माहरा एक एसा रास जान लेती है जो इमरान के खनदान को बरबाद कर सकता है
00:43अगर वो खमोश रहती है ताकि इमरान की इजद महबूज रहे
00:47आखरी हिस्ते में माहरा की सचाई और इमरान के नर्मी दोनों खनदान को एक नई सोच की तरफ मायल करती है
00:54पयाज मलक इमरान का बाप और नसीमा माहरा की मा एक दूसे के नजरियात से टकरा कर आखर कर अपने बच्चों के पेसलों को तसलीम कर लेते है
01:03पिर ये कहान इस चुर्बानी और मौशरती शोर के साथ खत्म हो जाती है
01:09विवर्ज जहार रुशनी सचाई की होती है और साइस सिर्फ वक्ती होते ड्रामा सीरियल के हावाले से अपने राए की जहार लाजमी कमेंट करें
01:17साथ में हमारा योटूब का चीनल सब्सक्राइब करना मत बोलिए तेंक्स पर वाचिंग अला हाफिज
01:21हलो विवर्ज इस ड्रामा सीरियल में आप देखेंगे एक ऐसी ललकी माहरा जो जजदीद तालीमी अपता है और खवातिन के हुकुक के लिए आवाज बुलंद करती है
01:31इसकी मुलाकात इमरान से एक कांफरंस में होती है जो बजाहर एक रुआएती मगर हसास दिल इनसान है
01:39इन दोनों के पहले मुलाकात तलख होती है लेकिन जल ही इनके दर्म्यान जहनी हम आहेंगी और खुप्यकर्जश पिदा हो जाती है
01:46माहरہ को जिल्द मालुम होता है कि इमरान का तालुक एक ऐसी सियासी खनादान से है जो माशरती निजाम में करप्शन और टाकत की इस्तिमाल करता रहा है
01:56दुसी तरफ इमरान अपने बाप की पुरानी सोच और टाकत की इस्तिमाल से बेजार हो चुका है
02:02दोने के महबत उस वक्त अम्तिहान में पल जाती है जब माहरा एक ऐसा रास जान लेती है जो इमरान के खंदान को बर्बाद कर सकता है
02:11मगर वो खामोश रहती है ताकि इमरान की इज़त महपूज रहे
02:15आखरी हिस्से में माहरा की सचाई और इमरान की नर्मी दोनों खंदान को एक नई सोच की तरफ मायल करती है
02:21पयाद मलक इमरान का बाप और नसीमा माहरा की मा एक दूसरे के नजरियात से टकरा कर आखर कर अपने बच्चों के पेसलों को तसलीम कर लेते हैं
02:31पिर ये कहान इस्च कुर्बानी और मौशिरती शोर के साथ खत्म हो जाती है
02:36विवर्ज जहार उशनी सचाई की होती है और साइस सिर्फ वक्ती होते ड्रामा सीरियल के हावाले से अपने राए की जहार लाजमी कमेंट करें
02:44साथ में हमारे योट्यूब का चीनल सबस्क्राइब करना मत बूलिये तैंक्स पर वाचिंग अला हाफिज
02:49हेलो विवर्ज इज ड्रामा सीरियल में आप देखेंगे एक ऐसी ललकी माहरा जो जदीद ताली में अपता है और खवातिन के हुकुक के लिए आवाज बुलंद करती है
02:59इसके मुलाकात इमरान से एक कांफरंस में होती है जो बजाहर एक रवायती मगर हसास दिल इनसान है
03:06इन दोनों के पहले मुलाकात तलख होती है लेकिन जिल ही इनके दर्मयान जिहनी हम आहेंगी और खुब्या कशिश पिदा हो जाती है
03:14माहरा को जिल मालूम होता है कि इमरान का तालुक एक ऐसी सियासी खनदान से है जो माशरती निजाम में करप्शन और ताकत के इस्तिमाल करता रहा है
03:24दुसी तरफ इमरान अपने बाप की पुरानी सोच और ताकत की इस्तिमाल से बेजार हो चुका है
03:30दोने के महबत उस वक्त अम्तिहान में पल जाती है जब माहरा एक ऐसा रास जान लेती है जो इमरान के खंदान को बरबाद कर सकता है
03:38मगर वो खामोश रहती है ताकि इमरान की इज़त महपूज रहे
03:42आखरी हिस्ते में माहरा की सचाई और इमरान की नर्मी दोनों खंदान को एक नई सौच की तरफ माईल करती है
03:49पयाद मलक इमरान का बाप और नसीमा माहरा की मा एक दूसरी के निज़रियात से टकरा कर आखर कर अपने बच्चों के पेसलों को तसलीम कर लेते हैं
03:58पिर ये कहान इस गुर्बानी और मौशरती शोर के साथ खत्म हो जाती है
04:03विवर्ज जहार उशनी सचाई की होती है और साइस सिर्फ वक्ती होते ड्रामा सीरियल के हवाले से अपने राए की जहार लाजमी कमेंट करें
04:12साथ में हमारे योट्यूब का चीनल सबस्क्राइब करना मत बोलिये तैंक्स पर वाचिंग अलाहाफिज
04:16हेलो विवर्ज इज ड्रामा सीरियल में आप देखेंगे एक ऐसी ललकी माहरा जो जिदीद ताली में अपता है और खवातिन के हुकुक के लिए आवाज बुलंद करती है
04:26इसके मुलाकात इमरान से एक कांफरंस में होती है जो बजाहर एक रवायती मगर हसास दिल इनसान है
04:34इन दोनों के पहले मुलाकात तलख होती है लेकिन जिल ही इनके दर्मियान जिहनी हम आहेंगी और खुब प्रकशश पिदा हो जाती है
04:41माहरा को जिल्द मालूम होता है कि इमरान का तालुक एक ऐसी सियासी खनदान से है
04:47जो माशरती निजाम में करप्शन और ताकत के इस्तिमाल करता रहा है
04:51दुसी तरफ इमरान अपने बाप की पुरानी सोच और ताकत की इस्तिमाल से बेजार हो चुका है
04:57दोने के महबत उस वक्त इम्तिहान में पल जाती है जब माहरा एक ऐसा रास जान लेती है
05:03जो इमरान के खनदान को बरबाद कर सकता है
05:06मगर वो खामोश रहती है ताकि इमरान की इज़त महपूज रहे
05:10आखरी हिस्से में माहरा की सचाई और इमरान के नर्मी दोनों खांदान को एक नई सोच की तरफ मायल करती है
05:16पहाँज मलक इमरान का बाप और नसीमा माहरा की माए एक दूसरे के नजरियात से टक्रा कर आखर कर अपने बच्चों के पेस्लों को तसलीम कर लेते हैं
05:26पिर ये कहान इस कुर्बानी और मौशिरती शोर के साथ खत्म हो जाती है
05:31विवर्ज जहारुशनी सचाइकी होती है और साइस सिर्फ वक्ती होते ड्रामा सीरियल के हवाले से अपने राए की जहार लाजमी कमेंट करें
05:39साथ में हमारे योट्यूब का चीनल सबस्क्राइब करना मत बूलिये तैंक्स पर वाचिंग अलाहाफिज
05:44हेलो विवर्ज इस ड्रामा सीरियल में आप देखेंगे एक ऐसी ललकी माहरा जो जजदी तालीमी अपता है और खवातिन के हुकुक के लिए आवाज बुलंद करती है
05:53इसके मुलाकात इमरान से एक कांफरंस में होती है जो बजाहर एक रवायती मगर हसास दिल इनसान है
06:14आदान से है जो माशुरती नीजाम में करप्षन और ताकत के इस्तिमाल करता रहा है दुसी तरह इमरान अपने बाप की पुरानी सोच और ताकत के इस्तिमाल से बि nuances यह दोंगी �ँजदान में पल जाती है जब माहरा एक ऐसा रास जान लेती है जो इमरान के खंदान को बर
06:44पयाद मलक, इमरान कबाप और नसीमा माहरा की मा एक दूसे के नजरियात से टक्रा कर आखिर कर अपने बच्चों के पेसलों को तसलीम कर लेते हैं
06:53पिर ये कहानी इस गुर्बानी और मौशरती शोर के साथ खत्म हो जाती है
06:58विवर्ज जहारुशनी सचाई की होती है और साइस सिर्फ वक्ती होते ड्रामा सीरियल के हावाले से अपने राए की जहार लाजमी कमेंट करें
07:06साथ में हमारा येटूब का चीनल सबस्क्राइब करना मत बोलिए तेंक्स पर वाचिंग अला हाफिज
07:11हेलो विवर्ज इस ड्रामा सीरियल में आप देखेंगे एक ऐसी ललकी माहरा जो जदीद ताली में अबता है और खवातिन के हुकुक के लिए आवाज बुलंद करती है
07:21इसके मुलाकात इमरान से एक कांफरंस में होती है जो बजाहर एक रवायती मगर हसास दिल इनसान है
07:28इन दोनों के पहले मुलाकात तलخ होती है लेकिन जिल ही इनके दर्म्यान जिहनी हम आहेंगी और खुब या कशश पिदा हो जाती है
07:36माहरा को जिल मालूम होता है कि इमरान का तालुक एक ऐसी सियासी खनादान से है जो माशरती निजाम में करप्शन और ताकत का इस्तिमाल करता रहा है
07:46दुसी तरफ इमरान अपने बाप की पुरानी सोच और ताकत की इस्तिमाल से बेजार हो चुका है
07:52दोने के महबत उसो वक्त अम्तिहान में पल जाती है जब माहरा एक ऐसा रास जान लेती है जो इमरान के खंदान को बरबाद कर सकता है
08:01मगर वो खमोश रहती है ताकि इमरान की इज़त महपूज रहे
08:05आखरी हिस्से में माहरा की सचाई और इमरान की नर्मी दोनों खांदान को एक नई सोच की तरफ मायल करती है
08:11पयाज मलक इमरान का बाप और नसीमा माहरा की मा एक दूसरी के नजरियात से टक्रा कर आखर कर अपने बच्चों के पेसलों को तसलीम कर लेते हैं
08:20पिर ये कहान इस्च कुर्बानी और मौशरती शोर के साथ खत्म हो जाती है
08:26विवर्ज जहारुशनी सचाईकी होती है और साइस सिर्फ वक्ती होते ड्रामा सीरियल के हवाले से अपने राए की जहार लाजमी कमेंट करें
08:34साथ में हमारे योटूब का चीनल सबस्क्राइब करना मत बूलिये तैंक्स पर वाचिंग अलाहाफिज
08:38हेलो विवर्ज इस ड्रामा सीरियल में आप देखेंगे एक ऐसी ललकी माहरा जो जजदी ताली में अपता है और खवातिन के हुकुक के लिए आवाज बुलंद करती है
08:48इसकी मुलाकात इमरान से एक कांफ़र्स में होती है जो बजाहर एक रवायती मगर हसास दिल इनसान है
08:56इन दोनों के पहले मुलाकात तलख होती है लेगिन जलही इनके दर्मयान जहनी हम आहेंगी और खुब प्यकश्श पिड़ा हो जाती है
09:04माहरा को जिल मालूम होता है कि इमरान का तालुक एक ऐसी सियासी खनादान से है
09:09जो माशरती निजाम में करप्शन और ताकत का इस्तिमाल करता रहा है
09:14दुसी तरफ इमरान अपने बाप की पुरानी सोच और ताकत की इस्तिमाल से बेजार हो चुका है
09:19दोने के महबत उस वक्त अम्तिहान में पल जाती है जब माहरा एक ऐसा रास जान लेती है जो इमरान के खंदान को बरबाद कर सकता है
09:28मगर वो खामोश रहती है ताकि इमरान की इज़त महपूज रहे
09:32आखरी हिस्से में माहरा की सचाई और इमरान की नर्मी दोनों खंदान को एक नई सोच की तरफ मायल करती है
09:38वहाद मलक इमरान का बाप और नसीमा माहरा की मा एक दूसरी के नजरियात से टकरा कर आखर कर अपने बच्चों के पेसलों को तसलीम कर लेते हैं
09:48पिर ये कहान इस कुर्बानी और मौशिरती शोर के साथ खत्म हो जाती है
09:53विवर्ज जहारुशनी सचाई की होती है और साइस सिर्फ वक्ती होते ड्रामा सीरियल के हावाले से अपने राए की जहार लाजमी कमेंट करें
10:01साथ में हमारे ये टूब का चीनल सबस्क्राइब करना मत बूलिये तैंक्स पर वाचिंग अला हाफिज
10:06हलो विवर्ज इज ड्रामा सीरियल में आप देखेंगे एक ऐसी ललकी माहरा जो जजदीद तालीमी अपता है और खवातिन के हुकुक के लिए आवाज बुलंद करती है
10:16इसकी मुलाकात इमरान से एक कांफरंस में हुती है जो बजाहर एक रवाईती मगर हसास दिल इंसान है
10:23है इन दोनों के पहले मुलाकात तल्ख हूती है लेकि जल ही इनके दरमयान जहनी हम आहेंगी और खुब्या कज़़श के लिए हो जाती है
10:31माहरہ को जिल्ल मालूम होता है कि इमरान का तालुक एक एक ऐसी स्यासी खנदान से है जो माशिरती निजाम में करफशन और ताकट के इस्तिमाल करता रहा है
10:41दिसी तरफ इमरान अपने बापकी पुरानी सोच और ताकट की इस्तिमाल से बेजार हो चुका है
10:47दोने के महबत उस वक्त अम्तिहान में पल जाती है जब माहरा एक एसा रास जान लेती है जो इमरान के खंदान को बरबाद कर सकता है
10:55मगर वो खामोश रहती है ताकि इमरान की इज़त महपूज रहे
10:59आखरी हिस्थे में माहरा की सचाई और इमरान की नर्मी दोनों खादान को एक नई सोच की तरफ माइल करती है
11:06वहाँ समलक इमरान का बाप और नसीमा माहरा की मा एक दूसरी के निजरियात से टकरा कर आखर कर अपने बच्चों के पेसलों को तसलीम कर लेते हैं
11:15पिर ये कहान इस्च कुर्बानी और मौशिरती शोर के साथ खत्म हो जाती है
11:21विवर्ज जहार उशनी सचाई की होती है और साइस सिर्फ वक्ती होते ड्रामा सीरियल के हवाले से
11:26अपने राए की जहार लाजमी कमेंट करें साथ में हमारे योटूब का चीनल सब्सक्राइब करना मत बोलिए तेंक्स पर वाचिंग अला हाफिज
11:33हेलो विवर्ज इज ड्रामा सीरियल में आप देखेंगे एक ऐसी ललकी माहरा जो जिदीद तालीमी अपता है और खवातिन के हुकुक के लिए आवाज बुलंद करती है
11:43इसके मुलाकात इमरान से एक कांफरंस में होती है जो बजाहर एक रुआएती मगर हसास दिल इनसान है
11:51इन दोनों के पहले मुलाकात तलخ होती है लेकिन जिल ही इनके दरम्यान जिहनी हम आहेंगी और खुब्प्यकश पिदा हो जाती है
11:58माहरा को जिल मालूम होता है कि इमरान का तालुक एक ऐसी सियासी खनादान से है
12:04जो माशुरती निजाम में करप्शन और ताकत का इस्तिमाल करता रहा है
12:08दुसी तरफ इमरान अपने बाप की पुरानी सोच और ताकत की इस्तिमाल से बेजार हो चुका है
12:14दुने के महबत उस सु वक्त अम्तिहान में पल जाती है
12:17जब माहरा एक एसा रास जान लेती है
12:20जो इम्रान के खंदान को बरबाद कर सकता है
12:23मगर वो खमोश रहती है ताकि इम्रान की इज़त महपूज रहे
12:27आखरी हिस्से में माहरा की सचाई और इम्रान की नरमी
12:30दोनों खांदान को एक नई सोच की तरफ मायल करती है
12:33वहाद मलक इमरान का बाप और नसीमा माहरा की मा एक दूसे के नजरियात से टकरा कर आखिर कर अपने बच्चों के पेसलों को तसलीम कर लेते है
12:42पिर ये कहान इस गुर्बानी और मौशिरती शोर के साथ खत्म हो जाती है
12:48विवर्ज जहार उशनी सचाई की होती है और साइस सिर्फ वक्ती होते ड्रामा सीरियल के हवाले से अपने राए की जहार लाजमी कमेंट करें
12:56साथ में हमारा योट्यूब का चीनल सबस्क्राइब करना मत बोलिए तेंक्स पर वाचिंग अला हाफिज
13:01हलो विवर्ज इस ड्रामा सीरियल में आप देखेंगे एक ऐसी ललकी माहरा जो जज़िदी तालीमी अपता है
13:07और खवादिन के हुकुक के लिए आवाज बुलंद करती है
13:11इसके मुलाकात इमरान से एक कांफरंस में होती है
13:14जो बजाहर एक रुआएती मगर हसास दिल इनसान है
13:18इन दोनों के पहले मुलाकात तलख होती है
13:21लेकिन जिल ही इनके दर्मियान जहनी हम आहेंगी
13:24और खुब्यक कज़श पिदा हो जाती है
13:26माहरा को जिल मालूम होता है
13:28कि इमरान का तालुक एक ऐसी सियासी खनदान से है
13:31जो माशरती निजाम में करप्शन और ताकत के इस्तिमाल करता रहा है
13:36दुसी तरफ इमरान अपने बाप की पुरानी सोच और ताकत की इस्तिमाल से बेजार हो चुका है
13:42दोने के महबत उस वक्त इम्तिहान में पल जाती है
13:45जब माहरा एक एसारास जान लेती है
13:47जो इमरान के खनदान को बरबाद कर सकता है
13:50मगर वो खामोश रहती है ताके इमरान की इस्तिमाल की महबत इस्तिमाल की माहरा एक दूसरे के नजरीयात से तकरा कर आकर अपने बच्चों के पेसलों को तसलीम कर लेते है
14:10पिर ये कहान इस गुर्बानी और मौशरती शौर के साथ खत्म हो जाती है
14:15विवर्ज जहां रूशनी सचाईकी होती है और साइस सिर्फ वक्ती होते ड्रामा सीरियल के हवाले से अपने राए की जहार लाजमी कमेंट करें
14:24साथ में हमारा यूटूब का चीनल सबस्क्राइब करना मत बूलिए तेंक्स पर वाचिंग अला हाफिज
14:28हेलो विवर्ज इज ड्रामा सीरियल में आप देखेंगे एक ऐसी ललकी माहरा जो जिदीद तालीम यपता है और खवातिन के हुकुक के लिए आवाज बुलंद करती है
14:38इसके मुलाकात इमरान से एक कांफरंस में होती है जो बजाहर एक रवायती मगर हसास दिल इनसान है
14:46हिन दोनों के पहले मुलाकात तलख होती है लेकिन जिल ही इनके दर्मियान जिहनी हम आहेंगी और खुपया कजश पिदा हो जाती है
14:53माहरा को जिल मालूम होता है कि इमरान का तालुक एक ऐसी सियासी खनदान से है जो माशरती निजाम में करप्शन और ताकत के इस्तिमाल करता रहा है
15:03दुसी तरफ इमरान अपने बाप की पुरानी सोच और ताकत की इस्तिमाल से बेजार हो चुका है
15:09दोने के महबत इस वखत अम्तिहान में पल जाती है जब माहरा एक एसारास जान लेती है जो इमरान के खनदान को बरबाद कर सकता है
15:18मगर वो खामोश रहती है ताकि इमरान की इज़त महपूज रहे
15:22आखरी हिस्से में माहरा की सचाई और इमरान की नर्मी दोनों खांदान को एक नई सोच की तरफ मायल करती है
15:28वहाद मलक इमरान का बाप और नसीमा माहरा की मा एक दूसे के नजरियात से टकरा कर आखर कर अपने बच्चों के पेसलों को तसलीम कर लेते हैं
15:38पिर यह कहान इस चुर्बानी और मौशरती शोर के साथ खत्म हो जाती है
15:43विवर्ज जहारुशनी सचाईकी होती है और साइस सिर्फ वक्ती होते ड्रामा सीरियल के हवाले से अपने राए की जहार लाजमी कमेंट करें
15:51साथ में हमारा योट्यूब का चीनल सबस्क्राइब करना मत बोलिए तेंक्स पर वाचिंग अला हाफिज
15:56हेलो विवर्ज इस ड्रामा सीरियल में आप देखेंगे एक ऐसी ललकी माहरा जो जदीद ताली में अपता है और खवातिन के हुकुक के लिए आवाज बुलंद करती है
16:05इसके मुलाकात इमरान से एक कांफरंस में होती है जो बजाहर एक रवायती मगर हसास दिल इनसान है
16:13इन दोनों के पहली मुलाकात तलख होती है लेकिन जिल हिनके दर्मियान जिहनी हम आहेंगी और खुब प्यकशश पिदा हो जाती है
16:21माहरा को जल्द मालूम होता है कि इमरान का तालुक एक ऐसी सियासी खनादान से है
16:26जो माशरती निजाम में करप्शन और ताकत का इस्तिमाल करता रहा है
16:31दुसी तरफ इमरान अपने बाप की पुरानी सोच और ताकत की इस्तिमाल से बेजार हो चुका है
16:37दोने के महबत उस वक्त अम्तिहान में पल जाती है जब माहरा एक ऐसा रास जान लेती है
16:42जो इमरान के खनादान को बरबाद कर सकता है
16:45मगर वो खामोश रहती है ताकि इमरान की इज़त महपूज रहे
16:49आफ़ी हिस्थे में माहरा की सचाई और इमरान की नर्मी दोनों खनादान को एक नई सोच की तरफ मायल करती है
16:56पैयाज मलक इमरान का बाप और नसीमा माहरा की माई एक डूसरी के नजरियात से टक्रा कर आखिकर अपने बच्चों के पेशलों को तसलीम कर लेते है
17:05पिर ये कहान इस चुर्बानी और मौशरती शोर के साथ खत्म हो जाती है
17:10विवर्ज जहारुशनी सचाई की होती है और साइस सिर्फ वक्ती होते ड्रामा सेल के हवाले से अपने राए की जहार लाजमी कमेंट करें
17:18साथ में हमारे योट्यूब का चीनल सबस्क्राइब करना मत बोलिये तैंक्स पर वाचिंग अला हाफिज
17:23हेलो विवर्ज इस ड्रामा सेरियल में आप देखेंगे एक ऐसी ललकी माहरा जो जजदी ताली में अपता है और खवातिन के हुकुक के लिए आवाज बुलंद करती है
17:33इसके मुलाकात इमरान से एक कांफरंस में होती है जो बजाहर एक रुआएती मगर हसास दिल इनसान है
17:40इन दोनों के पहले मुलाकात तलخ होती है लेकिन जल ही इनके दर्मयान जहनी हम आहेंगी और खुप्या कज़श पिदा हो जाती है
17:48माहरा को जल मालूम होता है कि इमरान का तालुक एक ऐसी सियासी खनदान से है जो माशरती निजाम में करप्शन और ताकत के इस्तिमाल करता रहा है
17:58दुसी तरफ इमरान अपने बाप की पुरानी सोच और ताकत की इस्तिमाल से बेजार हो चुका है
18:04दोने के महबत उस वक्त अम्तिहान में पल जाती है जब माहरा एक ऐसा रास जान लेती है जो इमरान के खंदान को बरबाद कर सकता है
18:13मगर वो खामोश रहती है ताकि इमरान की इज़त महपूज रहे
18:17आखरी हिस्से में माहरा की सचाई और इमरान की नर्मी दोनों खंदान को एक नई सोच की तरफ मायल करती है
18:23वहाद मलक इमरान का बाप और नसीमा माहरा की मा एक दूसरी के नजरियात से टकरा कर आखर कर अपने बच्चों के पेसलों को तसलीम कर लेते हैं
18:32पिर ये कहान इस कुर्बानी और मौशरती शोर के साथ खत्म हो जाती है
18:38विवर्ज जहारुशनी सचाई की होती है और साइस सिर्फ वक्ती होते ड्रामा सीरियल के हावाले से अपने राए की जहार लाजमी कमेंट करें
18:46साथ में हमारे येटूब का चीनल सबस्क्राइब करना मद बूलिये तैंक्स पर वाचिंग अलाहाफिज
19:16माहरे को जिल मालूम होता है कि इमराण का तालूख एक ऐसी स्यासी खनादान से है जो माशर्टी निजाम में करपशन और ताकट का इस्तिमाल करता रहा है
19:25दूसी तीरफ इमराण अपने बाप की पूरानी सोच और टाकत की इस्तिमाल से बेजार हो चुका है
19:31दोने के महबत उस वक्त अम्तिहान में पल जाती है
19:35जब माहरा एक एसा रास जान लेती है
19:37जो इमरान के खंदान को बर्बाद कर सकता है
19:40मगर वो खामोश रहती है ताकि इमरान की इज़त महपूज रहे
19:44आखरी हिस्से में माहरा की सचाई और इमरान की नर्मी
19:47दोनों खांदान को एक नई सोच की तरफ मायल करती है
19:50पयाज मलक इमरान का बाप और नसीमा माहरा की मा एक दूसे के नजरियात से टकरा कर आखिर कर अपने बच्चों के पेसलों को तसलीम कर लेते है
19:59पिर ये कहान इस्च कुर्बानी और मौशिरती शोर के साथ खत्म हो जाती है
20:05विवर्ज जहार उशनी सचाई की होती है और साइस सिर्फ वक्ती होते ड्रामा सीरियल के हवाले से अपने राए की जहार
20:12लाजमी कमेंट करें साथ में हमारा योटीव का चीनल सबस्क्राइब करना मत बोलिए तेंक्स पर वाचिंग अला हाफिज
20:18हलो विवर्ज इस ड्रामा सीरियल में आप देखेंगे एक ऐसी ललकी माहरा जो जज़िदी तालीम यपता है
20:24और खवादिन के हुकुक के लिए आवाज बुलिद करती है इसके मुलाका इमरान से एक कांफरंस में होती है
20:31जो बजाहर एक रुआयती मगर हसाथ दिल इनसान है इन दोनों के पहले मुलाका तल्ख होती है लेगिन जिल हे इनके दर्मयान
20:39जहनी हम आएंगी और खुब्या कजश पिदा हो जाती है
20:43माहरा को जिल मालूम होता है
20:45कि इमरान का तालुक एक ऐसी सियासी खनदान से है
20:48जो माशुरती निजाम में करप्शन और ताकत का इस्तिमाल करता रहा है
20:53दुसी तरफ इमरान अपने बाप की पुरानी सोच और ताकत की इस्तिमाल से बेजार हो चुका है
20:59दुने के महबत उस वक्त इम्तिहान में पल जाती है
21:02जब माहरा एक एसारास जान लेती है
21:05जो इमरान के खनदान को बरबाद कर सकता है
21:07मगर वो खामोश रहती है ताकि इमरान की इस्तिमाल की महबत एक दुस्टियात से तकर आखर कर अपने बच्चों के पेसलों को तसलीम कर लेते है
21:27पर ये कहान इस्च गर्बानी और मौशरती शौर के साथ खत्म हो जाती है
21:32विवर्ज जहां रूशनी सचाई की होती है और साइस सिर्फ वक्ती होते ड्रामा सीरियल के हवाले से अपने राए की जहार लाजमी कमेंट करें
21:41साथ में हमारा योटीव का चीनल सबस्क्राइब करना मत बोलिए तेंक्स पर वाचिंग अला हाफिज
21:45हेलो विवर्ज इज ड्रामा सीरियल में आप देखेंगे एक ऐसी ललकी माहरा जो जिदीद ताली में अपता है और खवातिन के हुकुक के लिए आवाज बुलंद करती है
21:55इसके मुलाकात इमरान से एक कांफरंस में होती है जो बजाहर एक रवाएती मगर हसास दिल इनसान है
22:03इन दोनों के पहले मुलाकात तलख होती है लेगिन जिल ही इनके दर्मियान जिहनी हम आहेंगी और खुब पर कशश्श पिदा हो जाती है
22:10माहरा को जिल मालूम होता है कि इमरान का तालुक एक ऐसी सियासी खनादान से है
22:16जो माशरती निजाम में करप्शन और ताकत का इस्तिमाल करता रहा है
22:20दुसी तरफ इमरान अपने बाप की पुरानी सोच और ताकत की इस्तिमाल से बेजार हो चुका है
22:26दोने के महबत उस वक्त इम्तिहान में पल जाती है जब माहरा एक ऐसा रास जान लेती है जो इमरान के खंदान को बर्बाद कर सकता है
22:35मगर वो खामोश रहती है ताकि इमरान की इज़त महपूज रहे
22:39आखरी हिस्से में माहरा की सचाई और इमरान की नर्मी दोनों खंदान को एक नई सोच की तरफ मायल करती है
22:45पयाद मलक इमरान का बाप और नसीमा माहरा की मा एक दूसरे के नजरियात से टकरा कर आखर कर अपने बच्चों के पेसलों को तसलीम कर लेते हैं
22:55पिर ये कहान इस कुर्बानी और मौशरती शोर के साथ खत्म हो जाती है
23:00विवर्ज जहारुशनी सचाई की होती है और साइस सिर्फ वक्ती होते ड्रामा सीरियल के हवाले से अपने राए की जहार लाजमी कमेंट करें
23:08साथ में हमारे योट्यूब का चीनल सबस्क्राइब करना मत बूलिये तैंक्स पर वाचिंग अला हाफिज
23:13हेलो विवर्ज इस ड्रामा सीरियल में आप देखेंगे एक ऐसी ललकी माहरा जो जिदी ताली में अपता है और खवातिन के हुकुक के लिए आवाज बुलंद करती है
23:22इसके मुलाकात इमरान से एक कांफरंस में होती है जो बजाहर एक रवायती मगर हसास दिल इनसान है
23:43फانदान से है जो माशरती निजाम में करप्शन और ताकत करता रहा है गुसी तरफ इमरान अपने बाप की पुरानी सोच और ताकत की इस्तिमाल से बिजार हो चुका है दोने के महबत उस وقت अम्तिचान में पल जाती है जब माहरा एक एसारास जान लेती है जो इमरान के खं
24:13प्यास मलक, इमरान कबाप और नसीमा माहरा की मा एक दूसरे के नजरियात से टक्रा कर आखिर कर अपने बच्चों के पेसलों को तसलीम कर लेते हैं
24:22पिर ये कहानी इस गुर्बानी और मौशरती शोर के साथ खत्म हो जाती है
24:27विवर्ज जहारुशनी सचाईकी होती है और साइस सिर्फ वक्ती होते ड्रामा सीरियल के हावाले से अपने राए की जहार लाजमी कमेंट करें
24:36साथ में हमारा योट्यूब का चीनल सबस्क्राइब करना मत बोलिए तेंक्स पर वाचिंग अला हाफिज
24:40हेलो विवर्ज इस ड्रामा सीरियल में आप देखेंगे एक ऐसी ललकी माहरा जो जजदीद तालीमी अपता है
24:47और खवातिन के हुकुक के लिए आवाज बुलंद करती है
24:50इसके मुलाकात इमरान से एक कांफरंस में होती है
24:54जो बजाहर एक रवायती मगर हसास दिल इनसान है
24:57इन दोनों के पहले मुलाकात तलख होती है
25:00लेकिन जिल ही इनके दर्मियान जिहनी हम आहेंगी और खुप्या कजश पिदा हो जाती है
25:05माहरा को जिल मालूम होता है कि इमरान का तालुक एक ऐसी सियासी खनदान से है
25:11जो माशरती निजाम में करप्शन और ताकत के इस्तिमाल करता रहा है
25:15दुसी तरफ इमरान अपने बाप की पुरानी सोच और ताकत की इस्तिमाल से बेजार हो चुका है
25:21दोने के महबत उस वक्त अम्तिहान में पल जाती है जब माहरा एक ऐसा रास जान लेती है जो इमरान के खांदान को बरबात कर सकता है
25:30मगर वो खामुश रहती है ताकि इमरान की इज़त महपूज रहे
25:34आखरी हिस्से में माहरा की सचाई और इमरान की नर्मी दोनों खांदान को एक नई सोच की तरफ मायल करती है
25:40पयाद मलक इमरान का बाप और नसीमा माहरा की मा एक दूसरे के नजरियात से टक्रा कर आखर कर अपने बच्चों के पेसलों को तसलीम कर लेते हैं
25:50पिर ये कहान इस चुर्बानी और मौशिरती शोर के साथ खत्म हो जाती है
25:55विवर्ज जहारुशनी सचाईकी होती है और साइस सिर्फ वक्ती होते ड्रामा सीरियल के हवाले से अपने राए की जहार लाजमी कमेंट करें
26:03साथ में हमारे योट्यूब का चीनल सबस्क्राइब करना मत बोलिए तैंक्स पर वाचिंग अला हाफिज
26:08हेलो विवर्ज इस ड्रामा सीरियल में आप देखेंगे एक ऐसी ललकी माहरा जो जजदी ताली में अबता है और खवातिन के हुकुक के लिए आवाज बुलंद करती है
26:17इसके मुलाकात इम्रान से एक कांफरंस में होती है जो बजाहर एक रवायती मगर हसास दिल इनसान है
26:25एन दोनों के पहले मुलाकात तलख होती है लेकिं जल ही इनके दर्मियान जहनी हम आहेंगी और खुप्यकश पिदा हो जाती है
26:33माहरा को जिल्द मालूम होता है कि इमरान का तालुक एक ऐसी सियासी खनदान से है जो माशरती निजाम में करप्शन और ताकत का इस्तिमाल करता रहा है
26:43दुसी तरफ इमरान अपने बाप की पुरानी सोच और ताकत की इस्तिमाल से बेजार हो चुका है
26:48दोने के मुहबत उसे वक्त अम्तिहान में पल जाती है जब महिरा एक एसारास जान लेती है जो इमरान के खंदान को बर्बाद कर सकता है
26:57मगर वो खामोश रहती है ताकि इमरान की इज़त महपूज रहे
27:01आखरी हिस्थे में माहरा की सचाई और इमरान की नर्मी दोनों खंदाम को एक नई सौच की तरफ मायल करती है
27:08पयाद मलक इमरान का बाप और नसीमा माहरा की मा एक दूसे के निजरियात से टक्रा कर आखर कर अपने बच्चों के पेसलों को तसलीम कर लेते हैं
27:17पिर ये कहान इस कुर्बानी और मौशिरती शोर के साथ खत्म हो जाती है
27:22विवर्ज जहारुशनी सचाइकी होती है और साइस सिर्फ वक्ती होते ड्रामा सीरियल के हवाले से अपने राए की जहार लाजमी कमेंट करें
27:30साथ में हमारे येटूब का चीनल सबस्क्राइब करना माद बूलिये तैंक्स पर वाचिंग अला हाफिज
27:35हेलो विवर्ज इज ड्रामा सीरियल में आप देखेंगे एक ऐसी ललकी माहरा जो जिदीद तालीम यपता है और खवातिन के हुकुक के लिए आवाज बुलंद करती है
27:45इसकी मुलाकात इमरान से एक कांफरंस में होती है जो बजाहर एक रवायती मगर हसास दिल इनसान है
27:52इन दोनों के पहले मुलाकात तलख होती है लेकिन जिल ही इनके दर्मियान जिहनी हम आहेंगी और खुब प्यक्जश पिदा हो जाती है
28:00माहरा को जिल मालूम होता है कि इमरान का तालुक एक ऐसी सियासी खनदान से है जो माशरती निजाम में करप्शन और ताकत के इस्तिमाल करता रहा है
28:10दुसी तरफ इमरान अपने बाप की पुरानी सोच और ताकत की इस्तिमाल से बेजार हो चुका है
28:16दोने के महबत उस वक्त इम्तिहान में पल जाती है जब माहरा एक ऐसा रास जान लेती है जो इमरान के खनदान को बरबाद कर सकता है
28:25मगर वो खमोश रहती है ताकि इमरान की इज़त महपूज रहे
28:29आखरी हिस्से में माहरा की सचाई और इमरान की नर्मी दोनों खनदान को एक नई सोच की तरफ मायल करती है
28:35वहाद मलक इमरान का बाप और नसीमा माहरा की मा एक दूसरे के नजरियात से टकरा कर आखर कर अपने बच्चों के पेसलों को तसलीम कर लेते है
28:44पिर ये कहान इस कुर्बानी और मौशिरती शोर के साथ खत्म हो जाती है
28:50विवर्ज जहार उशनी सचाई की होती है और साइस सिर्फ वक्ती होते ड्रामा सीरियल के हावाले से अपने राए की जहार लाजमी कमेंट करें
28:58साथ में हमारे योट्यूब का चीनल सबस्क्राइब करना मत बूलिए तैंक्स पर वाचिंग अला हाफिज
29:02हलो विवर्ज इस ड्रामा सीरियल में आप देखेंगे एक ऐसी ललकी माहरा जो जज़िदी तालीमी अपता है
29:09और खवातिन के हुकुक के लिए आवाज बुलंद करती है
29:12इसके मुलाकात इमरान से एक कांफरंस में होती है
29:16जो बजाहर एक रवायती मगर हसास दिल इनसान है
29:20इन दोनों के पहले मुलाकात तलख होती है
29:22लेकिन जल ही इनके दर्मयान जहनी हम आहेंगी
29:26और खुब्यकर जश्पिदा हो जाती है
29:27माहरा को जल मालूम होता है
29:29कि इमरान का तालुक एक ऐसी सियासी खनदान से है
29:33जो माशुरती निजाम में करप्शन और ताकत के इस्तिमाल करता रहा है
29:37दुसी तरफ इमरान अपने बाप की पुरानी सोच और ताकत की इस्तिमाल से बेजार हो चुका है
29:43दुने के महबत उस वक्त इम्तिहान में पल जाती है
29:47जब माहरा एक एसा रास जान लेती है
29:49जो इमरान के खनदान को बरबाद कर सकता है
29:52मगर वो खमोश रहती है ताके इमरान की इज़त महपूँज रहे
29:56आखरी हिस्से में माहरा की सचाई और इमरान के नर्मी दोनों खनदान को एक नई सोच की तरफ मायल करती है
30:02प्याद मलक, इमरान का बाप और नसीमा माहरा की मा एक दूसे के निजरियात से टक्रा कर आखिर कर अपने बच्चों के पेसलों को तसलीम कर लेते हैं
30:12पिर ये कहानी इस गुर्बानी और मौशिरती शोर के साथ खत्म हो जाती है
30:17विवर्ज जहारुशनी सचाई की होती है और साइस सिर्फ वक्ती होते ड्रामा सीरियल के हावाले से अपने राए की जहार लाजमी कमेंट करें
30:25साथ में हमारा योटूब का चीनल सब्सक्राइब करना मत बोलिए तेंक्स पर वाचिंग अला हाफिज
30:30हेलो विवर्ज इज ड्रामा सीरियल में आप देखेंगे एक ऐसी ललकी माहरा जो जिदीद तालीम यपता है और खवातिन के हुकुक के लिए आवाज बुलंद करती है
30:40इसकी मुलाकात इमरान से एक कांफरंस में होती है जो बजाहर एक रवायती मगर हसास दिल इनसान है
30:47इन दोनों के पहले मुलाकात तलख होती है लेगिन जिल ही इनके दर्मयान जिहनी हम आहेंगी और खुब्पया कशश पिदा हो जाती है
30:55माहरा को जल मालूम होता है
30:57कि अमरान का तालुख एक ऐसी सियासी खनादान से है
31:00जो माशर्ति निजाम में करप्शन और ताकत के इस्तिमाल करता रहा है
31:05दुसी तरफ अमरान अपने बाप की पूरानी सोच और ताकत की इस्तिमाल से
31:09बेजार हो जुका है
31:11दोने के महबत उस वक्त अम्तिहान में पल जाती है जब माहरा एक ऐसा रास जान लेती है जो इमरान के खंदान को बर्बाद कर सकता है
31:19मगर वो खामोश रहती है ताकि इमरान की इज़त महपूज रहे
31:23आखरी हिस्से में माहरा की सचाई और इमरान की नर्मी दोनों खंदान को एक नई सोच की तरफ मायल करती है
31:30वहाद मलक इमरान का बाप और नसीमा माहरा की मा एक दूसरे के नजरियात से टकरा कर आखर कर अपने बच्चों के पेसलों को तसलीम कर लेते हैं
31:39पिर ये कहान इस्च कुर्बानी और मौशरती शोर के साथ खत्म हो जाती है
31:44विवर्ज जहारुशनी सचाई की होती है और साइस सिर्फ वक्ती होते ड्रामा सीरियल के हवाले से अपने राए की जहार लाजमी कमेंट करें
31:53साथ में हमारा योट्यूब का चीनल सबस्क्राइब करना मत बोलिए तेंक्स पर वाचिंग अला हाफिज
31:57हेलो विवर्ज इज ड्रामा सीरियल में आप देखेंगे एक ऐसी ललकी माहरा जो जिदीद ताली में अपता है और खवातिन के हुकुक के लिए आवाज बुलंद करती है
32:07इसके मुलाकात इमरान से एक कांफरंस में होती है जो बजाहर एक रवायती मगर हसास दिल इनसान है
32:15इन दोनों के पहले मुलाकात तलख होती है लेकिन जिल ही इनके दर्मियान जिहनी हम आहेंगी और खुप्या कजश पिदा हो जाती है
32:22महरा को जिल मालूम होता है कि इमरान का तालू के एक ऐसी सियासी खनदान से है जो मौशर्टी निजाम में करप्शन और ताकत के इस्तिमाल करता रहा है
32:32दुसी तरफ इमरान अपने बाप की पुरानी सोच और ताकत की इस्तिमाल से बेजार हो चुका है
32:38दोने के मुहबब उच्छाइब
Comments

Recommended