00:02साल 2026 के शार्विय नवरात्री में अश्टमी अनवमी तिथी पर अगर आप हवन करने की सोच रहे हैं तो आईए
00:09इस वीडियो में आपको बताते हैं हवन करने की संफूर नविदी, शुब मूरत, आवशक सामगरी और मन्त्र क्या रहेंगे
00:16साल 2026 में आश्विन शुक्ल अश्टमी तिथी का समापन एवं नवमी का प्रारम 19 ओक्टूबर को सुबह 10 बचकर 51
00:25मिनट से शुरू हो रहा है
00:26अश्टमी और नवमी का हवन 19 ओक्टूबर को किया जाना चाहिए आप चाहें तो 18 ओक्टूबर की शाम को भी
00:33हवन कर सकते हैं
00:46चाहस मिनट से दोपहर 12 बचकर 34 मिनट तक रहेगा संदी पूजा मूर्थ चामुंडा पूजन सुबह 10 बचकर 27 मिनट
00:55से सुबह 11 बचकर 15 मिनट तक रहेगा
00:58हवन शुरू करने से पहले निम्नलिकेत सामगरी एकत्रित करने तामबेया मिट्टी का हवन कुंड आमकी सुखी लकडिया कपूर सुखा नारियल
01:06रेडिमेट हवन सामगरी जौं काले तिल गुगल लोबान अक्षत चीनिया भूरा शककर
01:14मखाना काजु किश्मिश बादाम शुवारा इलाईची लौंग जावित्री केसर कपूर गाय का शुद्ध गी लाल कपडा कलावा आम के पत्ते
01:23रोली सुपारी पान के पत्ते गंगाजल सुखा गोला इत्यादी
01:28अपसनान करके लाल्या पीले वस्त्र पहन कर हवनकुंड को पूरू या उत्तर दिशा में स्थापित कर उसके चारो रंगोली या
01:35बालू बच्छा लें
01:36हाथ में जल लेकर तीन बर राच्मन करें, ओम केश वाय नमा, ओम नारायन आय नमा, ओम माधवाय नमा, अब
01:43हाथ धोते वे ओम रिशी केश आय नमा, हवन कुंड में आमकी लकडियां करीने से विवस्तित करें, कपूर जलाकर समिदा
01:50के उपर रखें, अगवर अगनी देव का
02:05हवन सामगरी में थोड़ा घी मिला कर मादुर्गा के स्वरूपो और मंत्रों से स्वाहा बोलते वे आहुती दें, एक सूखे
02:12नारियल उपरी भाग को काट कर उसमें घी, शक्कर, पंच मेवा और थोड़ी हवन सामगरी भरें, उसे लाल कपड़े अकलावे
02:20से बांध कर हव
02:33हवन के अगने से धूनी ले, मादुर्गा की आरती करें और पूजा में हुई किसी भी भूल चूख के लिए
02:39उनसे श्रमाय आचना करें, हवन सामगरी की आहुती देते समय, प्रत्येक मंत्र के अंत में स्वाहा बोलकर सामगरी अर्पित करना
02:47है, आप चाहें तो ओ, मैम, र
02:59निर्मुक्ते, धन्धान, सुतान्वित, मनुश्यों, मत, प्रसादीन, भवश्रतीन, संशहे स्वाहा, सर्वमंगल, मांगले, शिवे, सर्वार्थ, साधिके, शरन्ने, त्रियंबके, गवरी, नारायनी, नमुस्तुते स्वाहा,
03:14अप इस मंत्र का जाप करते हुए भी अग
03:28पुष्मांडाये नमस्वाह, ओम सकंद माताये नमस्वाह, ओम कात्याये नमस्वाह, ओम कालरात्रे नमस्वाह, ओम महागौरे नमस्वाह, ओम सिद्धिदात्रे नमस्वाह, फिलहाल अस
03:42वीडियो में इतना ही, इसी तरह से आपका हवन सब बन्न होगा, हवन की अग्मी को स
03:58बाहर की ओर छोड़ दे हवन कुंड स्वयम ठंडा होने के बाद ही उसे अपनी जगह से हटाना चाहिए और
04:07बची हुई सामगरी को किसी पवत्र नदी में प्रवाहित कर दे या फिर अपने घर के गमले में भी डाले
04:13जा सकते हैं