00:03साल दोहजार चबिस में अनंत चतुरदशी का पर्व 25 सितंबर दिन शुक्रवार को मनाया जा रहा है।
00:30का दिन गणेश भक्तों के लिए भी खास है क्योंकि इसी दिन कई जगहों परगन पती बप्पा का मुख्य विसर्जन
00:36भी करते हैं।
01:00बचकर 6 मिनट तक रहेगा।
01:01ब्रमु मुहूर्थ सुबह 4 बचकर 35 मिनट से शाम 5 बचकर 23 मिनट तक अभीजीत मुहूर्थ सुबह 11 बचकर 48
01:09मिनट से दोपहर 12 बचकर 37 मिनट तक रहेगा।
01:19बात करें पूजा सामगरी की।
01:25तो इसमें भगवान विष्णु की मूर्ती या तस्वीर 14 गांठो वाला नंत सूत्र पीला कपड़ा कलश आम के पत्ते नारियल
01:32रोली अक्षर चंदन पीले फूल पंचामरत तुलसी फल पान सुपारी घीका दीपक धूप कपूर और गंगाजल शामल किया जाता है।
01:40इसके अलावा भोग के लिए 14 पूडियां और 14 पूए भी रखे जाते हैं। इसके अलावा आप मौसमे फल और
01:48अन्य प्रसाद भी भगवान को अर्पित कर सकती हैं।
02:10भी घी शहद और शक्कर का इस्तमाल करें। इसमें तुलसी दल भी जरूर रखें। भगवान विश्नु की पूजा में तुलसी
02:16दल को विश्रेश महत्व दिया गया है।
02:18ध्यान रहें अनंत चतुरदशी की पूजा अगर आप करें तो सूर्योदे से पहले नानादी से निवरत्त होकर व्रत या पूजा
02:25का संकल्प जरूर ले लें।
02:27इसके बाद शुब मुहरत में लकडी की चौकी पर लाल या पीले रंग का वस्त्र बिचा कर पूजा कलश की
02:32स्थापना करें।
02:33श्री लक्ष्मी नारायन या भगवान विश्नु की प्रतिमा या तस्वीर को स्थापित करें। कलश पर अश्ट दल और फूल रखें।
02:40अनन्त सूत्र का बड़ महत्व है इसलिए व्रति को कुशा सूतिय रेश्मी सूत्र में कुम-कुम हल्दी लगाकर चौदे गाठे
02:47लगानी है।
02:48इसे भी भगवान के समीप ही रख दें। भगवान विश्नु को अनन्त सूत्र अर्पित करें। व्रति को दूपदी पादी से
02:55विदिविधान से पूजा करें।
02:57पूजा में घी का दीपक जलाएं, भोग लगाएं और अनन्त चतुरदशी वरत का थाका पाठ करें।
03:27तो दान दक्षणा ज़रुतमंदों को ज़रूर करें।
03:29फिलाल इस विडियो में इतना ही विडियो को लाइक और शेयर करें। साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें।