00:03उन्हें ट्रोल किया जाता है उनके हर कदम पर उठते हैं हजारों सवाल
00:09कोई उन्हें कटर पंत कहता है तो कोई भारत की सबसे विवादित ताकत
00:14लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखर खाकी, हाफ पैंट, हाथ में लाठी और एक भगवा धज के पीछे
00:21की असली कहानी क्या है
00:23वो कौन सी ताकत है जससे दुनिया की सबसे बड़ी राजनीती भी हिचके चाती है
00:28लेकिन उसके दर्वाजे आम इंसानों के लिए 24 घंटे खुले रहते हैं
00:33साल 1925 विजय दशमी का दिन भारत गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था
00:40न सर्फ अंग्रेजों की बलकी अपनी आपसी फूट की
00:44तब नागपुर की गलियों से एक शांत लेकिन दूर दर्शी तूफान उठा
00:48नाम था डॉक्टर केशव बलिराम हिडगेवार
00:52डॉक्टर साहब ने देखा कि जब तक देश का समाज एक सूत्र में नहीं बंदेगा
00:56कोई भी आजादी टिकाओ नहीं हो सकती
00:59और जन्म हुआ राष्टिय स्वयम सेवक संग आरेसेस का उद्देश सत्ता हसल करना नहीं
01:07बल्कि एक ऐसा चरत्रवान और संगटत समाज बनाना जो देश के लिए मर मिटने को तैयार है
01:13आरेसेस का दिल किसी दफ्तर में नहीं बल्कि रोज सुब और शाम लगने वाली शाहा में धड़कता है
01:19न कोई सदसताफीस न कोई पहचान पत्र सिर्फ एक विचार राष्टर सर्वोपरी
01:25इनकी विचार धरा है सांस्कृतिक हिंदुत्वत हिंदुत्वत कोई मजहब नहीं
01:31बल्कि इस पावन धरा का जीवन दर्शन है जहां विवदता का सम्मान है लेकिन देश की अखंडता से कोई समझ
01:39होता नहीं
01:39बिना किसी प्रचार के आज आरसस से जुड़े करोडो स्वयम सेवक और पचास से भी जादा सहयोगी संगठन देश के
01:47कूने-कूने में सिक्षा, सेवा और सुरक्षा का आधार स्तंब बना रहे हैं
01:52जब भी देश पर आपदा का साया मंडराया चाहे कच्छ का भुकंप हो उत्तरा खंड क्या जल प्रलै या सीमा
02:00पर युद्ध के हालात सेना के बाद जो सबसे पहले जमीन पर उतरता है वो कोई और नहीं आरसस का
02:07स्वयम सेवक है
02:09गालियों ट्रोल्स के शोर से परे बिना किसी पहचान की चाहलिये ये मूख सादक रोज भारत माता के चरणों में
02:17अपना जीवन समर्पित करता है आलोशनय तो आती जाती रहती हैं लेकिन अनुशासन और राश्र भक्ती की ये अखंड यात्रा
02:25यूँ ही चलती रहेगी क्य