00:00विदेश में डेलिगेशन जो जाएगा, मैं तीन पॉइंट को भी अगर हाइलाइट करूं, विजेशा कहते हैं कि उनकी अपनी बहन को भेज कर हमने उनको मेसेज दे दिया, उनके समाज की बहन उनके बीच गई, कर्ण सोफिया कुरेश्टी के लिए शब्द है, बहुत शर्
00:30जो पोस्टर्ज में हमको इस वग दिखाई दे रहा है, क्यूंकि रुखनी रही है यह बाते, एक के बाद, एक के बाद, एक सब एक तर थाओ से पोस्टर रहा है, दूसी तर रफ में उलजे रहेंगे, या आपस में ही यह सब चीज़ चलती रहेंगी, और यही ही बाते है,
01:00चल रहा है और जब आप अपने डेलिगेशन को अरब देशों में बेजेंगे, मुस्लिम देशों में जब आप भेजेंगे, और वहां पर जब ये नेरेक्टिव भी साथ में रिपोर्ट होगा, तो क्या इस चीज की चिंता आपको कहीं पर दिखाई दे रही है, एक कंसर्न के
01:30जिस तरह की बखवास उन्होंने हमारे करनल सूफिया कुरिशी के बारे में की, तुरंत उन्हें अंदर कर देना चाहिए था, और मंत्री पकसे ने भाजपा से बरकास कर देना चाहिए था, लेकिन दुरुबाग्या देखिए, आगे जाकर उनके उपमुख्यमत्री भी वह
02:00साक्षर भी नहीं है, उनके लिए तो अभियान चलाना चाहिए साक्षर तक का, क्योंकि अगर वो पोस्ट को पढ़ते तो उनको पता चलता कि प्रोपेसर साब ने असल में भारत के हक में लिकाता हो सकता है, वो भाजपा के हक में न लगा हो, दुरुबाग्या यहीं हुआ
02:30अंदर लाते हैं, देखिए जो सांसदों के प्रतिमी दिन पंडल भेजे गया है न, अच्छी बात है, क्योंकि कॉंकि कॉंग्रेस के शासन कल में भी हुआ था, वाजपेज जी ने हमारे देश का पक्षा रखा था, इस सब हमारे देश का अदेश एक अनूठी मिसाल विश
03:00देश के अनूठी मिसाल वाजपेज जा रहा है, जो इस बात हम बात कर रहे हैं, बिल्कुल जा रहा है, देखिए, क्या जन्ता के बात को इस डिफरेंस को अब्जर्व कर रही है, या सिरफ सेना के शौर यह और ऑपरेशन सिंदूर का, जो इस समय उसको लेकर जितने
03:24बाते हो रही हैं, कि कैसे सेना ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया, और उस सब आवरण के नीचे, ये बातें क्या छिपती जा रही हैं?
03:34मिनक शिप जी, अगर आम भारतियों के बात करें, हम लोग अगर लोग के बीच में जाके जब भी बात करतें, चाहे लोकल ट्रेन में हो, या कहीं चाय के अड़े पे हो, जब बात करतें तो क्या पता चलता है?
03:47जिस तरह से 2019 में पुलवामा के समय माहूल था, एक तर्पा माहूल था, लोग देखे ऐसे मामलों में सेना दवलों के साथ, देश के साथ, हर भारतियों होता ही है, कुछ अपवाद गद्दार हो सकते हैं, वो तो हर जगह होते हैं
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