00:00तर्व मंगर मंगले शिवे शरवार्थ शादिके सरणने त्रियंब के गवरी नारागनी नवोस्त दे
00:06क्यारे मित्रों जैश्यरं जैमायतादी मित्रों आजात से चर्चा करते हैं
00:10स्रात्य का पावन पक्षप, पित्र पक्षप प्रारंब होने वाले हैं
00:1526 सितंबर से 10 अक्टूबर तक यह पावन पर्व रहेगा
00:21घरों में फिर से एक बार पित्रों के लिए स्रात्य और तरपड की तयारियां सुरू होती है
00:27हिंदु धर्म में इदन दिनों पूर्वजों के प्रती स्रद्धा जताने का समय माना जाता है
00:35परिवार में जिन लोगों का निधन हो चुका है उनकी म्रत्व की तिथी के अनुशार स्राद शंपन्न किये जाते हैं
00:44कई लोग इस दवरान पिंडदान करते हैं तरपड़ ही करते हैं
00:49इस बार 26 तारिक से ले करके और 10 अक्टूबर तक पित्रपक्ष का पावन कम रहेगा
00:5627 तारिक से प्रतिपदा रारम होगी और 10 अक्टूबर को शर्व पित्रियमा वश्या के साथ में यह पित्रपक्ष पूर्ण होगी
01:06कौन सा स्राध्य किस दिन होगा, इस स्राध्य की तिथिया कौन सी, किस दिन कौन सा स्राध्य का क्रम होगा,
01:15इस विशह पे आप से चर्चा करते हैं।
01:1726 सितंबर को पूरिमा का स्राध्य किया जाएगा, 27 सितंबर को प्रतिपदा का स्राध्य होगा, 28 को दृतिया का स्राध्य
01:27किया जाएगा, 29 तारिप को तृतिया का स्राध्य होगा, 30 सितंबर को चतुर्थी और पंचिमी का स्राध्य शंपन्य किया जाएगा,
01:38एक अक्टूबर को सश्टी अर्था छट का स्राद होगा, दो अक्टूबर को शप्तमी का स्राद, तीन अक्टूबर को अश्टमी का
01:47स्राद, चार अक्टूबर को नौमी का स्राद, पाच अक्टूबर को दश्मी का स्राद, शंपन्य होगा
01:556 अक्टूबर को एकादशी का स्राद, 7 अक्टूबर को द्वादशी का स्राद, 8 अक्टूबर को त्रियोदशी का स्राद, 9 अक्टूबर
02:07को चतुरदशी का स्राद और 10 अक्टूबर को शर्भ, फित्र, अमावश्या स्राद शंपन्य होगा
02:16किस दिन करना चाहिए स्राद्ध तो अगर दिवंगत आत्मा की मर्त्व की तिथी का हमें पता है तो उस तिथी
02:26पर स्राद्ध को हमें शंपन्न करना चाहिए
02:30किसी भी व्यक्तिकी मत्तु यदि अश्टमी तिथी को होती है तो उसका स्राद्य अश्टमी तिथी पर की संपन्य करना चाहिए
02:40अगर मत्युकी टिठी ज्यात नहीं है तो उसे व्यक्ति का स्राद्य आपको अमावश्या टिठी पर अर्थात तक्रूबर को करना चाहिए
02:52स्राद्य का सही समय क्या है तो स्राद्य के लिए अपराहन काल दोपाहल का समय महत्पूर्ण मना गया है
03:00इसी दोरान पित्रों के निमित्र स्राद्र कर्म किया जाता है जिससे हम लोग कुपूच वेला के नाम से जानते हैं
03:09तरपण करना चाहिए, तरपण में पित्रों को जल देरा चाहिए, जल में काले तिर का प्रियोग करके कुशा का प्रियोग
03:17किया जाता है
03:18नाम गोत्र का इश्मर्ण करते ही में फित्रों को जलित्यारी दे रहा चाहिए
03:23तो हमने आपको बताया फित्र पक्ष कप्षे कब तक हैं
03:27कौन शे तिथी पर कौन सा अस्राद निकलना है
03:30अधिक जानकारी के लिए शंपत कर सकते हैं
03:33मैं पुना मिलता हूं ने वीडियो में
03:35तब तक के लिए आप सभी को जय स्विशी तरव
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