00:00ठीक से खाना मिलना भी कोई सस्ती बात नहीं होती है
00:04जो मैल नरिष्ट लोग हैं वो भी डेटा सफीशियंट हैं
00:09उनकी बॉड़ी मिनेरेल डेफेशियंट है
00:12लेकिन उनका फोन डेटा सफीशियंट है
00:17और ये बहुत ज़रूरी है
00:20क्योंकि हम सुचते हैं खाने का मतलब यही होता है बस क्या
00:23क्या आपने थोड़ी सी रोटी खाली उसमें आपने कोई सबजी पड़ी थी वो खाली
00:28अगर आपको सचमुच एक सफीशियंट डाइट चाहिए तो उसमें भी पैसा लगता है
00:35भारत में आधे से ज्यादा लोग जो खा रहे हैं वो उनको सफीशियंट इंग्रेडियंट्स नूट्रियंट्स नहीं दे रही है डाइट
00:45यह अलग बात है पता नहीं चलता क्योंकि शरीर की भी अपनी एक विवस्था है
00:52शरीर के किसी हिस्थे के पास भोजन ना हो पोशक तक तक तो ना हो तो भी वो ब्रेन को
00:59वेल सप्लाइड रखता है
01:02तो इसलिए आप आओगे कि भारतियों में ऐसे दुबले दुबले हाथ दुबले दुबले पाओं लेकिन फिर भी हो सकता है
01:09वो आईटियन हो
01:11क्योंकि बॉड़ी ने इतना इंतिसाम कर दिया था कि बाकी सारे ओर्गन्स तो ऐसे सिकुड़ गए श्रिंक कर गए क्योंकि
01:18उनको कभी भी प्रॉपर न्यूट्रीशन मिला नहीं लेकिन बॉड़ी सारी प्रेफरेंस इसको दे देती है
01:24कहती है इसको ठीक रखो तो यह ठीक रहा आता है यह ठीक है इसका मतलब यह नहीं है कि
01:31पूरी बॉड़ी ठीक है
01:32हम में से ज्यादा तर लोग हम मतलब मैं माफ करिएगा I'm daring to say हम में से भी ज्यादा
01:40तर लोग
01:41अगर अपना परीक्षन कराएंगे तो अपने आपको बहुत सारी चीजों में deficient पाएंगे
01:47और वो deficiency सिर्फ carelessness का नतीजा नहीं होती है भारतियों में वो deficiency carelessness से ज्यादा moneylessness का नतीजा
01:56होती है
01:57लेकिन उस और हमारा ध्यान न जाए इसके लिए हमको data sufficient रखा जाएगा हमें data rich रखा जाएगा आपको
02:05बहुत सारी चीजों में उल्जा के रखा जाएगा
02:08टिटिलेशन, sex, entertainment, humor, comedy of all kinds, politics, religion ये सब सिर्फ इसलिए है ताकि असली मुद्दे पर आपका
02:21ध्यान बिलकुल जाए ही नहीं
02:23और असली मुद्दा ये है कि income inequality भारत में और दुनिया में आज इतनी है उतनी कभी नहीं थी
02:30और बढ़ती ही जा रही है और हर वर्ष बढ़ती जा रही है