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US 100% Tariff Threat: अमेरिकी कांग्रेस के फैसले के बाद क्या भारत पर लगेगा 100% टैरिफ? जानिए विदेश मंत्रालय का करारा जवाब और इस पूरे विवाद की इनसाइड स्टोरी! अमेरिकी संसद (House of Representatives) ने 'Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026' पास कर दिया है, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार देता है।
इस पूरे तनाव की मुख्य वजह भारत द्वारा रूस से किया जा रहा कच्चे तेल का आयात है। अमेरिका लगातार भारत पर रूसी ऊर्जा निर्भरता कम करने का दबाव बना रहा है। हालांकि, भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि 140 करोड़ देशवासियों की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और वह बाजार स्थितियों के अनुसार तेल खरीद जारी रखेगा। विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि अमेरिका का यह कदम दोनों देशों के द्विपक्षीय और व्यापारिक संबंधों को प्रभावित कर सकता है।

अमेरिका और भारत के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील पर लंबे समय से बातचीत जारी है, लेकिन सोलर सेल/पैनल पर नई एंटी-डंपिंग ड्यूटी और रूसी तेल पर नए अमेरिकी कानूनों ने मामले को उलझा दिया है। भारत के लिए अमेरिका 86.5 अरब डॉलर का बड़ा निर्यात बाजार है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या ट्रंप प्रशासन भारत पर 100% अतिरिक्त टैरिफ का फैसला लागू करेगा या दोनों देश कूटनीतिक रास्ते से इस संकट का हल निकालेंगे। देखिए यह खास रिपोर्ट।

About the Story:
The US House of Representatives has passed the Sanctioning Russia and Iran Act of 2026, empowering President Donald Trump to impose up to 100% tariffs on countries importing Russian oil, including India. In response, India's Ministry of External Affairs reaffirmed that national energy security remains paramount and New Delhi will take all necessary measures to protect its economic interests.

#TrumpTariff #IndiaUSRelations #RussianOil #DonaldTrump

~PR.514~HT.408~ED.104~GR.506~VG.HM~

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Transcript
00:06अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ को लेकर एक बार फिर तनाव बढ़ चुका है
00:10मामला सिर्फ आयात मिर्यात शुर्प का नहीं है बलकि अब इसका सीधा संबंद
00:14रूस से भारत की तेल खरीद भारत अमेरिका ट्रेड डी और दोनों देशों के रणनेते करिश्टों से जूड़ गया है
00:21ताजा घटना क्रम में अमेरिकी कॉंग्रिस ने ऐसा कानून पास किया है
00:25जो राष्टपती डॉनल्ड ट्रम्प को रूस से तेल खरीदने और गयस खरीदने वाले देशों पर 150 तक अतरिक्त टैरिफ लगाने
00:33का अधिकार देता है
00:33अलाकि ये कानून अपने आप भारत पर 150 टैरिफ लागू नहीं करता बलकि ट्रम्प को ऐसा करने का अधिकार देता
00:41है
00:41अब नजर इस बात पर है कि अमेरिकी राष्टपती इस अधिकार का इस्तेमाल भारत के खिलाफ किस तरीके से करते
00:47है
00:47इस पूरे विवात की सबसे बड़ी वजह है भारत का रूसी कच्चा तील खरीदना
00:52अमेरिका लब्पे समय से भारत पर रूस से उज़ा खरीद कम गरने का धबाब बना रहा है
00:58भारत की दलील है कि उसकी उज़ा जरूरते बहुत बड़ी है और तेल की खरीद उसके राष्ट्रहित और उज़ा सुरक्षा
01:05से जुड़ी है
01:0617 सेतंबर को विदेश मंत्राले ने कहा कि ऐसे अमेरिकी कदमों का भारत अमेरिका संबंधों पर असर पड़ रहा है
01:13साथ ही भारत ने संकेत दिया है कि वो अपनी उज़ा सुरक्षा से समझ होता नहीं करेगा और भारत शुरू
01:20से ऐसा कहता आया है
01:21अब अगर पूरे टैरिफ विवाद की टाइम लाइन देखें तो तस्वीर और साफ होती है
01:252025 में अमेरिका ने भारत तीय सामान पर पहले 25 फीसिती टैरिफ लगाया
01:30पिरूसी तेल खरीदने के मुद्दे को लेकर इसे बढ़ा कर 50 फीसिती तक कर दिया था
01:35फरवरी 2026 में दोनों देशों के बीच एक समझ बने जिसके तहत अमेरिकी टैरिफ को 18 फीसिती तक लाने की
01:43बात सामने आई
01:43लेकिन व्यापक भारत अमेरिका ट्रेड एग्रिमेंट अभी तक पूरी तरह लागू नहीं हुआ है
01:49और दोनों देशों के बीच, दोनों फक्षों के बीच बात्चीत जारी है
01:53दिल्चास बात ये है कि सितंबर की शुरुआत में भारत के वाणिजू सचिव ने कहा था
01:58कि भारत अमेरिका ट्रेड डील काफी हद तक अंतिम रूप ले चुटी है
02:03और अब इसे लागू करने के लिए जरूरी ढार्ची पर काम किया जा रहा है
02:07लेकिन इसके बीच रूस पर अमेरिकी प्रतिबंद और टैरिफ की नई ववस्था ने बार्चित को फिर जटेल बना दिया है
02:13इसके अलावा अमेरिका ने भारतिया सोलर सेल और पैनल पर भी नई ड्यूटी तै की है
02:18अमेरिकी बारे जबी भाग ने 11 सितंबर को भारत समेथ कुछ देशों से आने वाले सोलर उत्पादों पर एंटी डंपेंग
02:25और काउंटर वेलिंग ड्यूटी को अंति ब्रूप दिया
02:28अमेरिका का आरोप है कि इन उत्पादों की कीमतों और सरकारी सबसीडी से अमेरिके निर्माताओं को नुकसान हो रहा है
02:35वही भारत के लिए अमेरिका बेहत महिट अपून बाजार है
02:382025-2026 में अमेरिका को भारत का माल निर्याद करीब बें 86.5 अरब डॉलर रहा
02:45ऐसे में अगर अतिरिक्त टैरिफ बढ़ता है तो भारती निर्याता कासकर उन सेक्टरों के लिए चुनोती बढ़ सकती है
02:51जिनके उत्पाद अमेरिकी बाजार पर ज्यादा निर्फर है
02:54हलाकि तस्वीर का दूसरा पहलू भी है
02:56भारत ने अमेरिकी दबाब के बीच दूसरे देशों के साथ व्यापार समझोतों को आगे बढ़ाने के कोशिश तेज की
03:02सरकार के लिए ये चुनोती है कि एक तरफ अमेरिकी बाजार में पहुँच बनी रहे
03:07और दूसरी तरफ उजा सुरक्षा और रोज से व्यापार को लेकर अपनी रणेतिक जरूतों को भी सुरक्षित रखा जाए
03:13फिलाल सबसे बड़ा सवाल यही है
03:15क्या अमेरिका भारत पर सौफीस्ती तक नया टैरिफ लगाएगा
03:19या दोनों देशों के बीच बाजचीत के जरीए कोई रास्ता निकल पाएगा
03:23कॉंग्रेस से कानून पास होने के बाद गेंद अब पूरी तरह ट्रम्प प्रशासन के पालें है
03:29वहीं भारत साफ कर चुका है कि रूस से तेल खरीद और देश की उर्जा सुरक्षा के मुद्ध वे अपने
03:35हितों को प्राथ्मक्ता देगा
03:36और आने वाले जिनों में भारत अमेरिका ट्रेड बाचीत और अमेरिकी ट्यारिप ने दी दोनों पर पुरी दुनिया की नसर
03:43रहे
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