00:05गुजरात के गर्बा और डांडिया रास्त के बारे में कौन नहीं जानता आजकल तो इसका क्रेज गुजरात के लावा बाकिश
00:12शहरों में भी बढ़ गया है अब लोग इसे मनोरंजन के साथ जोड़ के देखने लगे हैं जबकि ये नरित्य
00:18मां अम्बे की अराधना का प्रत
00:28करने वाले हैं जिसमें नाशने के लिए हाथों की थाप एडांडिया की खनक का नहीं बलकि मशाल का सहारा लिया
00:36जाता है चलिए इस वीडियों बताते हैं मांबे की अराधना से जुड़े इस खास नरित्य के बारे में गुजरात के
00:42सौरास्ट में जामनगर एक ऐसा शहर है
00:45जहां पिछले सत्तर सालों से एक अनोखा नरित्य किया जा रहा है जिसका नाब है मशाल रास इसके शुरुवात साल
00:53उननिस सो सतावन में श्री पटेल यूवक गरवी मंडल लेगी थी तब से ही देवी की अराधना के लिए इस
01:00परंपरा को जीवन तरखा गया है ये नरित्
01:15नरितक इसमें गुजरात की पारंपरिक वेशभूशा केंडियो चोडी यानि की घेरदार कुड़ता और चूडीदार पजामा पहनते हैं इसके बाद वो
01:25तेल या तारकोल में भीगोए गए सूती कपड़े को लकडी की छड में बांध कर जलाते हैं और इस तरह
01:32मशाल तया
01:35करने के बाद पुरुश एक गोल घेरे में अंदर और बाहर छेचे की जोडी में खड़े हो जाते हैं इसके
01:42बाद देवी दुर्गा के लोकप्रिय गीतों की धुन शुरू होती है जिसमें अंदर की घेरे में नर्तक सूई की दिशा
01:50में तो बाहर खड़े नर्तक सूई की उ
02:05शाल रास की ये वीडियो फिलाल हमारी इस वीडियो में इतना है वीडियो को लाइक शेर इन चैनल को सब्सक्राइब
02:09करना ना भूलें