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00:00हां, मैं वो तो नहीं, जो तुम मुझे सम्झे
00:09चलो चले
00:10चलो
00:17से मंटु की क्लास
00:19नाम तु सुना सुना लग रहे
00:26बुद मुझे तो
00:27बुद मुझे तो
00:28बुद मुझे
00:29सर, आप से जरुरी बात करनी है
00:31शो, कहिए
00:32मेरे घर में पढ़ाई को इतना जरुरी नहीं समझा जाता
00:34उनका ख्याल है कि अगर अगमिशन मिल गया तो समझो डिगरी मिल लेगा
00:37I believe in student-teacher relationship
00:40उसमें teacher को थोड़ा sacrifice करना पड़ता है
00:42Sir, वो जो अपने हिस्से की चीज़ sacrifice की अपने वो क्या है?
00:45उस टाइम में अपने घर पहुचकर खाना को काता हूँ
00:48खाना को काता हूँ
00:50मैं कमिन सा
00:56Think it's a joke?
00:57No, sir
01:06अपने किताबें और बैग टायां और जायें, प्लीज
01:11क्यारी एवान?
01:12Siraj अबरसरी की बेटी हो
01:13कुंडे की बेटी नहीं लगती
01:14एक नंबर के डर्पोक हैं
01:16और सुना एक नंबर के कन्जू स्वीच्ट
01:19यह तो Siraj Amritzari की गाड़ी थी ना?
01:21हाँ तो वह Siraj Amritzari की बेटी है
01:23यहारी है
01:29Good morning
01:30Good morning
01:35Good morning, good morning
01:38You must be the new student?
01:40Yes, ma'am
01:41It's okay, बैठे रो
01:42बड़ी दूमे आपकी
01:44बड़ी दूमे आपकी
01:46पहले दन आते ही सिगर्ट पी लिया
01:48और अज जब पहले रोज युनिवरस्टी से आई हूँ
01:50बीच में कभी कुछ पूठाई नी?
01:53बीच का मुझे पता ही नहीं
01:56कुल मिला कर स्कूल पढ़ाए मैंने
01:59वो याद है
02:01नीली फ्रॉग
02:03सफेद शलवार
02:05सफेद दुपट्टा
02:07इंटर की उम्र में
02:11तेरे बाप के कमरे में थी
02:13अबबा से तो बहुत ही डरता है
02:15तुम्हारे अबबा से कौन नहीं डरता
02:17देखने में कैसा है
02:19हेंडसम
02:21उमर कितनी होगी
02:23वॉर्टी से तो उपर कही होंगे
02:25अच्छा है
02:27इस उमर में हैंडसम लडकों की शादिया हो जाती है
02:31लडका थोड़ी है
02:33लड़का तोड़ी है
03:03है झाल झाल
03:33आवानी आवानी आवानी।
04:02हेना जो एक पर सुकून मगर करप से बड़ी जिन्दागी उजार रही होती है हेना का तालुग एक कदामत पसंद खनादान से है जहां लड़कों के खौबों के इज़त नहीं दी जाती है वह एक पड़े लेकी बाहिमत लड़की है जो टीचर बना चाहती है लेकिन इसके वा
04:32हेरी और्डर के साहरे जीता हैं मगर अंदर से टूटा हुआ है हेना और सारिम के पेले मुलाकात एक किताब मेले में होती है जहां सारिम के लिक नजमे हेना की दिल को चूल लेती है वो इसकी तहरीर उसे मतासिर हो जाती है और दोनों के दूसरे हामोशे से परवान चलने ल
05:02और से वाला शखस है हेना के वाले दूसे कहते है महबत किताबों मेची लगती है असल जिन्दगी परस से चलती है सारिम तूट जाता है मगर पिर हेना को हमत देता है वो कहता है जिन्दगी तुमारी है और खौब भी तुमारे किसे और के खौब से उन्हें दपन मत करो एक
05:32इसके तरूप करवा रहा होता है ये कहानी है एक एस जिल्लकी की जो चाहत के साय में खुद के पेचान गी ही एक कहानी इस तरह मुभत की नहीं बलकि खुद से मुहबत खुदारी और इस दिन्हपस की भी है तिस द्रामसल के होले से अपने राय की जिखार लाजमी कैमन करें �
06:02लड़कों के खुआबों के इज़त नहीं दी जाती है
06:05वो एक पड़े लगी बाहमत लड़की है
06:07जो टीचर बना चाहती है
06:08लेकिन इसके वाले इसके खुआबों को पजूल
06:10ख्याल समझते है दुसी तरफ सारिम
06:12एक हसास मिज़ाज
06:14उदा सांको वाला शायर लड़का है
06:16जो जिन्देगों में वापा के तलाश में है
06:18इसके माई इस दुनिया से जा चुकी है
06:20और बाब ने दुसी शादी करके
06:22उसे केला चोड़ दिया है
06:23सारिम अपनी शायरी औरदर के सारे जीता है
06:26मगर अंदर से टूटा हुआ है
06:28हेना और सारिम के पहले मुलाकात
06:30एक किताब मेले में होती है
06:32जहां सारिम के लिक की नज़ में हेना की दिल को चूल लेती है
06:35वो इसकी तहरीर से मतासिर हो जाती है
06:38और दोनों के दूसरे हामोश से परवान चलने लगती है
06:40दोनों को सोच, दुख और खौब एक जिसे होते है
06:44और वो एक दूसे के सहारा बन जाते है
06:46लेकिन पिर अचानक कहानी का एक निया रूख इतार करती है
06:49हेना के मंगनी उसके कजन से तेक कर दी जाती है
06:52जो एक जबरदस्थी करने वाला उससे वाला शखस है
06:56हेना के वालेद्जे से कहते है
06:57महबत के ताबो में ची लगती है
06:59असल जिन्दगी परस से चलती है
07:02सारिम तूट जाता है
07:03मगर फिर हेना को हम्मत देता है
07:06वो कहता है
07:07जिन्दगी तुमारी है اور खौब भी तुमारे
07:09किसे औरे के खौब से उन्हें दपन मत करो
07:12एक बिर्चादी से एक दन पहले हेना घर सी निकल ज़ती है
07:16सारीम के साथ नहीं बलå कि खुद के साथ अपनी शनाख के लिए
07:19आखरी सीन में हैना एक स्कूल में बच्चे को पड़ा रही होती है
07:22और साली में अपने नी किताब के तक्रीब इसके तारूप करवा रहा होता है
07:26ये कहानी है एक एस दिल्लकी की जो चाहत खेसाय में खुद क्यों पेचान गई
07:31ये कहानी इस तरह मौबत की नहीं बल्गे के खुद से मौबत, खुदधारी और इस दिनाबस की भी है
07:36ते इस दरामसल के होले से आपने राय की जाहर लाजमी के मैंने करें साथ में हमारा यट्यूब का चीनल सब्सक्राइब करना मत बूलिए तेंस पर वाचिंग आगाज में आप देखेंगे
07:46हेना जो एक पर सुकून मगर कप से बरी जिन्दागी उजार रही होती है हेना का तालुक एक अदामत पसंद खनादान से है जहार लड़कों के खौबों के इज़त नहीं दी जाती है वो एक पड़े लिकी बाहुमत लड़की है जो टीचर बना चाहती है लेकिन इसके वाले �
08:16और दर के सारे जीता हैं वगर अंदर से टूटा हुआ है हेना और सारिम के पहले मुलाकात एक किताब मेले में होती है जहां सारिम के लिकी नजमे हेना की दिल को चूल लेती है वो इसकी तहरीर से मतासिर हो जाती है और दोनों के दूसरे हामोशे से परवान चलने लगती है
08:46वो इससे व्रवला श्रॉक्स ए
08:48हेना के वाले दूसे कहते है
08:49महभत किताबों यूची लगती है
08:51असल जिनागी परद से चलती है
08:54सारीम तूट जाता है
08:55मगर पिर हेना को हुम्हत देता है
08:57वो कहता है
08:58जिनागी तुमारी है
09:00और खौब भी तुमारे
09:01किसी और एके खौब से उन्हें दपन मत करो
09:03एक दिन शादी से एक दिन पहले हिना गर से निकल जाती है
09:07सारीम के साथ नहीं बलुकि खुद के साथ अपने शेनाख के लिए
09:11आखरी सीन में हिना एक स्कूल में बच्चे को पढ़ा रही होती है
09:14और सारीम अपने नहीं किताब के तकरीब इसके अतारूप करवा रहा होता है
09:18ये कहानी है एक ऐस दिल्लकी की जो चाहत के साय में खुद के पहचान गई
09:23ये कहानी सिर्फ मौबत के नहीं बल्यकि खुद से मौबत, खुदधारी और इस दिन अपसकी भी है
09:28इस दिल्लकी के हौले से अपने राय की जाहर लाजमी के मैंने करें
09:31साथ में हमारा येटूब का चेनल सब्सक्राइब करना मत बूलिए
09:34तेंस पर वाचिंग आगाज में आप देखेंगे
09:38हेना जो एक पर सुकून मगर कप से बरी जिन्दागी गुजार रही होती है
09:43हेना का तालुक एक अदामत पसंद खनादान से है
09:46जहार लड़कों के खौबों के इज़त नहीं दी जाती है
09:48वो एक पड़े लेकी बाहमत लड़की है
09:50जो टीचर बना चाहती है
09:52लेकिन इसके वाले इसके खौबों को पजूल खयाल समझते है
09:55दुसी तरफ सारिम एक हसास मिजज उदा सांको वाला शायर लड़का है
10:00जो जिन्दग्यों में वापा के तलाश में है
10:02इसके मा इस दुनिया से जा चुकी है
10:04और बाब ने दुसी शादी करके उसे केला चोड़ दिया है
10:07सारिम अपनी शायरी और दर के सारह जिता है
10:10मगर अंदर से टूटा हुआ है
10:12हینा और सारिम के पहले मूलाकाथ
10:14एक किताब मेले में होती है
10:15जहाँ सारिम लिक नजमे हینा की दिल को छूल लेती है
10:19वो इसकी तहरीर उसे मतासिर हो जाती है
10:22और दोनों के दूसरे हामोशे से फरवान चलने लगती है
10:24दोनों को सोच, दुख और खौब एक जिसे होते है
10:28और वो एक दूसरे से सहारा बन जाते है
10:30लेकिन पिरा चानक कहानी का एक निया रूख थार करती है
10:33हेना के मंगनी उसके कजन से तेक कर दी जाती है
10:36जो एक जबर्दस्टी करने वाला उससे वाला शखस है
10:40हेना के वालदी से कहते है
10:41महबत किताबों में अची लगती है
10:43असल जिन्दगी परस से चलती है
10:46सरिम तूट जाता है
10:47मगर पिर हेना को हम्मत देता है
10:49वो कहता है
10:50जिन्दगी तुमारी है और खौब भी तुमारे
10:53किसे अवरे के खौब से उन्हें दपन मत करो
10:55एक दिन शादी से एक दिन पहले
10:58हेना घर से निकल जाती है
10:59सरिम के साथ नहीं बलकि खुद के साथ
11:01अपनी शनाख के लिए
11:02आखरी सीन में हेना एक स्कूल में
11:05बच्चों को पढ़ा रही होती है
11:06और सारी में अपनी नहीं किताब के तकरीब
11:08इसके तारूब करवा रहा होता है
11:10यह कहानी है एक एस दिल्लकी के जो चाहत
11:12खिसाय में खुद को पेचान गई
11:14यह कहानी इस तरह महबत की नहीं
11:16बलकि खुद से महबत, खुददारी
11:18और इस दिल्लकी नपस की भी है
11:20तो इस दिल्लकी के हौले से
11:21आपने राए की ज़हार लाजमी के मैंने करें
11:23साथ में हमारा एटूब का चेनल
11:25सब्सक्राइब करना मत बूलिए
11:26तेंक्स पर वाचिंग, लाहाफ़ेज
11:56और बाबने दुस्री शादी करके
11:58उसे केला चोड़ दिया है
11:59सारिम अपनी शाहरी और दर के साहरे जीता है
12:02मगर अंदर से टूटा हुआ है
12:04हेना और सारिम के पहले मुलाकात
12:06एक किताब मेले में होती है
12:07जहाँ सारिम के लिकी नजमे
12:09हेना की दिल को चूँ लेती है
12:11वो इसकी तहरीर उसे मतासिर हो जाती है
12:13और दोनों के दूस्ते हामोशे से फरवान चलने लगती है
12:16दोनों को सोच, दुख और खौब एक जिससे होते है
12:20और वो एक दूसे सहारा बन जाते है
12:22लेकिन पिरा चानक कहानी का एक निया रूख इतार करती है
12:25हेना की मंगनी उसके कजन से तेक कर दी जाती है
12:28जो एक जबरदस्ती करने वाला और उससे वाला शखस है
12:31हेना के वालदी से कहते है
12:33महबत किताबों मैची लगती है
12:35असल जिन्दगी परस से चलती है
12:38सारिम तूट जाता है
12:39मगर पिर हेना को हम्मत देता है
12:41वो कहता है
12:42यी जिन्दगी तुमारी है
12:44और खौब भी तुमारे
12:45किसे और के खौब से उन्हें दपन मत करो
12:47एक दिन शादी से एक दिन पहले
12:49हेना गर से निकल जाती है
12:51सारिम के साथ नहीं
12:52बिल्कि खुद के साथ अपने शिनाख के लिए
12:54आखरी सीन में हेना एक स्कूल में बच्चे को पढ़ा रही होती है
12:58और सारी में अपने नई किताब के तक्रीब
13:00इसके अतारूब करवा रहा होता है
13:02ये कहानी है एक इस दिल्लकि के जो चाहत के साय में खुद के पेचान गई
13:06ये कहानी इस तरह मौबत के नहीं बलकि खुद से मौबत खुदधारी और इज़ती नपसकी भी है
13:12तो इस रामसल के होले से आपने राय की ज़हार लाजमी के मैंने करें
13:15साथ में हमारा इटूब का चेनल सब्सक्राइब करना मत बूलिए
13:18तेंस पर वाचिंग आगाज में आप देखेंगे
13:22हेना जो एक पर सुकून मगर कप से बरी जिन्देगी उजार रही होती है
13:27हेना का तालुक एक अदामत पसंद खनादान से है
13:30जहां लड़कों के खवाबों के इज़त नहीं दी जाती है
13:32वो एक पड़े लिकी बाहिमत लड़की है
13:34जो टीचर बना चाहती है
13:36लेकिन इसके वाले इसके खवाबों को पजूल खयाल समझते है
13:39दुसरी तरफ सारिम एक हसास मिजज उदा सांको वाला शायर लड़का है
13:43जो जिन्देगें में वापा के तलाश में है
13:46इसके मा इस दुनिया से जा चुकी है
13:48और बाब ने दुसरी शादी करके उसे केला चोड़ दिया है
13:51सारिम अपनी शायरी औरदर के सारे जीता है
13:54मगर अंदर से तूटा हुआ है
13:56हेना और सारिम के पहले मुलाकात
13:57एक किताब मेले में होती है
13:59जहां सारिम के लिक नजमे हेना की दिल को चुछ बूल एती है
14:02वो इसकी तहरीर उसे मतासिर हो जाती है
14:05और दोनों के दूसरे हामोशे से फरवान चलने लगती है
14:08दोनों को सोच, दुग और खौब एक जिसे होते है
14:12और वो एक दूसरे सहारा बन जाते है
14:14लेकिन पिरा चानक कहानी का एक निया रूख इतार करती है
14:17हेना के मंगनी उसके कजन से तेक कर दी जाती है
14:20जो एक जबरदस्ती करने वाला और उससे वाला शखस है
14:23हेना के वाले दूसरे कहते है
14:25महबत किताबों मेची लगती है
14:27असल जिन्दगी परस से चलती है
14:29सरिम तूट जाता है
14:31मगर पिर हेना को हम मत देता है
14:33वो कहता है
14:34जिन्दगी तुमारी है और खौब भी तुमारे
14:37किसे और एके खौब से उन्हें दपन मत करो
14:39एक दिन शादी से एक दिन पहले
14:41हेना गर से निकल जाती है
14:43सरिम के साथ नहीं बलकि खुद के साथ
14:45अपने शिनाख के लिए
14:46आखरी सीन में हेना एक स्कूल में
14:48बच्चे को पढ़ा रही होती है
14:50और सारी में अपने नहीं किताब के तकरीब
14:52इसके तारूब करवा रहा होता है
14:54यह कहानी है एक एस दिल्लकी की जो
14:56चाहत के साए में खुद क्यों पेचान गी
14:58यह कहानी इस दिल्लकी के नहीं
15:00बलकि खुद से मुहबत, खुद्दारी
15:02और इस दिल्लकी नफसकी भी है
15:03ते इस दिल्लकी के हौले से
15:05अपने राय की जहार लाजमी के मैंने करें
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15:10ते इस दिल्लकी के आगाज में आप देखेंगे
15:14हेना जो एक पर सुकून
15:16मगर कप से बड़ी जिन्दागी उजार रही होती है
15:19हेना का तालुक एक अदामत पसंद खनादान से है
15:22जहार लड़कों के खुआबों के इस दिल्लकी है
15:26जो टीचर बना चाहती है
15:28लेकिन इसके वाले दिसके खुआबों को पजूल ख्याल समझते है
15:31दुसी तरफ सारिम एक हसास मिजज उदासांको वाला शायर लड़का है
15:35जो जिन्देगें में वापा के तलाश में है
15:38इसके मा इस दुनिया से जा चुकी है
15:40और बापने दुसी शादी करके उसे केला चोड़ दिया है
15:43सारिम अपनी शाहरी औरदर के सारे जीता है
15:45मगर अंदर से टूटा हुआ है
15:47हेना और सारिम के पहले मुलाकाद
15:49एक किताब मेले में होती है
15:51जहाँ सारिम के लिकी नजमे हेना की दिल कुछ भू लेती है
15:54वो इसकी तहरीर उसे मतासिर हो जाती है
15:57और दोनों के दूसरे हामोशे से परवान चलने लगती है
16:00दोनों को सोच, दुख और खौब एक जिसे होते है
16:04और वो एक दूसरे इसके सहारा बन जाते है
16:06लेकिन पिर अचानक कहानी का एक निया रूख इतार करती है
16:09हेना के मंगनी उसके कजन से तेक कर दी जाती है
16:12जो एक जबरदस्ती करने वाला, वो उससे वाला शखस है
16:15हेना के वाले दूसरे कहते है
16:17महबत किताबों में अची लगती है
16:19असल जिन्दगी परस से चलती है
16:22सारिम तूट जाता है
16:23मगर पिर हेना को हमया को हिमत देता ए
16:25वो कहता है
16:26यी जिन्दगी तुमारी है
16:27और खौब भी तुमारे
16:29किसी और के खौफ से उन्हें दपन मत करो
16:31एक दिन शाधी से एक दिन पेले
16:33हेना गर से निकल जाती है
16:35सारी हम के साथ नहीं
16:36बने कि खुद के साथ अपनी शिनाख के लिए
16:38आखरी स्थीन में हेना एक स्कूल में
16:40बच्चों को पढ़ारे ही होती है
16:42और सारी में अपनी नहीं किताब के तक्रीब
16:44इसके तारुप करवा रहा होता है
16:46ये कहानी है एक इस दिल्लिके जो चाहत के साय में खुद क्यों पैचान गही है
16:50ये कहानी इस दिल्लिके मौश्ज़े नहीं बलकर खुद से मौभत, खुद दारी और इसादीनपस कीब भी है
16:55तिस रामसल के हौले से अपने राय की ज़ार लाजमी के मैंने करें
16:59साथ में हमारा आईटूब का चीनल सब्सक्राइब करना मत बूलिए
17:02तेंक्स पर वाचिंग आगाज में आप देखेंगे
17:06हेना जो एक पर सुकून मगर कब से बरी जिन्दगी उजार रही होती है
17:11हेना का तालुक एक अदामत पसंद खनादान से है
17:13जहां लड़कों के खुआबों के इज़त नहीं दी जाती है
17:16वह एक पड़े लगी बाहिमत लड़की है
17:18जो टीचर बना चाहती है
17:20लेकिन इसके वाले इसके खुआबों को पजूल खयाल समझते है
17:23दुसरी तरफ सारिम एक हसास मिजज उदास आंको वाला शायर लड़का है
17:27जो जिन्देगों में वापा के तलाश में है
17:30इसके मा इस दुनिया से जा चुकी है
17:32और बाब ने दुसरी शादी करके उसे केला चोड़ दिया है
17:35सारिम अपनी शायरी औरड़ के सारे जीता है
17:37वगर अंदर से टूटा हुआ है
17:39हेना और सारिम के पहले मुलाकात
17:41एक किताब मेले में होती है
17:43जहां सारिम के लिकी नजमे हेना की दिल को चूलेती है
17:46वो इसकी तहरीर से मतासिर हो जाती है
17:49और दोनों के दूसरे हामोशे से फरवान चलने लगती है
17:52दोनों को सोच, दुख और खौब एक जिसे होते है
17:56और वो एक दूसरे सहारा बन जाते है
17:58लेकिन पिर अचानक कहानी का एक निया रूख थार करती है
18:01हेना के मंगनी उसके कजन से तेक कर दी जाती है
18:04जो एक जबरदस्थी करने वाला और उससे वाला शखस है
18:07हेना के वालदी से कहते है
18:09महबत किताबों मैची लगती है
18:11असल जिन्दगी परस से चलती है
18:13सारिम तूट जाता है
18:15मगर पिर हेना को हम मत देता है
18:17वो कहता है
18:18जिन्दगी तुमारी है
18:19और खौब भी तुमारे
18:21किसे और के खौब से उन्हें दपन मत करो
18:23एक दिन शादी से एक दिन पहले
18:25हेना घर से निकल जाती है
18:27सारिम के साथ नहीं
18:28बलकि खुद के साथ
18:29अपनी शनाख के लिए
18:30आखरे सीन में हेना
18:32एक स्कूल में बच्चे को पढ़ा रही होती है
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18:36इसके तारूब करवा रहा होता है
18:38यह कहानी है
18:38एक एस दिल्लकी के जो चाहत के साय में
18:41खुद क्यों पेचान गी
18:42यह कहानी इस तरह मौबत की नहीं
18:44बलकि खुद से मौबत, खुद्दारी
18:46और इस दिल्लकी नपसकी भी है
18:47तो इस दिल्लकी के होले से
18:49अपने राए की ज़ाहर लाजमी के मैंन करें
18:51साथ में हमारा येटूब का चैनल
18:52सब्सक्राइब करना मत बूलिए
18:54तेंस पर वाचिंग, लाहाफ़ेज़
19:24और बाब ने दुसरी शादी करके
19:25उसे केला चोड़ दिया है
19:27सारिम अपनी शाहरी और दर के सारे जीता है
19:29मगर अंदर से टूटा हुआ है
19:31हेना और सारिम के पहले मुलाकाद
19:33एक किताब मेले में होती है
19:35जहाँ सारिम के लिकी नजब में हेना की दिल को चूलेती है
19:38वो इसकी तहरीर से मतासिर हो जाती है
19:41और दोनों के दूसरी हामोशी से परवाण चलने लगती है
19:44दोनों को सोच, दुग और खौब एक जिसे होते है
19:47और वो एक दूसरी से सहारा बन जाते है
19:50लेकिन पिरा चार्रक कहानी का एक निया रूख खितार करती है
19:53हेना के मंगनी इसके ख़्जन से तेक कर दी जाती है
19:56जो एक जबर्दस्ती करने वाला, वो उससे वाला शच्छस है
19:59हेना के वाले दिसे कहते है
20:01महब्त किताबों में अच्छी लगती है
20:02असल जिन्दगी परस से चलती है
20:05सारिम तूट जाता है
20:07मगर पिर हिना को हम्मत देता है
20:09वो कहता है
20:10जिन्दगी तुमारी है और खौब भी तुमारे
20:12किसी और के खौब से उन्हें दपन मत करो
20:15एक दिन शादी से एक दिन पहले
20:17हिना गर से निकल जाती है
20:19सारीम के साथ नहीं बलकि खुद के साथ अपने शनाख के लिए
20:22आखरे सीन में हिना एक स्कूल में बच्चे को पढ़ा रही होती है
20:26और सारीम अपने नही किताब के तकरीब इसके अतारूब करवा रहा होता है
20:30ये कहानी है एक इस दिल लगी के जो चाहत के साय में खुद के पेचान गई
20:34ये कहानी सिर्फ मौबत के नहीं बलकि खुद से मौबत खुदधारी और इस दिन अपसकी भी है
20:39तो इस द्रामसल के हुआले से आपने राए की ज़ाहर लाजमी के मैंने करें
20:43साथ में हमारा येटूब का चेनल सब्सक्राइब करना मत बूलिये
20:45तेंस पर वाचिंग आगाज में आप देखेंगे
20:50हेना जो एक पर सुकून मगर कप से बरी जिन देगी उजार रही होती है
20:55हेना का तालुक एक अदामत पसंद खनादान से है
20:57जहां लड़कों के खवाबों के इज़त नहीं दी जाती है
21:00वो एक पड़े लगी बाहमत लड़की है
21:02जो टीचर बना चाहती है
21:04लेकिन इसके वाले इसके खवाबों को पजूल खयाल समझते है
21:07दुसी तरफ सारिम एक हसास मिजज उदासांको वाला शायर लड़का है
21:11जो जिन्देग्यों में वापा के तलाश में है
21:14इसके मा इस दुनिया से जा चुकी है
21:16और बाब ने दुसी शादी करके उसे केला चोड़ दिया है
21:18सारिम अपनी शायरे और दर के सारे जीता है
21:21मगर अंदर से टूटा हुआ है
21:23हेना और सारिम के पहले मुलाकात
21:25एक किताब मेले में होती है
21:27जहां सारिम के लिक की नजमे हेना की दिल को चूलेती है
21:30वो इसकी तहरीर उसे मतासर हो जाती है
21:33और दोनों के दूसरे हामोशे से फरवान चलने लगती है
21:36दोनों को सोच, दुख और खौब एक जिसे होते है
21:39और वो एक दूसरे सहारा बन जाते है
21:41लेकिन पिरा चानक कहानी का एक निया रूख इतार करती है
21:45हेना के मंगनी उसके कजन से तेख कर दी जाती है
21:47जो एक जबरदस्थी करने वाला उससे वाला शखस है
21:51हेना के वाले दूसरे कहते है
21:53महबत किताबों में अची लगती है
21:54असल जिन्दगी परस से चलती है
21:57सरिम तूट जाता है
21:59मगर पिर हेना को हम्मत देता है
22:01वो कहता है
22:01जिन्दगी तुमारी है
22:03और खौब भी तुमारे
22:04किसे अवरे के खौब से उन्हें दपन मत करो
22:07एक दिन शादी से एक दिन पहले
22:09हेना गर से निकल जाती है
22:11सरिम के साथ नहीं
22:12बल्कि खुद के साथ अपने शिनाख के लिए
22:14आखरे सीन में हेना
22:15एक स्कूल में बच्चों को पढ़ा रही होती है
22:17और सारी में अपने नहीं किताब के तकरीब
22:19इसके अतारूब करवा रहा होता है
22:21यह कहानी है
22:22एक एस दिल्लकि के जो चाहत के साय में
22:24खुद के पहचान गही
22:26यह कहानी सिर्भ मौबत के नहीं
22:28बलकि खुद से मौबत, खुद्दारी
22:29और इस दिल्लकि की भी है
22:31तो इस दिल्लकि के हौले से
22:32अपने राए की जाहर लाजमी के मैंने करें
22:35साथ में हमारा एटूब का चेनल
22:36सब्सक्राइब करना मत बूलिए
22:37तेंस पर वाचिंग, आगाज में आप देखेंगे
22:58समझते हैं, दुसी तरफ सारिम
22:59एक हसास मिजज, उदास हांको
23:02वाला शायर लड़का है
23:03जो जिन्देग्यों में वापा के तलाश में है
23:06इसके मा इस दुनिया से जा चुकी है
23:07और बाब ने दुसी शादी करके
23:09उसे केला चोड़ दिया है
23:10सारिम अपनी शाहरी और दर के सारे जीता है
23:13मगर अंदर से टूटा हुआ है
23:15हेना और सारिम के पेले मुलाकात
23:17एक किताब मेले में होती है
23:19जहां सारिम के लिक की नज़ में हेना की दिल को चूलेती है
23:22वो इसकी तहरीर उसे मतासर हो जाती है
23:25और दोनों के दूस्से हामोशे से फरवान चलने लगती है
23:28दोनों को सोच, दुग और खौब एक जिसे होते है
23:31और वो एक दूसे सहारा बन जाते है
23:33लेकिन पिरा चानक कहानी का एक निया रूख थार करती है
23:37हेना के मंगनी उसके कजन से तेक कर दी जाती है
23:39जो एक जबरदस्ती करने वाला और उससे वाला शखस है
23:43हेना के वाले दूसे कहते है
23:45महबत किताबों मैची लगती है
23:46असल जिन्दगी परस से चलती है
23:49सरिम तूट जाता है
23:51मगर पिर हेना को हम्मत देता है
23:53वो कहता है
23:53जिन्दगी तुमारी है और खौब भी तुमारे
23:56किसे और एक खौब से उन्हें दपन मत करो
23:59एक दिन शादी से एक दिन पहले
24:01हेना घर से निकल जाती है
24:03सरिम के साथ नहीं
24:04बल्कि खुद के साथ अपने शिनाख के लिए
24:06आखरी सीन में हेना एक स्कूल में
24:08बच्चों को पढ़ा रही होती है
24:09और सारी में अपने नहीं किताब के तकरीब
24:11इसके तारूब करवा रहा होता है
24:13यह कहानी है एक एस दिल्लकी की
24:15जो चाहत के साय में खुद को पेचान गी
24:18यह कहानी इस तरह मौबत की नहीं
24:36और किर्ब से बड़ी जिन्दागी उजार रही होती है
24:38हेना का तालूग एक कदामत पसंद खनादान से है
24:41जहां लड़कों के खुआबों के इज़त नहीं दी जाती है
24:44वह एक पड़े लिकी बाहिमत लड़की है
24:46जो टीचर बना चाहती है
24:47लेकिन इसके वाले दिसके खुआबों को पजूल ख्याल समझते है
24:50दुसरी तरफ सारिम एक हसास मिजाज उदासांको वाला शायर लड़का है
24:55जो जिन्देग्यों में वापा के तलाश में है
24:57इसके मार्स दुनिया से जा चुकी है
24:59और बापने दुसरी शादी करके उसे केला चोड़ दिया है
25:02सारिम अपनी शाहरी औरदर के सारे जीता है
25:05मगर अंदर से टूटा हुआ है
25:07हेना और सारिम के पहले मुलाकाद
25:09एक किताब मेले में होती है
25:11जहां सारिम के लिकी नजमे हेना की दिल कुछ भू लेती है
25:29इसके कजन से तेक कर दी जाती है
25:31जो एक जबरदस्ती करने वाला गुस्से वाला शखस है
25:35हेना के वालदी से कहते है
25:36महबत किताबों में ची लगती है
25:38असल जिन्दगी परस से चलती है
25:41सारिम तूट जाता है
25:42मगर पिर हेना को हमत देता है
25:44वो कहता है
25:45ये जिन्दगी तुमारी है और खोर भी तुमारे ही औरके खोर्ब से नहें और दपन मत करो
25:51एक दिन शादी से एक दिन पहले ऺजा एक तुमिसे निकल जाती है सारी मेरे के साथ नहीं बल्कि खुद के साथ अपनी शनाख के लिए
25:58आखरे सीन में हेना एक स्कूल में बच्चों को पढ़ा रही होती है
26:01और सारी में अपने नी किताब के तकरीब इसके अतारूब करवा रहा होता है
26:05ये कहानी है एक इस जिल्लकी के जो चाहत के साय में भुद को पेचान गी
26:10एक कहान इस तरह मुभबत की नहीं बलकि खुद से मुहबद, खुदधारी और इस दरामस्रेल की भी है
26:15तिस दरामस्रेल के हुआले से अपने राय की जहार लाजमी के मैंने करें
26:19साथ में हमार आइटूब का चीनल सब्सक्राइब करना मत बूलिए
26:21तिस दरामस्रेल के आगाज में आप देखेंगे
26:25हेना जो एक पर सुकून मगर कप से बरी जिन्देगी उजार रही होती है
26:30हेना का तालुक एक अदामत पसंद खनादान से है
26:33जहार लड़कों के खुआबों के इज़त नहीं दी जाती है
26:35वो एक पड़े लड़की बाहमत लड़की है
26:37जो टीचर बना चाहती है
26:39लेकिन इसके वाले दिसके खुआबों को पजूल ख्याल समझते है
26:42दुसी तरफ सारिम एक हसास मिजज उदासांको वाला शायर लड़का है
26:47जो जिन्देगें में वापा के तलाश में है
26:49इसके मा इस दुनिया से जा चुकी है
26:51और बाबने दुसी शादी करके उसे केला चोड़ दिया है
26:54सारिम अपनी शायरी औरदर के सारे जीता है
26:57मगर अंदर से टूटा हुआ है
26:59हेना और सारिम के पहले मुलाकात
27:01एक किताब मेले में होती है
27:03जहाँ सारिम के लिकी नजमे हेना की दिल कुछ भू लेती है
27:06वो इसकी तहरीर से मतासिर हो जाती है
27:09और दोनों के दूसरे हामोशे से फरवान चलने लगती है
27:11दोनों को सोच, दुख और खौब एक जिसे होते है
27:15और वो एक दूसरे सहारा बन जाते है
27:17लेकिन पिर अचाने का एक नया रूख उत्यार करती है
27:20हेना के मंगनी इसके कजन से तेक कर दी जाती है
27:23जो एक जबरदस्ती करने वाला
27:25ओस्से वाला शच्क्स है
27:27हेना के वाले दूसरे कहते है
27:28महपत किताबों में अच्छी लगती है
27:30असल जिन्दगी परद से चलती है
27:33सारेम टूट जाता है
27:34मगर पिर हमेना को हुम मत देता है
27:36वो कहता है
27:37यह जिन्दगी तुमारी है
27:39और खोब भी तुमारे
27:40किसी और के खौब से उन्हें दपन मत करो
27:42एक दिन शानी से एक दिन पहले
27:45हेना गर से निकल जाती है
28:00खुद के पेचान गी एक कहान इस तरह मौबत की नहीं बलो कि खुद से मौबत खुद्दारी और इज़ती नपसकी भी है ते इस रामसल के हौले से अपने राय की जाहर लाजमी के मैंने करें साथ में हमारा आई टूब का चीनल सब्सक्राइब करना मत भूलिए तेंस पर वा
28:30टीचर बना चाहती है लेकिन इसके वाले इसके खुआबों को पजूल ख्याल समझते हैं दूसी तरफ सारिम एक हसास मिजज उदा सांको वाला शायर लडगा है जो जिन्देग्यों में वापा के तलाश में है इसके मार इस दुनिया से जा चुकी है और बाबने दूसी शा
29:00जाती है और दोनों के दूसे हामोशे से फरवान चलने लगती है दोनों को सोच दुख और खौब एक जिसे होते है और वो एक दूसे इसके सहारा बन जाते है लेकिन पिर अचानक कहानी का एक निया रूख इतार करती है हेना के मंगनी इसके कजन से तेक कर दी जाती है जो �
29:30तुम्हारी है और खौब भी तुम्हारे
29:32किसे अवरे के खौब से उन्हें दपन मत करो
29:34एक दिन शादी से एक दिन पहले
29:37हेना गर से निकल जाती है
29:38सारीम के साथ नहीं बलकि खुद के साथ
29:40अपनी शनाख के लिए
29:41आखरी सीन में हेना एक स्कूल में
29:44बच्चों को पढ़ा रही होती है
29:45और सारी में अपनी नहीं किताब के तकरीब
29:47इसके तारूब करवा रहा होता है
29:49यह कहानी है एक एस दिल्लकी की जो चाहत
29:51खिसाय में खुद क्यों पेचान गी
29:53यह कहानी इस दिल्लकी नहीं
29:55बलकि खुद से महबत, खुददारी
29:57और इस दिल्लकी नपसकी भी है
29:59तो इस दिल्लकी के हौले से
30:00अपने राए की ज़ार लाजमी के मैंने करें
30:02साथ में हमारा आईटूब का चैनल
30:04सब्सक्राइब करना मत बूलिए
30:05तेंस पर वाचिंग, अलाहाफ़ेज
30:35और बाब ने दुसरी शादी करके
30:37उसे केला चोड़ दिया है
30:38सारिम अपनी शाहरी और दर के साहरे जीता है
30:41वगर अंदर से टूटा हुआ है
30:43हेना और सारिम के पहले मुलाकात
30:44एक किताब मेले में होती है
30:46जहासारिम के लिकी नज़ में हेना की दिल को चूलेती है
30:50वो इसकी तहरीर उसे मतासिर हो जाती है
30:52और दोनों के दूसरी हामोशी से परवान चलने लगती है
30:55दोनों के सौच, दुग और खौब एक जिसे होते है
30:59और वो एक दूसरी से हारा बन जाते है
31:01लेकिन पर अचानर कहानी का एक निया रूख exterior करती है
31:04हेना की मगनी उसके कजन से तेख कर दी जाती है
31:07जिए एक जबरदस्ती करने वाला ओस्षे वाला शखस है
31:10हेना के वालदिए से कहते है
31:12महुबत किताबों मेची लगती है
31:14असल जिंदगी परत से चलती है
31:17सारिम तूट जाता है
31:18मगर पिर हेना को हम्मत देता है
31:20वो कहता है
31:21जिन्दगी तुमारी है और खौब भी तुमारे
31:24किसे और के खौब से उन्हें दपन मत करो
31:26एक दिन शादी से एक दिन पहले
31:28हेना घर से निकल जाती है
31:30सारिम के साथ नहीं
31:31बिल्कि खुद के साथ अपनी शिनाख के लिए
31:33आखरी सीन में हेना एक स्कूल में बच्चे को पढ़ा रही होती है
31:37और सारी में अपने नी किताब के तकरीब
31:39इसके तारूब करवा रहा होता है
31:41ये कहानी है एक एस दिल्कि के जो चाहत के साय में खुद के पेचान गी
31:45ये कहानी इस तरह महबत के नहीं बलकि खुद से महबत खुददारी और इस दिनापस की भी है
31:51तो इस द्रामसल के हुआले से आपने राए की जहार लाजमी के मैंने करें
31:54साथ में हमारा येटूब का चेनल सब्सक्राइब करना मत बूलिए
31:57तेंस पर वाचिंग अलाहाफ़ज
31:58इस द्रामसल के आगाज में आप देखेंगे
32:01हेना जो एक पर सुकून मगर कप से बरी जिन्दागी उजार रही होती है
32:06हेना का तालोग एक अदामत पसंद खनादान से है
32:09जहार लड़कों के खुआबों के इज़त नहीं दी जाती है
32:11वो एक पड़े लगी बाहमत लड़की है
32:13जो टीचर बना चाहती है
32:15लेकिन इसके वालिद इसके खुआबों को पजूल खयाल समझते है
32:18दुसी तरफ सारिम एक हसास मिजज उदास हांको वाला शायर लड़का है
32:22जो जिन्देगों में वापा के तलाश में है
32:25इसके मा इस दुनिया से जा चुकी है
32:27और बाब ने दुसी शादी करके उसे केला चोड़ दिया है
32:30सारिम अपनी शायरी औरड़ के सहरे जीता है
32:33मगर अंदर से टूटा हुआ है
32:34हेना और सारिम के पहले मुलाकात
32:36एक किताब मेले में होती है
32:38जहाँ सारिम के लिक की नजमे हेना की दिल कुछ हूँ लेती है
32:41वो इसकी तहरीर से मतासिर हो जाती है
32:44और दोनों के दूसरे हामोशे से फरवान चलने लगती है
32:47दोनों को सोच, दुख और खौब एक जिसे होते है
32:51और वो एक दूसरे सहारा बन जाते है
32:53लेकिन पिरा चानक कहानी का एक निया रूख थार करती है
32:56हेना के मंगनी उसके कजन से तेक कर दी जाती है
32:59जो एक जबरदस्ती करने वाला और उससे वाला शखस है
33:02हेना के वाले दूसरे कहते है
33:04महुबत किताबों में अची लगती है
33:06असल जिन्दगी परस से चलती है
33:08सारिम तूट जाता है
33:10मगर पिर हेना को हम्मत देता है
33:12वो कहता है
33:13जिन्दगी तुमारी है
33:14और खौब भी तुमारे
33:16किसे और के खौब से उन्हें दपन मत करो
33:18एक दिन शादी से एक दिन पहले
33:20हेना गर से निकल जाती है
33:22सारिम के साथ नहीं
33:23बल्कि खुद के साथ अपने शिनाख के लिए
33:25आखरी सीन में हेना
33:27एक स्कूल में बच्चों को पढ़ा रही होती है
33:29और सारी में अपने नहीं किताब के तकरीब
33:31इसके अतारूब करवा रहा होता है
33:33ये कहानी है
33:34एक एस दिल्लकि के जो चाहत के साय में
33:36खुद क्यों पेचान गई
33:37एक कहानी इस दिल्लकि के नहीं
33:39बलकि खुद से महबत, खुददारी
33:41और इस दिल्लकि की भी है
33:42तो इस दिल्लकि के हौले से
33:44अपने राए की जाहर लाजमी के मैंने करें
33:46साथ में हमारा इटूब का चेनल
33:47सब्सक्राइब करना मत बूलिए
33:49तेंक्स पर वाचिंग, लाहाफ़ेज़
34:19और बाब ने दुसरी शादी करके
34:20उसे केला चोड़ दिया है
34:22सारिम अपनी शाहरी और दर के साहरे जीता है
34:24मगर अंदर से टूटा हुआ है
34:26हेना और सारिम के पहले मुलाकात
34:28एक किताब मेले में होती है
34:30जहाँ सारिम के लिकी नजमे
34:32हेना की दिल को चूलेती है
34:33वो इसकी तहरीर उसे मतासिर हो जाती है
34:36और दोनों के दूसरे हामोशे से परवान चलने लगती है
34:39दोनों को सोच, दुख और खौब एक जिससे होते है
34:43और वो एक दूसरे इसके सहारा बन जाते है
34:45लेकिन पर चानक कहानी का एक नया रोक हतियार करती है
34:48हेना की मगनी उसके कजन से टेकर दी जाती है
34:51जो ज� Git जबरधस्ती करने वाला वो उससे वाला शखस है
34:54हेना के वालदी से कहते है
34:56महबत किताबों में अची लगती है
34:58असल जिन्दगी परश से चलती है
35:00सारिम तूट जाता है
35:02मगर पिर हेना को हम्मत देता है
35:04वो कहता है
35:05जिन्दगी तुमारी है और खौब भी तुमारे
35:08किसे और के खौब से उन्हें दपन मत करो
35:10एक दिन शादी से एक दिन पहले
35:12हेना गर से निकल जाती है
35:14सारिम के साथ नहीं
35:15बिल्कि खुद के साथ अपनी शिनाख के लिए
35:17आखरी सीन में हेना एक स्कूल में बच्चों को पड़ा रही होती है
35:21और सारी में अपनी नही किताब के तकरीब
35:23इसके तारूब करवा रहा होता है
35:25ये कहानी है एक इस दिल्कि की जो चाहत के साय में खुद के पेचान गई
35:29ये कहानी इस तरह मौबत की नहीं बलकि खुद से मौबत खुददारी और इस दिनापस की भी है
35:34तो इस रामसल के हौले से आपने राय की ज़हार लाजमी के मैंने करें
35:38ये साथ में हमारा येटूब का चीनल सब्सक्राइब करना मत बूलिए तेंस पर वाचिंग आगाज में आप देखेंगे
35:45हेना जो एक पर सुकून मगर कप से बरी जिन्देगी उजार रही होती है
35:50हेना का तालुक एक अदामत पसंद खनादान से है
35:52जहार लड़कों के खवाबों के इज़त नहीं दी जाती है
35:55वो एक पड़े लगी बाहमत लड़की है जो टीचर बना चाहती है
35:59लेकिन इसके वाले इसके खवाबों को पजूल खयाल समझते है
36:02दुसरी तरफ सारिम एक हसास मिजज उदा सांको वाला शायर लड़का है
36:06जो जिन्देग्यों में वापा के तलाश में है
36:09इसके मा इस दुनिया से जा चुकी है
36:11और बाबने दुसरी शादी करके उसे केला चोड़ दिया है
36:14सारिम अपनी शायरी औरड़के सारे जीता है
36:16मगर अंदर से टूटा हुआ है
36:18हेना और सारिम के पेले मुलाकात
36:20एक केड़ की इन्देग्यों में होती है
36:22जहां सारिम के लिक्के नजमे हेना की दिल को पुचू लेती है
36:25वह इसके तहरीर उसे मतासिर हो जाती है
36:28और दोनों के दूस्से हामोशी से परवान चलने लगती है
36:31दोनों को सोच, दुख और खौब एक जिसे होते है
36:34और वो एक दूस्से के सहारा बन जाते है
36:37लेकिन पिरा चानक कहानी का एक निया रूख थार करती है
36:40हेना के मंगनी उसके कजन से तेक कर दी जाती है
36:43जिएक जबरदस्थी करने वाला और उससे वाला शखस है
36:46हेना के वाले दूसे कहते है
36:48महबत किताबों मैची लगती है
36:49असल जिन्दगी परस से चलती है
36:52सरिम तूट जाता है
36:54मगर पिर हेना को हम्मत देता है
36:56वो कहता है
36:57जिन्दगी तुमारी है और खौब भी तुमारे
37:00किसे और एके खौब से उन्हें दपन मत करो
37:02एक दिन शादी से एक दिन पहले
37:04हेना घर से निकल जाती है
37:06सरिम के साथ नहीं
37:07बल्कि खुद के साथ अपनी शिनाख के लिए
37:09आखरी सीन में हेना एक स्कूल में
37:11बच्चे को पढ़ा रही होती है
37:13और सारी में अपने नहीं किताब के तकरीब
37:15इसके तारूब करवा रहा होता है
37:17यह कहानी है एक एस दिनल्गी के जो चाहत के साय में
37:19खुद को पेचान गी
37:21यह कहानी इस तरह मौबत की नहीं
37:39और किर्ब से बड़ी जिनल्गी उजार रही होती है
37:42हेना का तालूग एक कदामत पसंद खनादान से है
37:44जहां लड़कों के खुआबों के इज़त नहीं दी जाती है
37:47वह एक पड़े लिकी बाहिमत लड़की है
37:49जो टीचर बना चाहती है
37:51लेकिन इसके वाले दिसके खुआबों को पजूल ख्याल समझते है
37:54दुसरी तरफ सारिम एक हसास मिजज उदा सांको वाला शायर लड़का है
37:58जो जिन्देग्यों में वापा के तलाश में है
38:01इसके मार्स दुनिया से जा चुकी है
38:03और बाब ने दुसरी शादी करके उसे केला चोड़ दिया है
38:06सारिम अपनी शायरी और दर के सारे जीता है
38:08मगर अंदर से टूटा हुआ है
38:10हेना और सारिम के पहले मुलाकात
38:12एक किताब मेले में होती है
38:14जहां सारिम के लिकी नजमे हेना की दिल कुछ भू लेती है
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