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Ganesh Visarjan Puja Vidhi 2026: पंचांग के अनुसार, 25 सितंबर को पूजा के लिए कई शुभ समय प्राप्त हो रहे हैं। प्रातः काल शुभ मुहूर्त सुबह 06:12 बजे से सुबह 10:42 बजे तक, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:48 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक और चर एवं लाभ मुहूर्त दोपहर 12:15 बजे से दोपहर 03:18 बजे तक है। सुबह 06:12 बजे से लेकर दोपहर 12:36 बजे के बीच पूजा संपन्न करना और अनंत सूत्र बांधना सर्वाधिक उत्तम फलदायी रहेगा। Ganesh Visarjan Puja Vidhi 2026: Pehle Kya Karna Chahiye,Samagri,Kalash Ka Kya Kare ?

This year, Anant Chaturdashi falls on a Friday, creating a rare combination of the combined blessings of Goddess Lakshmi and Lord Vishnu. Anant Chaturdashi is marked by the unique combination of Sarvartha Siddhi Yoga and the auspicious Ravi Yoga. Worship, immersion fasts, and religious rituals performed during these yogas yield infinite benefits.

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~PR.111~HT.318~ED.464~VG.HM~
Transcript
00:04गणपति बबबा मोर या अगले वरस तुम जल्दी आना अगर आप भी बबबा को विदाई देने की सोच रही हैं
00:11तो अस वीडियो में कुछ जरूरी नियम आपको बताए गए हैं ताकि एक भी छोटी सी भूल ना हो वरना
00:18घर में समर्दी रुख सकती है
00:2025 सितंबर को गणेश विसर्जन की सही विधी सामगरी और शुब मुहुरत क्या रहेगा आईए समझते हैं विसर्जन के लिए
00:27दिन भर में तीन प्रमुक चोगडिया मुहुरत उपलब्द हैं पहला सुबद 6 बच कर 10 मिनट से 7 बच कर
00:3440 मिनट पर दूसरा 10 बच कर 40 मिनट से द
00:49दुर्वा, चंदन और फूल, बेसन या मोदक का प्रसाद, शमिपत्र, पान, सुपारी और लौंग, एक बड़ा जल का पात्र या
00:57टब, स्वच्छ जल और गंगा जल, थोड़ा सा सूखा अनाज और दक्षना
01:01अब बपा की पंचो पचार, यानि की धूप, दीप, गंद, पुश्प और नैवेद्ध से पूजा करें, कपूर जलाकर पूरे परिवार
01:08के साथ आरती गाएं, और जाने अंजाने में हुई गल्तियों के लिए शमा मांगें
01:13गणपती जी को मोदक और फल का अंतिम भोग लगाएं, एक स्वच वस्त्र में थोड़ा सा अक्षत और दूरवा बांध
01:20कर बपा के हाथ या पाटे पर रख दें, मानेता है कि बपा खाली हाथ विदा नहीं होते
01:25मंत्रो चार या गणपती बपा मोर्या के जैकारे के साथ प्रतिमा को उसकी स्थापना वाले स्थान से थोड़ा सा आगे
01:32उत्तर दिशा की और खिसकाएं, ये बात इसका संकेत है कि अब बपा का प्रवास समाप्त हुआ
01:37फिर गणपती बपा की प्रतिमा को एक बड़े टब या पानी में स्वच जल भर कर उसमें फीट की तरफ
01:44से धीरे धीरे करके उन्हें तीन बार डुपकी लगवानी है और उसके बाद उन्हें पानी में छोड़ देना चाहिए
01:52विसरजित करते समय कभी भी जल्दबाजी ना करें पूरी भपती के साथ बपा को जल में समाहित होने दें फिर
01:59इसी पानी को अगले 24 घंटों के लिए घर के बाहर कहीं सुरक्षित स्थान पर छोड़ दें
02:05अगर आपके घर के बाहर ऐसी कोई आंगन या लौन नहीं है जहां आप उन्हें छोड़ सकते हैं तो ऐसे
02:11में अपनी बैलकनी में भी आप इस प्रक्रिया को पूरी कर सकते हैं
02:15जब मिट्टी पूरी तरह से घुल जाए तो उस पवित्र जल और मिट्टी को घर के गमलो या पौधों में
02:21छोड़ दें ध्यान रहे तुलसी में आपको घडपती जी की किसी भी सामगरी को नहीं डालना है
02:27इससे बपा का आशिरवाद सदैव आपके घर में हरा भरा बना रहेगा
02:31असके बाद अगर आपने घट स्थापत किया है तो सबसे पहले घट का विसरजन होगा
02:36घट का विसरजन उसके स्थान से उसको हिलाना है
02:39विसरजन के बाद कलश में मौजूद जल को आमकी पत्तों की मदद से घर के कोने कोने में छड़कना चाहिए
02:46उसमें मौजूद सिक्के को तिजोरी में रखना चाहिए
02:49और उसके उपर रखे नारियल को फोड़ कर घर और परिवार के सदस्यों के साथ साथ आसपास भी बाट कर
02:56खालेना चाहिए प्रसाथ सवरू
02:58विडियो को लाइक और शेयर करें साथी चैनल को सबस्क्राइब करना ना भूलें

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