Skip to playerSkip to main content
🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021

➖➖➖➖➖➖
वीडियो जानकारी: 22.05.2026, Podcast with NCW, ग्रेटर नॉएडा

#acharyaprashant #आचार्यप्रशांत #selfobservation #selfintrospection #selfknowledge #criticalthinking #blindfaith #socialconditioning #selfawareness #innertransformation

Category

📚
Learning
Transcript
00:00मुझे दिखना चाहिए कि मैं जो कर रहा हूँ या कर रही हूँ वो मैं जानके समझ के कर रही
00:07हूँ या बस हवाएं मुझे बहाई ले जा रही है एक धारा में पड़ी हुई हूँ बेहोश और धारा मुझे
00:14बहाई ले जा रही है मुझे कुछ पता भी है कि मैं अपनी जिन्�
00:29चीज पसंद है, मुझे कैसे वो चीज पसंद आने लगई, हमेशा तो नहीं पसंद आती थी, किसने मुझे बोल दिया
00:36कि उस चीज में मूल्य है, वो मूल्य क्या मैंने स्वेहम तै करा, क्या मैंने अपनी विवेक से बुध से
00:42तौला, या दुनिया ने कह दिया कि ऐसा काम, ऐ
00:46द्रिष्टा, ऐसा जीवन, ऐसे कर्म, ऐसा आचरण, ये अच्छी चीजे होती है, मुल्यमान होती है, तो बिटिया तुझे भी ये
00:52सब करना है, तो मैं वही सब करे जा रही हूं, तो अपने प्रती इमानदार द्रिष्टे, मैं जो कर रही
00:59हूं, क्या मैं बस डर कर जोग ग
01:15ये डर के मारे काई, कि जब इतने लोग तो ठीक होता होगा, ये है आत्मवलोकन, और सिरफ यही तरीका
01:23है अच्छा इंसान बनने का, क्योंकि और कुछ आपको बुरा बनाता ही नहीं है, भीतर का अंधेर ही आपको बुरा
01:29बनाता है, आप भीतर के अंधेरे पर रौशनी ड

Recommended