00:08जहां जिनको तुम दोस्त बोल रहे हो, अपना बोल रहे हो
00:11उनसे ही साउधान रहना पढ़ रहा है, कोई ठग रहा है, किसी पर नजर रखनी पढ़ रही है
00:15किसी से साउधान रहना पढ़ रहा है, किसी से तोल मोल के बात करनी पढ़ रही है
00:19यही तो नर्क है और क्या नर्क है
00:21आदमी ऐसे हो जाओ कि आसपास फालतू लोग होई ना
00:24और हो अगर तो भग जाएंगे
00:26सही काम करो गलत लोग अपने आप गायब हो जाएंगे
00:29यह मत करा करोगी भई जिनके साथ होते हैं
00:31अपनी जैसे वेवहार करना पड़ता है ना
00:33तो फिरो मौझूद भी रहेंगे तुमारी जिंदगी में
00:35कर देखवा अचार जी ठीक है बढ़ियां है जब गीता चल रही है
00:37तो हम गीता जैसे हो जाते हैं
00:39फिर जब घर में वो आंटी वाली पूजा चलती है
00:41तो हम आंटी जैसे हो जाते हैं
00:42गीता जैसे हो गए हो तो आप 24 घंटे गीता ही जैसे रहो
00:45तभी सब भगेंगे यह असुर