00:00Sony की कीमतों को लेकर इस समय बाचार में एक तिल्चस्प तस्बीर बनी हुई है।
00:04एक तरफ अमेरिका में महंगाई और मजबूत आर्थिक आक्रों ने फेडरल डिजब के लिए ब्याजदरे बढ़ाने का रास्ता खोल दिया
00:11है।
00:40जिससे गोल्ड पर शॉट टर्म दबाव बढ़ रहा है।
00:41तब व्याजदरे बढ़ने से गोल्ड पर दबाव बढ़ सकता है तब यूब्येस को सोने में इतनी बड़ी तेजी क्यों दिखाई
00:47दे रही है।
00:48क्या गोल्ड में अभी एक बड़ी रैली बाकी है और साथ ही भारतिये निवीशकों पर इसका क्या आसर पर सकता
00:53है।
00:53तो चलिए बताएंगे सब कुछ लेकिन उससे पहले आज का रेट्स जान लेते हैं।
01:18किलोग्राम पर ओपन हुआ। कारोबार के दौरान गोल्ड ने एक लाखे कावन हजार 16 रुपाय प्रति 10 क्राम का लो
01:23तो ही सिल्वर ने
01:24दो लाखे कतिस जार 612 रुपाय प्रति किलोग्राम का लो बनाया। सबसे पहले UBS के फॉरकास्ट को समझते हैं।
01:32बैंक ने दिसंबर 2026 के लिए गोल्ड का टारगेट 4600 डॉलर मार्च 2027 के लिए 15 डॉलर और जून 2027
01:40के लिए 5200 डॉलर रखा है।
01:42इसके बाद सितंबर 2027 तक का टारगेट 5400 डॉलर प्रति आंस पहुंच जाता है।
01:48यानि UBS की नजर में गोल्ड की कहानी सिर्फ अगले कुछ हपतों या फेट की एक वैठक तक सीमित नहीं
01:53है।
01:54बलकि बैंक मान रहा है कि बीच बीच में करेक्शन और वोलेटिलिटी के बावजूद गोल्ड धीरे धीरे उचे इस तरों
02:00की तरफ बढ़ सकता है।
02:01अब यहां सबसे बड़ा सवाल फेट का है।
02:03हाल के अमेरिकी आकडों ने महगाई को लेकर चिंता बढ़ाई है और वाचार में रेट हाइक की उमीदे मचबूत हुई।
02:09सितंबर 15-16 की FOMC मीटिंग से पहले रोयटर्स पोल में जादा तर अर्चसास्तरी 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की
02:16उमीद कर रहे हैं।
02:18यूबियस भी सितंबर और दिसंबर में 25-25 बेसिस पॉइंट्स की तू रेट हाइक का अनुमान लगा रहा है।
02:23यानी साल के अन तक अमेरकी व्याजदरे मौजूदा इस तर से ऊपर जा सकती है।
02:28अब समझे रेट हाइक गोल्ड के लिए समस्या क्यों है।
02:31तो गोल्ड कोई व्याज या डिविडेंट देने वाला एसेट नहीं है।
02:34इसलिए जब अमेरिकी व्याज दने और बॉंड इल्ट्स बढ़ती है तो निवेशकों के लिए व्याज देने वाले एसेट ज्यादा आकर्शक
02:40हो सकते हैं, साथ ही मजबूर डॉलर भी आम तोर पर गोल्ड की कीमत पर दबाव डालता है, हाली में
02:46इसी वज़ा से गोल्ड में
03:04इसका मकसद रिजर्ब डाइवर्सिफिकेशन और डॉलर एसिट पर निर्भरता कम करना है, यूवियस के मताविक यही ओफिसियल सेक्टर दिमांड गोल्ड
03:12के लिए एक मजबूत लॉंग टर्म सपोर्ट बन सकती है, दूसरा बारा सपोर्ट इन्वेस्टमेंट दिमांड स
03:17दे आ रहा है, वर्ड गोल्ड कांसिल के मताविक अगस्ट गोल्ड के लिए बेहद मजबूत महीना रहा और एटियेफ वाइंग
03:22ने रैली को काफी सपोर्ट दिया, अगस्ट में गोल्ड करीब 1350 चड़ा और महीने का अंत करीब 4530 डॉलर प्रति
03:30आंस पर गुआ, डबलो ज
03:45फिसकल कंसर्ण भी गोल्ड की मांग को सपोर्ट कर सकते हैं, अगर दुनिया में तनाव बढ़ता है, महंगाई फिर से
03:51उपर जाती है, या सरकारों की फिसकल स्थिति को लेकर चिंता बढ़ती है, तो निवेशाक अपने पोर्टफोलियो में गोल्ड को
03:57हेज और डाइवर्स
04:15तो भारतिय वाजार में भी इसका असर देखने को मिल सकता है, हाला कि भारत में गोल्ड प्राइस तिर्फ इंटरनेशनल
04:20प्राइस देता है नहीं होता, इसमें डॉलर रुपी एक्सेंज रेट, इंपोर्ट कोस्ट, टेक्सेस और डोमेस्टिक डिमांड जैसे कई फेक्टर
04:42दिया है या कोई गैरेंटी रिटर्ण नहीं है, यानि कि गैरेंटी नहीं है कि यहां तक गोल्ड पहुची जाए, बलकि
04:47गोल्ड इस टार्गेट तक पहुचने से पहले कई बार करेक्शन भी दिखा सकता है, खासका अगर फेट अफिक्षा से जादा
04:53होकिस रूख अपनात
04:54रहा है, बॉर्ण इल्ट और डॉलर मजबूत होते हैं तो शॉट टर्म में गोल्ड पर दबाव पढ़ सकता है, हाल
04:59की गिरावट भी इसी रिस्क को दिखाती है, तो कुल मिलाकर गोल्ड के सामने शॉट टर्म में फेड और हाईयर
05:18इंटरेस्ट रेट जैसी बड़ी चुना
05:33इसलिए आने वाले समय में गोल्ड के लिए सबसे एहम सवाल सिर्फिया नहीं है कि फेड कितनी वार रेट बढ़ाता
05:38है, बलके यह भी होगा कि सेंट्रल बैंक्स और ग्लोबल इंवेश्टर्स गोल्ड में कितनी खड़िदारी जारी रखते हैं, यही फेक्टर्स
05:45तै करें�
05:47गोल्ड फिर से नहीं उचाईयों की तरफ बढ़ता है या फिर नहीं हालाकि इस पूरे मामले पर आपको क्या लगता
05:52है अपनी राय कमेंट सक्चन में जरूर बताएं और ऐसे ही तमाम अपडेट्स और शियर मार्केट से जुड़ी तमाम चानकारी
05:58के लिए आप बने रहें
05:59बूर रिटर्ण्स डिश्टल के साथ
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