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Vaman Dwadashi Niyam: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को भगवान विष्णु के पांचवें अवतार भगवान वामन के प्राकट्य उत्सव के रूप में वामन जयंती मनाई जाती है. इसे वामन द्वादशी के नाम से भी जाना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से भगवान वामन की पूजा करने से अहंकार का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है.Vaman Dwadashi Niyam: Vaman Jayanti Ke Din Kya Karna Chahiye Kya Nahi ?

Vaman Jayanti is celebrated on the twelfth day of the bright fortnight of the Bhadrapada month to commemorate the appearance of Lord Vamana, the fifth incarnation of Lord Vishnu. It is also known as Vamana Dwadashi. According to religious beliefs, worshipping Lord Vamana with proper rituals on this day destroys ego and brings happiness and prosperity in life.

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~PR.111~ED.464~HT.96~VG.AI~

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00:04भाद्रपद मास के शुक लपक्ष की द्वादशी तिथी को भगवान वश्नु के पांचवे अवतार भगवान वामन के प्राकट युद्सव के
00:11रूप में वामन जैन्ती मनाई जाती है।
00:31अगर आप इस दिन वरत नहीं कर पा रहें तब भी मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज का सेवन करने से
00:36बचे। अगर आपने किसी को दान या मदद करने का वचन दिया है तो उसे जरूर पूरा करे। राजबली ने
00:42भगवान वामन को तीन पग भूमी देने का वचन किया था�
00:47असर तक भगवान वामन को तीसरे पक के लिए समर्पित कर दिया था। घर आए किसी जरूरतमंद व्यक्ति को खाली
00:54हात ना लोटाएं अपनी सामरत अनुसार जरूरतमंदों की सहायता इस दिन जरूर करें। पूजा के दिन बाल या नाखुन काटने
01:00से बचें। साधी भ�
01:01भगवान वश्नु के नाम और मंत्रों का जाप इस दिन जरूर करें। वामन जैंती पर भगवान वश्नु के वामन अवतार
01:07की कथा का पाट करें। इस दिन घर और शरीर की स्वच्चिता का खास ध्यान रखें। ब्रामन और जरुरतमंदों को
01:13वस्त्र, अनाच, छाता, फ
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