00:05बंगाल की खाडी में पैदा हुआ मौसमी बवंडर अब सीधे भारत के तटिये इलाकों की तरफ बढ़ चुका है
00:11भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने अगले 48 घंटों के लिए अब तक का सबसे बड़ा अलर्ट जारी कर
00:19दिया है
00:1970 किलो मीटर प्रती घंटे की रफ्तार से चलती तूफानी हवाएं लगातार होती मूसलाधार बारिश और समंदर में उठती कई
00:27फैट उंची लहरें
00:28ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और 36 गड़ में कुदरत का कड़ा इम्तिहान शुरू हो चुका है
00:35अगर आप इन राजियों या उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में रहते हैं तो अगले दो से तीन दिन आपके
00:41लिए बेहत समवेदन शील हैं
00:43आईए जानते हैं इस पूरे चक्रवाती सिस्टम और मौसम के बिगडे मिजाज का पूरा लेखा जोखा
00:48सबसे पहले आपको समझाते हैं कि बंगाल की खाड़ी में इस वक्त आखिर क्या स्थिती बनी हुई है
00:54मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार को जो मौसमी सिस्टम कम दबाव के क्षेत्र लो प्रेशर एरिया के रूप में शुरू
01:02हुआ था
01:02वह तेजी से गहरा कर डिप्रेशन बना और अब डीप डिप्रेशन यानि बेहत गहरे कम दबाव के क्षेत्र में तबदील
01:10हो चुका है
01:11अब यहां एक बहुत महत्वपूर्ण जानकारी समझ लीजिए
01:14उत्तरी हिंद महसागर क्षेत्र में बनने वाले अगले चक्रवाती तूफान के लिए अर्णब नाम तय है
01:20बंगाली भाषा में अर्णब का मतलब सागर होता है और यह नाम बांगलादेश की ओर से सूची में शामिल किया
01:27गया था
01:28हाला कि IMD के महानिदेशक डॉक्टर मृत्यून जय महापात्र के आधिकारिक बयान के अनुसार यह मौसमी प्रणाली तट से टकराते
01:36वक्त पूर्ण चक्रवाती तूफान न बनकर एक डीप डिप्रेशन के रूप में ही पार करेगी
01:41लेकिन इसे किसी भी सूरत में कमजोर समझने की भूल मत कीजिए यह डीप डिप्रेशन अपने साथ लगभग 70 किलोमीटर
01:48प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाई और अत्यधिक भारी बारिश लेकर आ रहा है
01:52यह सिस्टम 23 सितंबर की रात विशाखा पत्तनम आंध्र प्रदेश और गोपालपुर ओडिशा के बीच उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिन
02:02ओडिशा तट को पार कर रहा है
02:04इस वक्त इस पूरे सिस्टम का सीधे तोर पर सामना कर रहा है हमारा ओडिशा
02:09राज्य के तटिये और दक्षिनी हिस्सों में सोमवार से ही भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है
02:15हालाद की गंभीरता को देखते हुए ओडिशा सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर युद्ध स्तर की तैयारियां की है
02:21आट बड़े जिलों में शिक्षन संस्थान बंद नबरंगपुर, मलकानगिरी, पूरी, जगत सिंहपुर, गंजाम, गजपती, कोरापुट और खुर्दा जिलों में 24
02:31सितमबर तक सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाडी केंद्र पूरी तरह बंद कर दिये गए हैं
02:37सरकारी कर्मचारियों की छुटियां रद कर दी गई हैं, समुद्र में उतरने पर सक्त पाबंदी, पुरी के समुद्र तटों पर
02:44लाल जण्डे गाड दिये गए हैं, 24 सितमबर तक समुद्र में नहाने या जाने पर पूर्ण प्रतिबंध है, मचुआरों को
02:52समुद्र में �
02:52नहाने की सख्त हिदायत दी गई है, यातायात और फेरी सेवा पर ब्रेक, चिलका जील में सत्पाडा और जनिकुडा के
03:00बीच चलने वाली फेरी सेवा को 25 सितमबर तक रोग दिया गया है, गंजाम और कंधमाल को जोडने वाले कलिंगा
03:08घाट जैसे संकरे रास्तों पर गा�
03:22की आशंका वाली 140 समवेदन शील जगहों पर जैसी बी और अर्थ मूविंग मशीने पहले से लगा दी गई हैं,
03:30मलकान गिरी में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 24 सितमबर को शराब की दुकाने तक बंद करने के आदेश
03:36जारी किये गए हैं, और इशा के अल
03:52मुलुगू, आदिलाबाद, करीम नगर और निजामाबाद जैसे जिलों में 20 सेंटीमीटर से अधिक यानि बेहत भारी बारिश की चेतावनी दी
04:00गई हैं, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवन्त रेडडी ने खुद कमान संभालते हुए ग्रेटर हैदराबाद, साइ�
04:06नगर निगम और आपदा प्रबंधन एजेंसियों HYDRAA को अलर्ट पर रखा है ताकि शहरों में जलभराव न हो और राहतकार्य
04:16तुरंत शुरू किया जा सके। इसके साथ ही 36 गड़ में 23 और 24 सितंबर को मुसलाधार बारिश के चलते
04:23रेडड अलर्ट की स्थिती हैं, वि�
04:35के राजियों की तरफ बढ़ेगा। मौसम विभाग के अनुसार इस सिस्टम का असर मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार के
04:42तराईक शेत्रों और पश्चिम बंगाल के दोआब इलाकों तक देखने को मिलेगा। दारजी लिंग और तीस्ता की पहाड़ियों में
04:50अचानक बांध, फ्लैश फ्लड्स और भूस खलन का बड़ा खत्रा बना हुआ है जिसका प्रभाव सीमावर्ती नेपाल और तिबबत तक
04:57पढ़ सकता है। इसके बाद 25 से 28 सितंबर के दोरान उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर समेत उत्तर भारत
05:05के कई
05:06हिस्सों में गरच चमक, भारी बिजली गिरने, वज्रपात और मूसलाधार बारिश की एक नई पारी शुरू होने जा रही है।
05:13उत्तराखंड में विशेश रूप से 26 से 28 सितंबर तक व्यापक वर्षा का अनुमान जताया गया है। यहां दर्शकों की
05:22जानकारी के लिए �
05:23बता दें कि मौसम विभाग किसी मौसमी सिस्टम को किस तरह वर्गी कृत करता है। इमडी के अनुसार जब हवा
05:29में एक बंद आइसो बार समान दबाव की रेखा बनती है तो उसे कम दबाव का क्षेत्र कहा जाता है।
05:36दो बंद आइसो बार होने पर वह डिप्रेशन और त
05:53इस वक्त का सिस्टम तीन आइसो बार वाला यानी डीप डिप्रेशन है। अगले 48 से 72 घंटे देश के एक
06:00बड़े भूभाग के लिए बेहत समवेदन शील है। स्थानिय प्रशासन की हिदायतों का सकती से पालन करें, तटिये और जलभराव
06:07वाले निचले इलाकों से दू
06:20झालन करें
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