00:28शार्दी नवरात्री की तो शुर्वात हो चुकी है।
00:30आठारा ओक्टूबर को आट बज कर फूर्दी निट से शुरू हो कर उन्नेस ऑक्टूबर की सुबह दस बज कर एक्टूबर
00:35तक रहेगी।
00:37ऐसे में कई लोग 18 ऑक्टूबर की बजाए, 19 ऑक्टूबर को भी वरत कर सकते हैं।
00:43वहीं दस बच कर 21 मिनट पर 19 उक्टूबर को अश्टमी समाप्थ हो जाएगी और नौमी तिथी का शुभारंब होगा।
00:51अगर आप अश्टमी और नौमी दोनों का वरत रखना चाहते हैं तो 19 उक्टूबर आपके लिए सही रहेगा।
00:58इसका पारण कई लोग 20 उक्टूबर को सुभा सूर्योदय के परशात भी कर सकते हैं जो लोग विजय दश्मी के
01:05दिन वरत का पारण करते हैं उन्हें 20 तारिक को भी वरत रखना होगा।
01:28और माता की समक्ष दीप और धूप जलाकर वरत का संकल पने।
01:32आश्टूमी के दिन मा महागौरी और नवमी के दिन मा सिधीदात्री का आवाहन करें।
01:37माता को रोली यक्षत लाल, फूल, चुनरी और श्रिंगार की सामगरी अर्पित करें।
01:42भोग में हलवा, पूरी और काले चने का प्रसाद बना कर माता को चणहाएं।
01:46नौकर्णय और एक बालक को आधर पूर्वक आमंत्रत करें।
01:50उनके पैर जल से धोकर साफ कपड़े से पोछें।
01:53सभी के माते पर कुमकुम याक्षत लगाएं।
01:55हाथ में कलावा बांधें।
01:56हलवा, पूरी, चना और फल परों से भोजन के प्रशाद सामर्तनुसार उपहार या दक्षना दें।
02:02चरण स्पर्श कर आशरवाद लें।
02:04असके बाद हवन करें।
02:06वरत का पारें आपको मातारानी के चड़ाय हुए प्रसाद का सेवन करने के साथ ही करना चाहिए।
02:13यानि कि उपवास खोलने के लिए हलवा, पूरी और चना ग्रहन करके ही वरत खोलें।
02:19अब अगर आप अश्टमी और नवमी का वरत कर रही है तो वरत में क्या खाएं और क्या नहीं ये
02:24भी जान लेते हैं।
02:25इस दिन कुट्टू के आटा, सिंघाडे का आटा, राजगीरा, का आटा, साबुदान और समा के चावल का सेवन कर सकते
02:32हैं।
02:32आलू, अर्बी, शकरकंद, कद्दू, लौकी, खीरा, टमाटर और गाजर भी खाई जा सकती हैं।
02:37केवल सेंधा नमक ही ग्रहन करें।
02:40हरी मिर्च, हराधनिया, सेंधा जीरा, कालनी मिर्च, छोटी लाइची और दालचीनी का भी सेवन कर सकते हैं।
02:46दूद, दही, मलाई, पनेर, शुद, देशीगी, सभी तरह के फल, सूखे, मेवे, और मखाने का सेवन कर सकते हैं।
02:52इस वरत में गेहू, चावल, बेसन, सूजी, मैदा, मक्क और सभी प्रकार की दालों का सेवन करने से बचें।
02:59साधारन समुद्री नमक ना खाएं, हल्दी, गरम, मसाला, धनिया, पाउडर, राई, सरसों और हिंग का सेवन भी ना करें।
03:05प्याज, लहसुद, म्यास, मचली, अंडा, शराब और अन नशीले चीजों का सेवन करने से बचें।
03:12सरसों का तेल या रिफाइंड तेल का प्रयोग ना करें। केवल मूंफली का तेल, तिल का तेल या देशी घी
03:17का ही प्रयोग करें।
03:18बासी या बाहर का पैकेट बंध खाना खाने से बचें।
03:21फिल हाल इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें साथी चानल को सब्सक्राइब करना न भूलें