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  • 6/22/2025
उच्चैःश्रवा – दिव्य स्वर्गीय घोड़ा ✨🐎

उच्चैःश्रवा, समुद्र मंथन से प्रकट हुआ एक अद्भुत और सात मुखों वाला दिव्य घोड़ा था। इसकी अत्यंत तेज़ गति, अद्वितीय सौंदर्य और अपार शक्ति इसे विशेष बनाती थी। यह घोड़ा देवताओं और असुरों के बीच सम्मान का प्रतीक बना, लेकिन अंततः असुरों के राजा महाबली बलि ने इसे अपने पास रखा।

उच्चैःश्रवा का महत्व:
⚡ गति का अद्वितीय प्रतीक – यह किसी भी साधारण घोड़े से कहीं अधिक तेज़ था।
🔥 परम सौंदर्य और शक्ति – इसकी कांति और दिव्यता अनुपम थी।
🔱 समुद्र मंथन की अनमोल देन – यह घोड़ा भगवान इंद्र के ऐरावत हाथी की तरह दिव्य यानों में गिना जाता है।
👑 राजा बलि की शान – असुरों के महाबली राजा ने इसे अपने गौरव का प्रतीक बनाया।

✨ उच्चैःश्रवा केवल एक घोड़ा नहीं, बल्कि दिव्यता, शक्ति और गति का प्रतीक है! ✨


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🔖 हैशटैग्स:

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00:00समुद्र मन्थन से प्रकट हुआ साथ मुखों वाला दिव्य घोडा उच्चैश्रवा ये घोडा अपनी असाधारन गती, अद्वितिये सौंदर्ये और दिव्य आभा के लिए प्रसिद्ध था।
00:10इस अद्भुद घोडे को असुरों के राजा बली ने अपने पास रखा, बली ने इसे अपने वैभव और शक्ति का प्रतीक बनाया, उच्चैश्रवा ना केवल गती का प्रतीक था, बलकि ये दिव्यता और सौंदर्ये का उदाहरन भी था, इसे देवताओं और असुरों क
00:40झाल

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