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Vamana Jayanti Vrat Katha 2026: भादो मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को वामन जयंती मनाई जाती है, जिसे वामन द्वादशी भी कहते हैं. इस दिन भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण किया था, जो विष्णु जी का पांचवां अवतार है. आज वामन द्वादशी के मौके पर जाने इसकी व्रत कथा.

Vamana Jayanti Vrat Katha 2026: Vamana Jayanti—also known as Vamana Dwadashi—is celebrated on the *Dwadashi* (twelfth day) of the *Shukla Paksha* (waxing phase of the moon) in the month of Bhadrapada. It was on this day that Lord Vishnu incarnated as Vamana, his fifth avatar. On the occasion of Vamana Dwadashi, let us learn the story associated with this fast.

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Transcript
00:04बादरपद माहा के शुक्ल पक्षकी द्वादसी तिथी को वामन द्वादसी मनाई जाती है जो इस सल 23 सितंबर को मनाई
00:11जाएगी
00:11इस दिन महिलाय अपने परिवार के सुक्षान्ती और धन वैवब बनाये रखने के लिए वामन भगवान के निमित वरत रखती
00:18है
00:18हिंदू धर्मपुरान, शास्त्रो और वेदो में वामन भगवान को विष्णु जी का पांचवा अफ़तार माना गया है
00:24धार्मिक मानिता के नुसार इसी दिन अभिजीत महूरत में भगवान विष्णु ने वामन अफ़तार लिया था
00:43वामन भदश्री की पौराने कथा के नुसार एक बार अत्यांत बलचाली देत्ते राजा बली ने इंद्र देव से देव लोग
00:50छीन लिया
00:51तब इंद्र देव सभी देवताओं के साथ भगवान विष्णु से मदद मांगने पहुचे
00:55क्योंकि उन्हें डर था कि राजा बली परमशाशक बन सकते हैं और देव लोग पर अधिकार कर लेंगे
01:01भगवान विष्णु ने सभी देवी देवताओं को विश्वास दिलाया कि वो जल्द ही इस समस्या का समधान निकालेंगे
01:08और उनको देव लोग वापस दिलाएंगे इंद्र देव के कहने पर भगवान विष्णु ने वामन के रूप में धर्ती पर
01:14अपना पाच वावतार लिया
01:16दैत्य असुर राजबली प्रहलात के पौत्र भी थे इसलिए वो दयालू असुर के नाम से चाने चाते थे
01:22वामन देव ने बौने ब्रामन का वेश बिदला और राजबली के पास गए राजबली ने एक यग्य क्या आयोजन खराया
01:30जिसमें भगवान बामन भी पहुचे और वहाँ पहुचकर उन्होंने राजबली से रहने के लिए तीन पक भूमी मांगी
01:37राजबली के द्वार पर जो कोई भी जाता था वो उसे कभी खाली हाथ नहीं भेशते थे उसी यग्य के
01:44दोरान गुरु भी मौजूद थे और उन्होंने भगवान विश्णु को पहचान लिया गुरु शंकराचारे ने राजबली को चेताबनी भी दी
01:52लेकिन बावजोद
01:52जिसके राजबली ने वामन देव को वचन दे डाला वामन देव ने अपना आकार इतना बड़ा कर लिया कि उन्होंने
01:58पहले पक में पूरा भूलोग नाप लिया फिर दूसरे कदम में भगवान मामन ने सारा देव लोग नाप लिया महीं
02:06जब तीसरे पक की बारी आई तो �
02:08भूमी समाप्त हो गई थी लेकिन वचन के पके राजबली ने अपना वादा पूरा करते हुए अपना सिर वामन देव
02:15के आगे रख दिया ये देखकर वामन देव बहुत खुश हुए और उन्होंने राजबली को पाताल लोग देने का निश्चे
02:22किया वामन देव ने रा�
02:27जबली पाताल लोक में पहुच गए उमीद करते हो आपको ये कथा पसंदाई होगी फिलाल हमारे इस वीडियो में इतना
02:32ही वीडियो को लाइक शुरेंड चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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