00:00घर में वृद्ध मावा आप हो और वो कहें कि तीर्थ्यात्रा गर्मी है और इस पूरे प्रपंच में लाख रुपए
00:06लग रहे हो आप खर्च कर दोगे
00:10क्या बोलके उड़े हैं कभी भी मर जाएंगे और भगवान के ही तो धाम जाने की इक्षा कर रहे हैं
00:18उसमें लाख रुपए लगता है तो उन दे देते हैं और आपकी बेटी है वो अपनी शिक्षा को आगे बढ़ाने
00:24के लिए लाख रुपए मांगे तो मुश्किल हो जाए�
00:38और कितने लोग जिम की दो साल की मेंबर्शिप है एक लाख रुपए की उसके लिए निकाल दोगे बेटी है
00:43वो मस्बूत होना चाहती है बल हमारे लिए महत तो नहीं रखता और पापी जैसा अनुभाव करोगे अगर तीर्थ्यात्रा के
00:51पैसे रोक करके वो भी लड़की क
00:56मुझे तीर्थ्यात्रा से कोई समस्या नहीं है पर ये जो लोग है वृद्ध है वृद्ध होने से कोई बुद्ध नहीं
01:04हो जाता वृद्ध तो सब हो जाते है अशु भी वृद्ध हो जाते है तो हर वृद्ध बुद्ध नहीं होता
01:15और हर मृतक शहीद नहीं होता या इसल
01:26पर मजबूती की दिशा की उपेक्छा करने में हमें कोई समस्या नहीं होती
01:33और कमजोरी की दिशा चलने में हमें कोई अरचन नहीं होती