00:02अनन्त चतुर्दशी के दिन धारन किये जाने वाला चौदा गाठो वाला अनन्त सूत्र केवल एक धागा नहीं बलकि भगवान श्रीहरी
00:17विष्णों के चौदा लोकों और उनके अनन्त स्वरूप का दिव्यकावच है
00:21मानेता है कि पांडवों ने भी अपने संकटकाल और वनवास के कष्टो को दूर करने के लिए भगवान कृष्ण के
00:28कहने पर ये अनन्त दोरा धारन किया था
00:31आईए बताते हैं कि चौदा गांठो वाला अनन्त धागा कैसे बनाएं इसे पहनने की विधी क्या है इसे कब उतारें
00:39और कहां रखें
00:39अनन्त धागा बनाने के लिए सूती या रेश्मी का कच्चा धागा धागा पीले या लाल रंग का हो अगर सफेध
00:46है तो उसे हल्दी या केसर में घोल कर रंग ले
00:48धागे में एक एक करके कुल चौदा गांठे लगाएं प्रते गांठ लगाते समय भगवान विष्णू के चौदा लोकों का ध्यान
00:55करते हुए ओम अनन्ताय नमा या ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें
01:01ये चौदा गाठे चौदा लोग भूह, भुव, स्वह, मह, जन, तप, स्वत्य, अतल, वितल, सुतल, रसातल, तलातल, महातल, पाताल का
01:15प्रतीक मानी गई है
01:17अनन्त चतुरदशी के पूजा के बाद दोपहर में इसे भगवान विष्णू के चरणों में अर्पित करके धागे पर पंचामरत या
01:25कच्चे दूद के छीटे दे, फिर गंगाजल से शुद्ध करके कुम-कुम या अक्षत लगाएं, पुरुष से अपने दाहिने और
01:32महल
01:32अपने बाए हाथ की कलाई या फिर बाजू में पहने, धागा बांदते समय मन में भगवान विष्णू का ध्यान करें
01:40और किसी से कोई वाद विवाद या नकारात्मक बातें ना करें, ध्यान रहें ये धागा पहनने से जिस तरह से
01:48पांडवों को अपना खोया हुआ राज
02:00कश्ट दूर होतें और भगवान विष्णू की असीम कृपा बरस्ती है, ये धागा दरदरता को समाप्त कर घर में धनधाने
02:07और सुक समरदी लाता है, ये एक रक्षा कवच की तरह काम करता है जो नकारात्मकूर्ज और ग्रह दोशों से
02:13मुक्ती दिलाता है, शास्त्रों के
02:28के ही इसे उतारते हैं, उतारे गए पुराने अनंत सूत्र को कभी भी धरुधर ना पेके, इसे किसी पवित्र न
02:35दी या जलश्त्रोत में प्रवाहित कर दे या किसी पीतल के पेड़ की जड़ में या गमले में इसे नीचे
02:42दबा दे, फिल हाल अस वीडियो में इतना ही, वी
02:48सब्सक्राइब करना ना भूले