00:00अगर आप गोल्ड में निवेश करने का सूच रहे हैं तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर पैसा कहां
00:06लगाया जाए? क्या वाजार में फिजिकल गोल्ड यानी सोने की इंट, बार या सिक्के खरिदना बेहतर तरीका है या फिर
00:13गोल्ड ETF के जरीए सोने में निवेश किय
00:16जाए या फिर सोबरेन गोल्ड बॉन्ड यानी की स्टी बी का विकल्प चुना जाए तीनों का आधार सोना है लेकिन
00:22इन तीनों में निवेश का तरीका खर्च चोखिम और पैसा निकालने की सुब्धा अलग-अलग है इसलिए गोल्ड में पैसा
00:29लगाने से पहले यह समझन
00:30जरूरी है कि फीज क şunu गोलड गोलड ETF और सची में आखिर क्या फर्क है और इन में निवेश
00:37कैसे किया जाता है तो सबसे पहले बात करते हैं भारत में सोने में निवेश का सबसे कुराना और जाना
00:44पहचाना तरीका हैThis में आप सौने के सक्केद्फ के बार या आप करिकता list
01:00निवेश के नजरिये से फीजिकल गोल्ड में कुछ अतरिक्त खर्च भी जुड़े होते हैं, खास कर अगर आप जुएल्री खरीदते
01:06हैं तो मेकिंग चार्ज और अन्य लागत पर असर पड़ सकता है, इसके अलावा सोने की सुरक्षा रखने की जगा
01:12और बेचने के समय मिलन
01:28इसा निवेश माध्यम हैं जिसके जरिये निवेशक सेयर वाजार के रास्ते से सोने की कीमतों में निवेश कर सकता है,
01:35सेवी के दस्तावेजों के मुताविक गोल्ड ETF का उदेश्य घरेलू वाजार में फीजिकल गोल्ड की कीमतों के प्रदर्शन के अनुरूप
01:42रिटर्ण
01:42देना होता है, हाला कि खर्च और ट्रेकिंग एरर के वज़े से रिटर्ण बिल्कुल समान होना जरूरी नहीं है, गोल्ड
01:49ETF की खास बात या है कि इसमें आपको घर पर सोना रखने की जरूरत नहीं होती, निवेशक डिमैट और
01:55ट्रेलिंग खातों के जरिये ETF की यूनित खर
02:02करना है, और आप फिजकल गोल्ड रखने की परिशानी नहीं चाहते हैं, तो गोल्ड ETF एक विकल्फ हो सकता है,
02:08हाला कि इसमें भी सोने की कीमत में बदलाव का असायर आपके निवेश पर पर सकता है, अब आते हैं
02:14तीसरे विकल्फ पर यानि की सोबरेन गोल्ड बॉंड या
02:30की निवेश का मुले सोने की कीमतों से जुड़ा रहता है, पुराने SGB की इशुख शर्तों के मताविक इसमें 2
02:36.50% सलाना की निश्चित ब्याजतर मिलती है, जिसका भुक्तान 6-6 महीने में किया जाता है, इस बॉंड की
02:43मूल ओधी 8 साल की होती है और 15 साल के बाद ब्याज �
02:47बन वाली तारीकों पर समय से पहले निकासी का विकल्प होता है, यही पर SGB और बाकी दोनों विकल्पों में
02:54बड़ा अंतर दिखाई देता है, फिजकल गोल्ड में आपके पास बास्ट्विक सोना होता है, गोल्ड एटीएफ में आपके पास फंड
03:00की यूनिट होती है, ज�
03:17इसी खास इशू की सर्तों को निवेश करने से पहले जरूर देखना चाहिए, अब सवाल यह है कि अगर आप
03:23गोल्ड में निवेश करना चाहते हैं तो इन तीनों में से क्या समझना चाहिए, इसका जबाब इस बात पर निर्वर
03:28करता है कि आपका उदेश से क्या है, अगर �
03:31आप चाहते हैं कि आपके पास बास्प्रिक सोना रहे तो फिचकल गोल्ड का विकल्प आपके लिए अलग तरह का हो
03:36सकता है, अगर आप सिर्फ सोने में निवेश करने का सोचना है और डिमेट खाटते के जरिए खरीद विक्री करना
03:42चाहते हैं, तो गोल्ड एटीएफ को सम
03:58बिधा मिलती है लेकिन इसके लिए डिमेट और ट्रेरिंग खातों की जरूरत होती है, वहीं फिचकल गोल्ड में डिमेट खाते
04:04की जरूरत नहीं होती, लेकिन सुरक्षा और भंडारन की जिम्मेदारी निवेशक की होती है, एस जीबी में फिचकल गोल्ड रखने
04:11की जरू
04:25need to do that.
04:36One more thing is that in gold, gold, gold, ETF, STB, gold, gold, ETF, STB, gold, etf,
04:56Yaa gold linked Niveshka wikalpa rakhna hai
04:59Ishi adhar par physical gold Gold ETF or STV ke bieç antar
05:03Sumajna Aapke Liyye jjada aasahan ho jayega
05:06Aakhir gold me de payasa lagana soona khariidna nahi hai
05:09Bcommerceıy� kare karna hai ki Aapke liye niveshka
05:12Ka ka kon sa tarikah jayadataar subidha ja nak hain
05:15Halakki Aapko kya lagta hai Aap Gold ETS
05:18Miniveshka rna chaathe hai ya fid physical gold
05:20Khariidna chaathe hai yafiz http bondke jariye niveshka
05:23I want to know all the updates and share markets for all of you.
05:30Good Returns, Digital.