00:03हाल ही में कनाड़ा के टॉरांटो शहर में दिवंगत पंजाबी सिंगर सिद्धु मूसेवाला का एक वर्ल्टूर शो हुआ है
00:09साल 2022 में दुनिया छोड़ चुके सिद्धु अचाना की स्टेज पर गाते और पर्फॉर्म करते दिखाए दिये
00:15ये सब मुम्किन हुआ 3D, Hologram, Technology और Advanced AI की मदद से
00:20लेकिन जहां एक तरफ फैंस भावू को रहें वहीं इंटरनेट पर कई मुस्लिम, इंफ्लिउंसर्स और पाकिस्तानी अक्टर्स मीशा खान ने
00:25इसे एक बेहद डरावनी चीज़ से जोड़ दिया है
00:28उनका दावा है कि ये दज्जाल का फितना है
00:31और इसी तरह से दज्जाल भी एक दिन मरे हुए लोगों को जिन्दा करके दुनिया को बेवकूफ बनाएगा
00:36लोग पूछ रहें कि क्या उस दज्जाली दौर की शुरुआत हो चुकी है
00:39इसलाम इस बारे में क्या कहता है और इस से तकनीक कासली सच क्या है
00:44दरसल इस से पूरी कॉंट्रोवर्सी की शुरुआत तब हुई जब सोचल मीडिया पर ये बहस शड़ी की जो इनसान इस
00:49दुनिया में नहीं है
00:50उसे तकनीक के जरिये दुबारा जिन्दा दिखाना कहां तक सही है
00:53एक्ट्रस मीशा खान ने खुल कर कहा कि ये दज्जाली कॉंसेट है
00:57AI की सुरत में हमारे इर्दगिर्द दज्जाल जो है वो मौझूद है
01:01हमें दज्जाल के आने का उन्तजार नहीं करना
01:04क्योंकि आप सोच सकते हैं कि एक मुर्दा आदमी
01:06मुर्दा सिंगर सिद्धू मुसेवाला उसका कॉंसर्ट हुआ
01:11टोरांटो कैनेडा में
01:13एक लाक से जाए टिकेट जो है वो खरीदे गए
01:16ये जानते हुए कि वो इनसान इस दुन्या में नहीं है
01:19और होलोग्राम के जरीए एक जीता जागता इनसान जो है
01:25उसने परफॉर्म किया सिद्धू मुसेवाले के गाने गाए
01:29और लोगों ने एंजॉय किया ये जानते हुए कि वो इस दुन्या में नहीं है
01:34और उन्हों इस चीज़ को बिलीव करके जाके देखा
01:37तो दजाल तो हमारे इर्दगेद मौजूद है
01:41उसके आने का इंतजार नहीं है
01:43AI से जहां पर बहुत गजब के काम लिये जा रहे है
01:46वहां पर उसको इतने ही नेगिटिव तरीके से भी इस्तमाल किया जाएगा
01:51और ये बता दिया जाएगा कि
01:53मतलब दजाल शेतान का यही काम होगा ना
01:58कि आपको बताना कि देखो मैं मुर्दे को जिन्दा कर सकता हूँ
02:02इंफ्लूंसर का कहना है कि अगर हम इस्लामिक हदीशों को देखें
02:06तो कयामत के करीब जब दजाल यानि काना मसीह दुनिया में आएगा
02:10तो वो लोगों को गुमराह करने और खुद को भगवान साबित करने के लिए कई तरह के फरेब दिखाएगा
02:53हदीशों के मुदाबिक दजाल के पास ये ताकत होगी कि वो किसी मरे हुए इंसान के सामने उसके माता-पिता
02:58का रूप लाकर खड़ा कर देगा
03:00और कहेगा कि देखो मैंने इन्हें दुबारा जिन्दा कर दिया
03:03इन्फिल्यूंसर का मानना है कि आज की AI और होलोग्राम तक्नीक वैसा ही भ्रम पैदा कर रही है जो इंसानी
03:08दिमाग को असानी से धुका दे सकती है
03:10लेकिन जब हम इस पर इस्लामिक स्कॉलर्स और धार्मिक जानकारों का नजरिया देखते हैं तो बात थोड़ी अलग और साफ
03:16हो जाती है
03:16इस्कॉलर्स का कहना है कि दज्जाल के पास जो शक्तियां होंगी वो कोई इन्सानी टेक्नॉलिजी नहीं
03:21बलकि सूपर नैचुरल पावर्स यानि आलोकिक शक्तियां होंगी जो आजमाईश के तोर पर अल्लह की तरफ से उसे दी जाएंगी
03:28वो कोई प्रोजेक्टर या कम्प्यूटर स्क्रीन लेकर नहीं आएगा
03:31हलांकि इसलाम में किसी भी मरे हुए व्यक्ति की छवी आवास को उसकी मौत के बाद कमर्शिल फायदे के लिए
03:36इस तरह इस्तेमाल करने को सही नहीं माना जाता
03:39स्कॉलर्स का कहना है कि मौत के बाद इनसान का रूहानी सफर शुरू हो जाता है
03:44और उसके जाने के बाद उसके डिजिटल अवतार बनाकर मेश्वाना या उससे मनुरंजन करना नैतिक और धार्मिक तरह से गलत
03:51है
03:51लेकिन इसे सीधे तोर पर दज्जाल का आना कह देना जलबाजी होगी
03:55ये केवल एक इनसानी तकनीक है जिसे दज्जाल की फितने से पहले का एक इनसानी आजमाईश का जरिया कहा जा
04:01सकता है
04:02जो इनसानों को सच और जूट के बीच ब्रहमित कर रही है
04:04अब थोड़ा सा विग्ञानिक पहलू भी समझ लेते हैं
04:07ये कोई जादू या भूत प्रित नहीं बलकि शुद्ध विग्ञान है
04:10सिद्धु मुसेवाला के इस शो को बनाने वाले टीम ने बताया कि उन्होंने इसके लिए AI का नहीं
04:15बलकि एक बॉड़ी डबल यानि हम शकल हॉलिवूट के प्रोस्थैटिक आर्टिस्ट और हाई पावर 3D प्रोजेक्टर्स का इस्तेमाल किया
04:21स्टेज पर एक पारदर्शी स्क्रीन लगाई जाती है जिस पर खास एंगल से रोशनी डाली जाती है
04:26जिससे दर्शक को लगता है कि इनसान वाकरी सामने खड़ा है
04:29माइकल जैक्सन और टूपेक के शकूर जैसे महान विदेशी का लकारों के लिए भी
04:34सालों पहले इस तकनीक का इस्तरमाल हो चुका है
04:37लेकिन क्योंकि ये तकनीक इतनी असली लगती है कि सामने बैटे दर्शकों की आँखों में आशू आ जाते हैं
04:42इसी वज़े से ये लोगों के दिमाग के साथ एक साइकलोजिकल खेल खेलती है
04:45इसे देखकर धार्मिक लोगों को दज्जा