00:00अस्पर ने वादा किया कि वो इस रिष्ट की विज़त से लेकर चलेगा
00:03कुछ महीने बाद अस्पर के वालदीन रिष्टा लेकर कुहाड गए
00:08मगर फर्वा के वाले जुन्हें ने बेटी के लिए खनादान में ही किसी को पसंद किया हुआ था
00:13सखती से इंकार कर दिया
00:15इनके लिए शेहर की ललकी ललके बर्वसे के काबिल ना थे
00:20फर्वा ने बाप के पेसले के दिल पर फत्तर रखकर कबूल कर लिया
00:24और अस्पर से राप्ता खतम कर दिया
00:26अस्पर ने बहुत कोशश की मिन्नती की खत लिके
00:30मगर फर्वा ने कभी भी जवाब नहीं दिया
00:33तिन साल गुजर गए फर्वा अब एक स्कूल में टीचर थी
00:37और अंदर ही अंदर टूटी हुई थी
00:39एक दिन स्कूल में एक फलाही प्राजिक्ट के तहत महमाना आया
00:43असपर जो अब एक फलाही दारे का बानी बन चुका था
00:46दोनों की नज़रे मिले वक्त तम गया और अंको ने वो सब कह दिया
00:50जो जबान से कभी ना कहा गया
00:53इस बार असपर खामोश ना रहा
00:55इसने फर्वा के वाले से खुद बात की
00:57अपना किरदार, सपर और नियत वाजिख की
01:00ड्रामर से के हवाले से अपने राही की जहा लाजमी के मेंट के लिए साथ में हमरा एट्यूप का चेनल सब्सक्राब करना मत बूलिए
01:06तेंस पर वाचिंग, अला हाफिज
01:07हेलो वीवर्ज, इस ड्रामर सेरिल में आप देखेंगे
01:10परवा कुहाट के एक बाहिजाब, बाहिजद और शर्मीली लड़की थी
01:15जो लाहोर में यूनिवेस्टी की तालीम हासिल कर रही थी
01:18वो अपने दुनिया में मगन, सीधी, साधी और खाबों के दिल में चुपा कर रखने वाली थी
01:24इसके लिए महबबत सिर्फ की ताबों में थी, हकीकत जिन्दगी में नहीं
01:28वो कभी किसी से दिल लगाने का सोच भी नहीं सकती थी
01:33जिब तक उसकी मुलागाद असपर से ना हुई
01:35असपर कराची से आया हुए एक जहीन, खुश मिजाज, नौजवान था
01:39जो अपने बातों सचाय और शायस्तगी से सब को मतासिर कर लेता था
01:43परवा और असपर के तर्मियान पहली बार एक ग्रूप साइमेंट में बात हुई और वो चन्द लबजों का तबादला दिल में गर गया
01:54अईस्ता अईस्ता वो एक दूस्ते के करीब आने लगे, मगर दोने के अंदाज में इहतिराम और फासला बरकरार रहा
02:00असपर ने कभी जलबाजी नहीं की, वो जानता था
02:04कि परवा एक रवायती कराने की बेटी है और इसके महबत सिर्फ इहतिराम से जीच जा सकी है
02:10जब असपर ने अपनी जजबात के इज़ार किया तो परवा ने खामोशी से सिर्फ इतना कहा
02:15मेरे दिल तुम्हारे साथ है, मगर मेरे पेसले मेरे वालिद के मर्जी से बंदे है
02:20असपर ने वादा किया कि वो इस रिष्ट को इजब से लेकर चलेगा
02:24कुछ महीने बाद असपर के वालदी रिष्टा लेकर कुहाट गए
02:29मगर फरवा के वाले जुन ने बेटी के लिए खनादान में ही किसी को पसंद किया हुआता
02:34सखती से इंकार कर दिया
02:36इनके ले शेहर की ललकी, ललके बर्वसे के का
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