Skip to playerSkip to main content
Anant Dhaga Kaise Banate Hain: अनंत धागा कैसे बनाएं, कैसे बांधें, कब पहनें और कब उतारें? अनंत चतुर्दशी के दिन अनंत सूत्र बनाने और बांधने की सही विधि क्या है? इस वीडियो में जानिए अनंत धागे में कितनी गांठें लगाई जाती हैं, पूजा के बाद इसे कैसे धारण करें, पुरुष और महिलाएं किस हाथ में बांधते हैं, इसे कितने दिन तक पहनना चाहिए और कब उतारना चाहिए। साथ ही जानिए अनंत सूत्र का धार्मिक महत्व और इससे जुड़ी पारंपरिक मान्यताएं।

Anant Dhaga Kaise Banate Hain: Kaise Bandhe,Kab Pehne Aur Utarna Chahiye ?
Anant Dhaga Kaise Banate Hain: How to make, tie, wear and remove the Anant Sutra? What is the traditional method of preparing and tying the sacred Anant Dhaga on Anant Chaturdashi? In this video, learn how many knots are traditionally made in the Anant Sutra, how to tie it after puja, which hand men and women traditionally wear it on, how long it should be worn and when it should be removed. Also understand the religious significance and traditional beliefs associated with the Anant Sutra.

#anantchaturdashi #anantchaturdashidate #anantchaturdashipujavidhi #anantchaturdashi2026 #anantchaturdashi #anantchaturdashivratkatha #anantchaturdashikabhai

~PR.111~HT.408~ED.120~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:02अनन्त चतुर्दशी के दिन धारन किये जाने वाला चौदा गाठो वाला अनन्त सूत्र केवल एक धागा नहीं बलकि भगवान श्रीहरी
00:17विष्णों के चौदा लोकों और उनके अनन्त स्वरूप का दिव्यकावच है
00:21मानेता है कि पांडवों ने भी अपने संकटकाल और वनवास के कष्टो को दूर करने के लिए भगवान कृष्ण के
00:28कहने पर ये अनन्त दोरा धारन किया था
00:31आईए बताते हैं कि चौदा गांठो वाला अनन्त धागा कैसे बनाएं इसे पहनने की विधी क्या है इसे कब उतारें
00:39और कहां रखें
00:39अनन्त धागा बनाने के लिए सूती या रेश्मी का कच्चा धागा धागा पीले या लाल रंग का हो अगर सफेध
00:46है तो उसे हल्दी या केसर में घोल कर रंग ले
00:48धागे में एक एक करके कुल चौदा गांठे लगाएं प्रते गांठ लगाते समय भगवान विष्णू के चौदा लोकों का ध्यान
00:55करते हुए ओम अनन्ताय नमा या ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें
01:01ये चौदा गाठे चौदा लोग भूह, भुव, स्वह, मह, जन, तप, स्वत्य, अतल, वितल, सुतल, रसातल, तलातल, महातल, पाताल का
01:15प्रतीक मानी गई है
01:17अनन्त चतुरदशी के पूजा के बाद दोपहर में इसे भगवान विष्णू के चरणों में अर्पित करके धागे पर पंचामरत या
01:25कच्चे दूद के छीटे दे, फिर गंगाजल से शुद्ध करके कुम-कुम या अक्षत लगाएं, पुरुष से अपने दाहिने और
01:32महल
01:32अपने बाए हाथ की कलाई या फिर बाजू में पहने, धागा बांदते समय मन में भगवान विष्णू का ध्यान करें
01:40और किसी से कोई वाद विवाद या नकारात्मक बातें ना करें, ध्यान रहें ये धागा पहनने से जिस तरह से
01:48पांडवों को अपना खोया हुआ राज
02:00कश्ट दूर होतें और भगवान विष्णू की असीम कृपा बरस्ती है, ये धागा दरदरता को समाप्त कर घर में धनधाने
02:07और सुक समरदी लाता है, ये एक रक्षा कवच की तरह काम करता है जो नकारात्मकूर्ज और ग्रह दोशों से
02:13मुक्ती दिलाता है, शास्त्रों के
02:28के ही इसे उतारते हैं, उतारे गए पुराने अनंत सूत्र को कभी भी धरुधर ना पेके, इसे किसी पवित्र न
02:35दी या जलश्त्रोत में प्रवाहित कर दे या किसी पीतल के पेड़ की जड़ में या गमले में इसे नीचे
02:42दबा दे, फिल हाल अस वीडियो में इतना ही, वी
02:48सब्सक्राइब करना ना भूले

Recommended