00:06शार्दी नवरातिर 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से हो चुकी है और ये 20 अक्टूबर 2026 को विज्य दश्मी
00:14यानि दशारे के साथ खत्म होगी
00:16ऐसे में आज हम आपको इस वीडियो में ले चलेंगे महाराश्ट्र
00:27अगर आपने कभी इस अद्भुद मूर्ती के दर्शन किये हैं तो आपने ध्यान दिया होगा कि देवी मा की गरदन
00:33यानि सिर बाईं तरफ यानि लेफ्ट साइड में जुकी हुई है
00:36लेकिन क्या आप जानते हैं कि मातारानी की ये गरदन हमेशा के लिए टीरी क्यों हो गई है
00:40इसके पीछे कौन सी पौरानिक और कल्यान कारी कथा छिपी है और आप यहां तक असानी से कैसे पहुँच सकते
00:46हैं
00:47आज के इस वीडियो में हम इसी रहसे हो जानेंगे और आपको देंगे एक कम्प्लीट ट्रेवल गाइड
00:51वीडियो को एंड तक जरूर देखें
00:53सबसे पहले जानते हैं इस दिव्य रूप का रहसे
00:56शास्तरों के मुताबे के सी पावन स्थल पर रिशी मारकंडे ने आदी शक्ती की कठोर तपस्या की थी
01:03और यहीं पर उन्होंने पवित्र दुर्गा सब्त शती के शलोकों की रचना की थी
01:08मानेता है कि जब रिशी मारकंडे इन शलोकों का बाट कर रहे थे
01:12तब देवी मा उनकी अनन्य भक्ती से इतना खुश हुई कि उनकी आवाज को और ध्यान से सुनने के लिए
01:18उन्होंने अपनी गरदन को बाई ओर शुका लिया
01:21मा आज भी अपने भक्तों की पुकार सुनने के लिए इसी करूणा मई मुद्रा में बैठी है
01:26इसके अलावा ये मंदेर भारत के 51 शक्ती पीठों में से एक है
01:30महराश्ट्र के 3.5 शक्ती पीठों में इसे आधा शक्ती पीठ माना जाता है
01:35जहां मातासती का दाहिना हाथ गिरा था
01:38यही वो पावन भूमी है जहां मा ने 18 हातों वाला महादुर्गा का रूप लेकर दुरुष्ट राक्षस महिशासुर का वद्ध
01:46किया था
01:46अब बात करते हैं कि आप यहां तक का अपना सफर कैसे प्लान कर सकते हैं
01:50सबसे पहले बात करते हैं ट्रेन और फ्लाइट की
01:52सबसे बहले आपको पहुँचना होगा नाशिक शहर
01:55नाशिक रोड रेलवे स्टेशन देश के सभी प्रमुक शहरों से सीधे जुड़ा हुआ है
02:00नाशिक से मंदिर की दूरी लगबख 60 किलोमीटर है
02:03नाशिक के सेंट्रल बस स्टेंड यानी सीबीयस से आपको हर आदे घंटे में सरकारी बसे मिल जाएंगे
02:09जिनका किराया लगबख 120 से 1500 रुपे प्रतिव्यक्ती होता है
02:12आप चाहें तो 4500 या 5000 रुपे में पूरे दिन के लिए एक प्राइविट टेक्सी भी बुप कर सकते हैं
02:18अब बात करते हैं नंदूरी गाउं और घाट रोड की
02:20बस या कार आपको पहाड़ियों के नीचे बसे नंदूरी गाउं ले जाएगी
02:25यहां से शुरू होता है 11 किलो मीटर का बेहत खुक्सूरत घुमावदार और रोमांचक घाट रोड जो आपको सीधे पहाड़ी
02:32के उपर सब्त शुरंगी गर तक पहुँचाता है
02:35अब बात करते हैं उपर पहुँचने का रास्ते की
02:38पहले भक्तों को मुखे मंदिर तक जाने के लिए 510 सीड़ियां चड़नी पड़ती थी लेकिन अब यहां आधूनिक फ्यूनी क्यूलर
02:45रोपवे ट्रेन की सुविधा शुरू हो चुकी है
02:48यह ऐसी ट्रेन आपको बिना थके सिर्फ 2-3 मिनट में उपर पहुँचा देगी
02:53इसका दोनों तरफ का टिकेट लगभग 90-120 रुपे के बीच होता है
02:57अगर आप यहां रुखना चाहते हैं तो मंदिर ट्रस्ट का अपना बहुत बड़ा शुरी सब्त श्रंगी भक्त निवास है
03:03यहां आपको दोसु से लेकर 1500 तक में डोर मिट्री और डिलक्स रूम्स बहुत आसानी से मिल जाते हैं
03:10आने के लिए मंदिर ट्रस्ट द्वारा अन्चहत्र यानि महाप्रसाद हॉल चलाया जाता है
03:15जहां बहुत ही कम शुल्क या निशुल्क बेहत शुद्ध सात्विक और स्वादिष्ट भोजन का प्रसाद मिलता है
03:21अगर आप भी प्रकृती की खुबसूरती के साथ साथ अध्भुद आध्यात्मिक उर्जा का एक्स्पिरियंस करना चाहते हैं
03:27तो अपने परिवार के साथ मा सब्त श्रंगी के दर्शन का प्लान जरूर बनाएं
03:31क्या आप पहले कभी यहां गए हैं हमें कॉमेंट सेक्षन में जै मातादी लिख कर जरूर बताएं वीडियो को लाइक
03:36करें शर्द करें और चैनल को सब्सक्राइब परना बिल्कुल भूलें