00:00आशान मास के कृष्णपक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहते हैं
00:07इसे तीनों लोकों में सबसे प्रसिद एकादशी माना गया
00:10इस दन भागवान वश्नों और माता लक्ष्मी की खास कृपा बनी रहती है
00:14इस वरत को करने से जीवन में सुख समरद्धी आती और पापों से मुक्ती मिलती है
00:18आईए इस वडियो में बताते हैं कि योगिनी एकादशी 2025 की तिथी पूजा विधी क्या है
00:24आईए इस वडियो में बताते हैं कि योगिनी एकादशी का वरत और पूजा क्यों करें
00:29इसे करने से क्या फल मिलता है पंचांग के अनुसार आशान मास की कृष्णपक्ष की एकादशी दिती 21 जून 2025 को पड़ रही है इसकी शुरुआत सुबह 7 बचकर 18 मिनट पर होगी और इस्तिती का समापन 22 जून की सुबह 4 बचकर 27 मिनट पर होगा ऐसे में उद्याते थी कि �
00:59शुब मुहरतों की बात करें तो पूजा का शुब मुहरत सुबह 7 बचकर 21 मिनट से शुरू होकर सुबह 7 बचकर 41 मिनट तक है ब्रमु मुहूरत सुबह 4 बचकर 4 मिनट से 4 बचकर 44 मिनट तक है विजय मुहूरत दोपहर 2 बचकर 43 मिनट से 3 बचकर 29 मिनट तक है गौधुल
01:2943 मिनट तक है वहीं पारण का समय अगले दिन 22 जून को दोपहर एक बचकर 47 मिनट से श्राम चार बचकर 35 मिनट तक रहेगा बतादी कि धार्मेक गरंतों में योगिनी एकादशी को अत्यंत फल्दाई माना गया है इस दन वरत रखने और भगवान वर्ष्णु मातालक्ष्मी
01:59और सुक्सम्रुती बनी रहेगी
02:29कर दो
02:59कर दो
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