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दिल्ली में जारी Special Intensive Revision (SIR) के दौरान LK Advani, S. Jaishankar और Arvind Kejriwal जैसे VIP दिग्गजों को चुनाव आयोग का नोटिस मिलने से हड़कंप मच गया है। जानिए इस पूरी कार्रवाई के पीछे का तकनीकी सच और क्या इससे आपका वोट भी कट सकता है?

The Election Commission of India has initiated a Special Intensive Revision (SIR) in Delhi to update the draft electoral roll. Over 33 lakh voters, including VIPs like LK Advani, S. Jaishankar, Arvind Kejriwal, and Delhi CM Rekha Gupta, were served notices due to data mismatches and unmapped records linked with the 2002 electoral data. Election officials clarified that notices do not mean deletion of names, ensuring a completely fair, transparent, and verified voter database.

#DelhiSIR #ElectionCommission #LKAdvani #SJaishankar #OneindiaHindi

~PR.250~HT.408~GR.538~VG.HM~

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00:00देश के पूर्व उपर प्रधान मंत्री लाल कृष्ण आडवानी से लेकर विदेश मंत्री एस चैशंकर, पूर्व उपर रश्णपती जगदीब धनकर
00:07अर्विंद केश्रिवाल और दिल्ली के मुख्य मंत्री रेखा गुपता तक
00:10अखर इन बड़े नामों को चुनाव आयोक ने नोटीस क्यों भेज़ा क्या इन निताओं के वोटर रिकॉर्ड में कोई बड़ी
00:17गरबड़ी है
00:17यह अविर मामला कुछ और है ब्रजल दिल्ली में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानि की SIR के दोरान करीब
00:2333 लाख मक्ताताओं के रिकॉर्ड की जहां छो रही है और इसी प्रक्रिया में कई वियाईपीस के नाम आये हैं
00:29लेकिन नोटिस मिलने का मतलब क्या वोट कटना है क्या आप ये वोट नहीं डाल पाएंगे यही पूरा मामला समझने
00:36लायक है चलिए बात करते हैं
00:37ये बात है देश्की राजनीती के सबसे बड़े चहरों की देश्की पूर्व उपर प्रधान मंतरी अलाल कुष्वा अडबानी विदेश्मंतरी रह्जश
00:45शंकर पूर्व उपर राश्वती जगदीब धंखर दिल्ली के पूर्व मुख्या मंतरी अर्विन्द केश्रिवा
00:51मुख्यमंत्री रेखा गुपता, राजी सवासांस, कपल सब्बल और विदीश तो चीव विक्रम मिस्ति जैसे दिगज एक बार फिर एक ही
00:59गतार में खड़ी हैं करण हमने आपको बताया ही कि SIR की तरफ से,
01:27पूरा मामला दिल्ली में मतदाता सूची को लेकर पारदर्शी, स्तिती पैदा करना, सटीक बनाना, मतदाता सूची को पूरी तरह से
01:36और इसी दिये चलाए गए एक अभिहान से जुड़ा, ये मामला आप सुन पार हैं,
01:40दिल्ली के मुक्य निर्वाजन अधिकारी के मुताबि प्रादधानी में करीब 33.13 लाक मतदाताओं को नोटिस जारी करने के लिए
01:47चुनित किया गया, इनमें से कई ऐसे बड़े नाम हैं जिने देखकर हर कोई हैरान रह गया, सवाल ये उड़ता
01:52है कि आकर इतने बड़े ब
02:09साल 2002 में हुआ था, जब 2026 में मतदाता सुची के डेटा को 2002 की पुरानी सुची से डिजिटल रूप
02:17से लिंक किया गया, तो लाक हो लोगों के रिकॉर्ड में अंतर आया, मुक्य निर्वाजन अधिकारी ने साफ किया कि
02:22दो मुक्य वजहों से ये नोटिस जारी हो रहे हैं,
02:24पहली बचा है अन्मैप्ट रिकॉर्ड यानि कि ऐसे मतदाता जिनका मौझूदा रिकॉर्ड 2002 की मतदाता सुची से मैच या लिंक्ड
02:33नहीं है, और दूसी बचा है लॉजिकल डिस्क्रेपैंसी यानि कि डेटा में तार्किक विसंगतियां, जैसे कि उमर नाम की स्पैलिं�
02:51पद या चहरा नहीं देखता, वो सिर्फ डेटा के मिलान पर काम करता है, अब यहीं वज़ा है कि नईदिल्ली
02:57विधानसवाक शित्र में आने वाले लाल कृष्ण आडवानी, उनकी बेटी पतिभा और बहु, गीदी का आडवानी का रिकॉर्ड जब पुरानी
03:03सुची से मै
03:18अडवार का रिकॉर्ड एन्यूमरीशन फॉर्म में जानकारी नहोनी के कारण अटक गया, कुछ मामलों में तो सिर्फ कागसी या तखनी
03:25की विसंगतियां थी, विसंगतियों के बाद ये नोटिस आए, जैसे दिल्ली की मुख्यमंतरी रेखा गुपता को उनकी उमर से जु
03:47पुर्व उपराश्पती जगदीब धनकड और उनकी पत्नी का नाम उनके पते यानिकी उपराश्पती आवास के रिकॉर्ड में आई, विसंगतियों के
03:54वजह से सूची में आ गया, लेकिन इस ख़बर के सामने आते ही, लोग के बन में सवाल भी खड़ा
03:59हो गया, कि क्या इ
04:14उनका तो नाम गया वोटर लिस्स से और वो आगे कभी वोट नहीं डाल पाएंगे, अब आपको बताते चलें कि
04:19नोटिस का मतलब ये नहीं होता कि आपको वोट नहीं देनी दिया जाएगा, नोटिस मिलने का मतलब मद्दादा सूची से
04:25नाम कर जाना है, क्या इस बात में स
04:28चुनाव आयोग ने इस बात पर भी बेहत सक्त और साफ रुखा बनाया, आयोग का कहना है कि नोटिस मिलने
04:33का सीधा सा मतलब सिर्फ इतना है कि आपके डेटा में किसी तरह कि सुधार या पर सत्यापन की जरुत
04:39है, इसका ये मतलब बिलकुल नहीं हो जाता कि कि किसी का नाम
04:41अधादा सूची से हटाया जा रहा है, आयोग ने पूरी विवस्था को बहुत आसान और पारदर्शी बनाया, जिससे किसी भी
04:48व्यक्ति को अब अपनी कोई भी संगती दूर करने के लिए तमा विकल्प मिलेंगे, जिस भी व्यक्ति को ऐसा नोटिस
04:55मिला, वो अपने संबं
05:08मौका दिया जाएगा और बिना मौका दिये कानून के तहत उचित आदेश पारित किये बिना, उसका नाम मतदाता सूची से
05:15कताई नहीं हटाया जाएगा, अब इस पूरी कारवाई ने एक बात तो साफ कर दी कि जब बात देश के
05:19चुनावी सिस्टम को साफ सुतरा बनाने क
05:22आती है, तो नियम कानून के सामने वी आईपी कल्चर नहीं चलता, ये वी आईपी कल्चर पूरी तरह से द्वस्त
05:27हो जाता है, और ये पूरी कवाया किसी को परिशान करने के लिए नहीं, बल्कि ये सुनिश्चित करने के लिए
05:32है कि भारत के लोकतंतर की बुनियाद, यान
05:47अपने कागस को सत्यापित करना होगा और जाहिर तोर पर ये उसका एक बहतरीन उदहरण है अब भारते निवाजन आयों
05:55के निश्पक्ष और मजबूत सिस्टम की ये एक शांदा मिसाल भी पेश करता है क्या आपके पास भी विसंगतियां दूर
06:03करने का कोई भी संदेश आया
06:05है आपके मन में कोई सवाल भी अगर भी मौझूद है तो कॉमेंट बॉक्स आपके लिए ही है अपनी टिपपणी
06:10अपनी राय वहाँ ज़रूर छोड़िएगा आपके लिए आपके सवालों से जुड़ा एक और वीडियो बनाएंगे तमाम जानकारी अपडेट्स राजनति
06:29अपेगी अपनी एपनी ज़रू झेस देसेझ लिए। घव भी मौझू झेसे अपके सवालों से लिए-टोर.
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